Pakistan News: भारत में हुए CJP प्रोटेस्ट के बाद अब पाकिस्तान में भी 'कॉकरोच पार्टी' बन गई है। इसे हाल ही में लॉन्च किया गया है। इसके इंस्टाग्राम पेज पर 1.12 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं। यह भ्रष्टाचार और जमे-जमाए राजनीतिक रसूखदारों के खिलाफ युवाओं का आंदोलन बताया जा रहा है। इस ग्रुप का कहना है कि पाकिस्तान वहां के लोगों का है, न कि भ्रष्ट माफिया का। वे पारदर्शी शासन और लोकतांत्रिक बदलाव की मांग कर रहे हैं।
पाकिस्तान की सरकार में भी इसका खौफ दिखाई देने लगा है। गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने आशंका जताई है कि अगर सिस्टम ठीक नहीं हुआ, तो ये 'कॉकरोच' सबकुछ बदल सकते हैं।
मोहसिन नकवी ने अपनी ही सरकार को अलर्ट करते हुए कहा, "आप इन्हें यूथ कहें, कॉकरोच कहें या कुछ भी कहें। अगर वे एक हो जाएं, तो सबकुछ उलट-पुलट सकता है।"
पाकिस्तान में राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ आर्थिक हालात भी बेहद खराब हैं। देश कमजोर अर्थव्यवस्था, बढ़ते कर्ज, हिंसा और बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने हाल ही में इन चुनौतियों का जिक्र करते हुए देश की आर्थिक नाकामियों को भी खुलकर स्वीकार किया।
नकवी बोले- अगर कॉकरोच एक साथ आ जाएं...
उन्होंने कहा, "अगर ये कॉकरोच एक साथ आ जाएं, तो वे सबकुछ पलट सकते हैं। वे चाहते हैं कि सिस्टम ठीक से काम करे। वे न्याय, मेरिट, नौकरी के मौके और सरकारी नौकरियों तक समान पहुंच चाहते हैं। हम अपने युवाओं को यह सब नहीं दे पाए हैं। उन्हें युवा कहें, कॉकरोच कहें या कुछ भी कहें। अगर वे एकजुट हो जाएं, तो सबकुछ बदल सकता है।"
"हमें युवाओं की उम्मीदों को पूरा करना है"
नकवी ने अपनी ही सरकार को आगाह करते हुए कहा कि इससे पहले 'कॉकरोच' भड़कें, हमें उनकी उम्मीदों को पूरा करना होगा। उनकी मांगें आसान हैं। मेरिट के आधार पर नौकरियां और रोजगार के बेहतर अवसर। हमें इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
नकवी ने अंदेशा जताया कि पाकिस्तान में 'कॉकरोच' जैसा विद्रोह हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम अपने युवाओं को वह नहीं दे पा रहे हैं, जिसकी उन्हें जरूरत है।
गृहमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर माना कि पाकिस्तान की मौजूदा शासन व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि देश का 70 साल पुराना प्रशासनिक ढांचा नाकाम साबित हुआ है और इसमें व्यापक बदलाव की जरूरत है। नकवी ने ये सभी बातें इकोनॉमिस्ट समिट में कहीं। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि "प्रधानमंत्री घंटों काम करें, तब भी बिना सिस्टम रीसेट किए स्थायी सुधार संभव नहीं है।"