RSS Chief Mohan Bhagwat Statement: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जाति आधारित आरक्षण जरूरत तक जारी रहना चाहिए और इसे सद्भाव से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने वोट बैंक की राजनीति की आलोचना की और सामाजिक एकता पर जोर दिया। एआई और तकनीक का उपयोग रोजगार बढ़ाने के लिए करने की बात कही। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने जाति आधारित आरक्षण का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जाति आधारित आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए जब तक जरूरत हो। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुंबई में एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा कि जाति आधारित आरक्षण के मसले को गुडविल से सुलझाया जाना चाहिए।
'हमें आपस में नहीं लड़ना चाहिए, मुश्किल समय में हमें टूटना नहीं चाहिए'
हमें आपस में नहीं लड़ना चाहिए। मुश्किल समय में हमें टूटना नहीं चाहिए। हमें समझदारी से आगे बढ़ना चाहिए। समाज को एकता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनेता सत्ता पाने के लिए कहते हैं, मैं ब्राह्मण हूं, मुझे वोट दो, वे वोट-बैंकर हैं। इसका समाधान गुडविल के साथ आगे बढ़ने में है। राजनेता वोटवादी हैं। रोजगार और प्रौद्योगिकी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की आबादी बहुत बड़ी है और उसे ऐसी तकनीकों की जरूरत है जो अधिक नौकरियां पैदा करें। एआई का विरोध न करते हुए उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल इस तरह से किया जाना चाहिए जिससे रोजगार पैदा हो। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान बड़े पैमाने पर उत्पादन के बजाय जनता द्वारा उत्पादन पर होना चाहिए। अगर एक तरह का उत्पादन हजारों जगहों पर होता है तो यह हमारे देश में सस्ता हो जाएगा। तब प्रतिस्पर्धा कीमत पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर आधारित होगी और अगर हम उच्च-गुणवत्ता वाले सामान बनाते हैं तो हमारे उत्पादों की मांग विदेशों में भी बढ़ेगी। ऐसा ही होना चाहिए और अधिक लोगों को रोजगार मिलना चाहिए।
'किसी संप्रदाय की संख्या बढ़ाने के लिए बल, प्रलोभन या धोखे का इस्तेमाल करना निंदनीय'
भागवत ने कहा कि लोगों का धर्म परिवर्तन कराने और किसी संप्रदाय की संख्या बढ़ाने के लिए बल, प्रलोभन या धोखे का इस्तेमाल करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने मूल धर्म में लौटना चाहते हैं, उनके लिए घर वापसी का प्रावधान है। जनसंख्या असंतुलन पर भागवत ने कहा कि पिछली सरकारों ने देश में बढ़ती जनसंख्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। जनसंख्या में बदलाव के पीछे मुख्य कारण जन्म दर और अवैध घुसपैठ है। अब जब सरकार ने इस दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है तो उसे सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोध से पता चलता है कि हमारे परिवार में तीन बच्चे होने चाहिए, लेकिन यह पसंद का मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब कमजोर देश नहीं है। जो लोग भारत को तोड़ने की कोशिश करेंगे, वे खुद ही टूट जाएंगे।