Surajkund swing accident : पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने फरीदाबाद में चल रहे 39वे सूरजकुंड शिल्प मेले में शनिवार को हुए हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त सूरजकुंड मेले में ऐसा हादसे होने से इस मेले और हरियाणा की प्रतिष्ठा को ना सिर्फ देश में, बल्कि विश्व स्तर पर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हादसे से हरियाणा की छवि को हुए नुकसान के लिए हरियाणा का पर्यटन विभाग जिम्मेदार है। मेले में 50 देशों के 700 से ज्यादा शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं और देश-विदेश से पर्यटक आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में हुई दुर्घटना पर दुख जताया
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में हुई दुर्घटना पर दुख जताया है। हादसे में मारे गए पुलिसकर्मी जगदीश प्रसाद के प्रति मुख्यमंत्री ने संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा है। इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पलवल के थाना चांदहट में तैनात थे। पुलिस कर्मी के परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने घायलों के स्वास्थ्य की उपचार की स्थिति की समीक्षा की है। अस्पताल में भर्ती 8 घायलों में से 4 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं जबकि 4 का इलाज अभी जारी है। सभी घायलों को सरकार की तरफ से एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। वहीं सीएम नायब सैनी ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो इसके लिए अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
'हथकरघा कारीगरों के काम की अनदेखी होती है'
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सूरजकुंड का अंतर्राष्ट्रीय मेला हाथ से सामान बनाने वाले देश-दुनिया के उम्दा कलाकारों को एक शानदार प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाता है। इस मेले में देश विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं और शिल्पकारों व कलाकारों के बनाए सामान को देखते और खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पर्यटन विभाग ने पिछले कुछ वर्षों से इस मेले को कमाई का जरिया बना लिया है और इसमें एडवेंचर के नाम पर असुरक्षित झूले लगाने की इजाजत दी जा रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऐसे झूलों की तरफ पर्यटक आकर्षित होते हैं और हथकरघा कारीगरों के काम की अनदेखी होती है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेले में ये झूले गैरजरूरी और कारीगरों की अनदेखी करवाने वाला कदम है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इन झूलों को लगाने की इजाजत देने वाली नीति को बंद किया जाना चाहिए।