RBI MPC MEET 2026: RBI की मौद्रिक नीति समिति ने द्विमासिक नीति पर मंथन पूरा कर लिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नीतिगत दरों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ब्याज दरों को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया गया है। वहीं नीतिगत दरों के एलान के बाद घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 300 से अधिक अंक टूटकर 83,003 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 121.55 अंक टूटा 25600 अंक के नीचे आ गए।
वित्तीय बाजारों को गहराई देने के कदम उठाए जाएंगे
आरबीआई ग्राहक संरक्षण को मजबूत करने, वित्तीय समावेशन का दायरा बढ़ाने और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) व शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए कारोबार को आसान बनाने के उद्देश्य से नई नियामकीय पहलों को आगे बढ़ाने जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि आगामी सुधारों का फोकस ग्राहक सुरक्षा, उन्नत वित्तीय समावेशन और यूज़-बेस्ड रेगुलेशन पर होगा। इसके तहत UCBs के संचालन को अधिक सुगम बनाने, NBFCs के कारोबारी माहौल में सुधार और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ वित्तीय बाजारों को गहराई देने के कदम उठाए जाएंगे। RBI ने बताया कि इस दिशा में तीन अलग-अलग क्षेत्रों को कवर करने वाले तीन मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिन पर हितधारकों से सुझाव मांगे जाएंगे।
महंगाई पर आरबीआई आश्वस्त, वित्त वर्ष 2026 में सीपीआई 2.1% रहने का अनुमान
आरबीआई का महंगाई को लेकर आकलन फिलहाल सहज बना हुआ है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई यानी खुदरा मंहगाई 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। तिमाही आधार पर अनुमान साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1) में खुदरा महंगाई 4 प्रतिशत और दूसरी तिमाही (Q2) में 4.2 प्रतिशत रह सकती है। वहीं, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के लिए महंगाई 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि अल्पकाल में कीमतों में कुछ मजबूती आ सकती है, लेकिन कुल मिलाकर महंगाई RBI की सहनशीलता सीमा के भीतर बनी रहने की संभावना है। गवर्नर ने यह भी रेखांकित किया कि बुनियादी महंगाई दबाव अभी कमजोर हैं। केवल कीमती धातुओं के मामले में वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते कुछ अस्थिरता देखी जा रही है, जबकि अन्य अधिकांश श्रेणियों में कीमतों का रुझान स्थिर और प्रबंधनीय बना हुआ है। आगे की राह को लेकर रिजर्व बैंक ने कहा कि नए आंकड़ों के उपलब्ध होने के बाद अप्रैल में होने वाली अगली मौद्रिक नीति बैठक में पूरे साल के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान पेश किया जाएगा।