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  • हिमाचल: कुल्लू में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

    हिमाचल: कुल्लू में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

     

    हिमाचल के कुल्लू जिले की पर्यटन नगरी मनाली में पुलिस ने सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि गुजरात और लुधियाना की दो युवतियों को रेस्क्यू किया है। पुलिस ने मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मंगलवार देररात को पुलिस ने मनाली के साथ लगते अलेऊ में एक होटल में छापा मारा। जहां सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में पांच लोगों को पकड़ा।

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि 8 हजार रुपये में एक लड़की का एक रात का सौदा तय हुआ था। दो लड़कियों का सौदा 16 हजार रुपये में होता था। पुलिस ने इस राशि को मुख्य आरोपी से कब्जे में लिया है। वहीं, एक कार भी बरामद की गई है।

    मामले में सभी लोग बाहरी राज्यों के बताए जा रहे हैं। एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच करने में जुटी है। आरोपियों को जल्द कोर्ट में पेश किया जाएगा। मनाली में सेक्स रैकेट का यह तीसरा मामला है। इससे पहले दो सेक्स रैकेट पकड़े जा चुके हैं।

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  • हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को करीब दो दशक बाद मिलेगा नया अध्यक्ष

    हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को करीब दो दशक बाद मिलेगा नया अध्यक्ष

     

    हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को करीब दो दशक बाद नया अध्यक्ष मिलेगा। नए अध्यक्ष के लिए एचपीसीए ने कवायद शुरू कर दी है। चुनाव के लिए एचपीसीए ने 27 सितंबर को विशेष बैठक बुलाई है। बैठक में चुनाव पर सहमति बनी तो एचपीसीए को करीब दो दशक बाद नया अध्यक्ष मिलेगा। इससे पहले केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर करीब 16 साल से एचपीसीए और करीब 18 माह तक बीसीसीआई अध्यक्ष रहे हैं।

    बीसीसीआई में लोढा कमेटी की सिफारिशें लागू होने के बाद साल 2017 में अनुराग को बीसीसीआई और एचपीसीए अध्यक्ष पद से हटना पड़ा था। माना यह भी जा रहा है कि जो भी नया अध्यक्ष बनेगा, वह नया चेहरा होगा और अनुराग ठाकुर की पसंद का होगा। वर्तमान में एचपीसीए के जो भी सदस्य हैं, वे अध्यक्ष बनने के लिए लोढा कमेटी की सिफारिशों के मानक पूरे नहीं करते हैं।

    एचपीसीए का गठन 1960 में हुआ था, लेकिन सितंबर 1984 में इसे बीसीसीआई से संबद्धता मिली थी। संबद्धता के बाद करीब 16 सालों तक एचपीसीए को माइनर माना जाता रहा, लेकिन दो जुलाई, 2000 में अनुराग ठाकुर ने एचपीसीए के चौथे अध्यक्ष के रूप में बागडोर संभाली। एचपीसीए को 19 मार्च, 2002 को धर्मशाला में 16 एकड़ जमीन क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए सरकार ने लीज दी। स्टेडियम बनने के बाद धर्मशाला स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमक गया।

     

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  • हिमाचल सरकार करवाएंगी पंडित दीनदयाल और डॉ. वाईएस परमार योजना का किसानों का सर्वे

    हिमाचल सरकार करवाएंगी पंडित दीनदयाल और डॉ. वाईएस परमार योजना का किसानों का सर्वे

     

    करीब 12 साल में पंडित दीनदयाल और डॉ. वाईएस परमार योजना से किसानों की आर्थिकी का सरकार ऑडिट करवाएगी। पॉलीहाउस लगाने के लिए सरकार की चलाई इन दोनों योजनाओं की समीक्षा होगी। इससे पहले किसानों के पॉलीहाउस का सर्वे होगा। वैज्ञानिक आधार पर होने वाले इस सर्वे में जहां किसानों को मिले लाभ का पता चलेगा, वहीं पॉलीहाउस क्षतिग्रस्त होने या अन्य कारणों से इसमें किसानों को सफलता न मिलने के कारणों की भी जांच होगी।

    प्रदेश में किसानों के पॉलीहाउस का सर्वे करने के लिए कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर को जिम्मा सौंपा गया है। कृषि विवि पालमपुर के कुलपति प्रो. अशोक सरियाल ने बताया कि पॉलीहाउस के आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर कृषि विवि को 37.75 लाख का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ है।

    पूर्व धूमल सरकार ने भी पंडित दीन दयाल उपाध्याय बागवान के नाम से पॉलीहाउस लगाने की योजना शुरू की थी। उसके बाद पूर्व कांग्रेस सरकार ने डॉ. वाईएस परमार किसान स्वरोजगार योजना शुरू की। योजना में पॉलीहाउस लगाने के लिए किसानों को 80 से 85 फीसदी तक अनुदान दिया गया।

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  • CM जयराम ठाकुर ने किया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सेवा संकल्प का शुभारंभ, साथ ही लोगों से की ये अपील

    CM जयराम ठाकुर ने किया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सेवा संकल्प का शुभारंभ, साथ ही लोगों से की ये अपील

     

    हिमाचल में बहुप्रतीक्षित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सेवा संकल्प नाम से सोमवार को लोकार्पण कर दिया गया। इस हेल्पलाइन का शुभारंभ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आम लोगों से भी अपील की कि लोग 1100 नंबर पर शिकायत करें। उनकी समस्या का इस पर समाधान होगा। इस नंबर पर की गई शिकायत को अधिकारी भी हल्के में नहीं ले पाएंगे। इसके लिए उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस हेल्पलाइन के लोकार्पण अवसर पर प्रदेश के सभी मंत्रियों और प्रमुख अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि टोल फ्री नंबर 1100 हिमाचल के हर घर में हो।  मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अब तक सबसे अच्छी हेल्पलाइन मध्य प्रदेश की है, लेकिन अब हिमाचल की हेल्पलाइन सबसे बेहतर होगी। बाहरी प्रदेशों के लोग भी हिमाचल आकर इस बारे में सीखेंगे।

    अब हमारी यह सुनिश्चित जिम्मेदारी है कि इस काम को ठीक से करें। अधिकारियों की जिम्मेदारी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। अब शिकायतों के लंबित रहने की कोई गुंजाइश नहीं होगी। इसमें चार स्तरों तक शिकायतों का निवारण होगा। लोग 1100 नंबर को चेक करने के लिए फोन करेंगे। हमारी टीम इसे प्रभावपूर्ण तरीके से लागू करे। सीएम जयराम ठाकुर बोले, एक महीने के भीतर यहां आपके साथ बैठकर देखूंगा कि लोग क्या सोचते हैं और क्या चाहते हैं। रोजाना जो भी सुझाव आएं, उनमें से कुछ चीजों को रोजाना नोट करें। 

     

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  • हिमाचल के ऊना में खनन माफिया पर पुलिस ने की कार्रवाई, मचा हड़कंप

    हिमाचल के ऊना में खनन माफिया पर पुलिस ने की कार्रवाई, मचा हड़कंप

     

    हिमाचल के ऊना में खनन माफिया पर पुलिस की कार्रवाई जा रही है। हरोली और स्वां नदी में अवैध खनन कर रहे रेत से भरे 5 टिप्पर पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। पुलिस खनन माफिया पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। छापों से खनन माफिया में हड़कंप मच गया है।

    गौरतलब है कि गुरुवार रात करीब 11 बजे उद्योग मंत्री पुलिस टीम को लेकर स्वां नदी में हो रहे अवैध खनन की टोह लेने पहुंच गए थे। कार्रवाई के दौरान बसाल से लेकर बाथू तक माइनिंग लीज और क्रशरों पर छापे मारे गए थे। खनन करने पर सात ओवरलोड वाहनों के चालान भी किए गए थे।

    इनमें पांच टिपर, एक ट्रैक्टर और एक जेसीबी का चालान काट कर करीब 80 हजार रुपये की राशि वसूल की गई थी। स्वां नदी से लगते बसाल, पुराना होशियारपुर रोड, टाहलीवाल, संतोषगढ़ तथा बाथू इलाके में खनन माफिया के ठिकानों पर दबिश के दौरान रेत से लोड किए टिपर कब्जे में लिए गए थे। उद्योग मंत्री ने खनन विभाग के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे।

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  • नया मोटर व्हीकल एक्ट हिमाचल में विधानसभा उपचुनाव के बाद होगा लागू

    नया मोटर व्हीकल एक्ट हिमाचल में विधानसभा उपचुनाव के बाद होगा लागू

     

    हिमाचल में मोटर व्हीकल एक्ट 2019 विधानसभा उपचुनाव के बाद ही लागू होगा। धर्मशाला और पच्छाद उपचुनाव के चलते प्रदेश सरकार जनता पर बोझ नहीं डालना चाहती है। परिवहन विभाग ने मोटर व्हीकल एक्ट 2019 को लागू करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया था।

    इसमें नियमों के उल्लंघन पर केंद्र की ओर से तय जुर्माने में डेढ़ गुना  बढ़ोतरी का प्रस्ताव सरकार को भेजा था, लेकिन विधि विभाग ने आपत्तियां लगाकर इसे लौटा दिया है।  मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के नए नियम के मुताबिक नाबालिग के गाड़ी चलाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और गाड़ी का पंजीकरण रद्द होगा। बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने पर 500 से 1500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है, जबकि पहले यह जुर्माना 100 से 300 रुपये तक वसूला जाता था।

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू करने में जल्दबाजी नहीं करेंगे। नए एक्ट को लेकर केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के दिए बयान के बाद सीएम ने प्रदेश में एक्ट लागू करने पर स्थिति स्पष्ट की है। ऊना जिले के हरोली पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार नए एक्ट का पूरा अध्ययन कर रही है, उसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा।

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  • हिमाचल: प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई, इंडियन टेक्नोमेक कंपनी की 288 करोड़ की संपत्ति जब्त

    हिमाचल: प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई, इंडियन टेक्नोमेक कंपनी की 288 करोड़ की संपत्ति जब्त

     

    6 हजार करोड़ रुपये के प्रदेश के सबसे बड़े कर-कर्ज घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इंडियन टेक्नोमेक कंपनी की 288.91 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। यह कार्रवाई 17 बैंकों के 1600 करोड़ रुपये का कर्ज न लौटाने पर की गई है। इंडियन टेक्नोमेक कंपनी और इसके प्रोमोटर की 288.91 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की गई है। इसमें कंपनी की सिरमौर के पांवटा साहिब के प्लांट, मशीनरी, भूमि, बिल्डिंग और कृषि योग्य भूमि शामिल है।

    मुख्य आरोपित राकेश कुमार की दिल्ली के महरौली की जमीन। निदेशक रहे हिमाचल के विनय कुमार शर्मा की पांवटा के डामोर माजरी मरपुर की प्रॉपर्टी भी शामिल है। ईडी ने शुरुआती जांच में पाया कि कंपनी ने बैंकों के साथ फ्रॉड किया। कर्ज तो करीब 1600 करोड़ का लिया, लेकिन चुकाया नहीं। यह पैसा एनपीए घोषित करना पड़ा। अब यह पैसा ब्याज समेत दो हजार करोड़ से अधिक हो गया है।

    इसी संबंध में ईडी ने प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की है। ऐसा हिमाचल सीआइडी में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर किया है। मुख्य आरोपित दिल्ली निवासी राकेश शर्मा भगौड़ा घोषित हो चुका है। उसे रेड कॉर्नर नोटिस भेजा गया है। ईडी के अलावा हिमाचल की सीआइडी ने भी कर्ज घोटाले की जांच की है। दो चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो गई हैं।

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  • हिमाचल के 27वें राज्यपाल के रूप में बंडारू दत्तात्रेय ने ली शपथ

    हिमाचल के 27वें राज्यपाल के रूप में बंडारू दत्तात्रेय ने ली शपथ

     

    हिमाचल के 27वें राज्यपाल के रुप में बंडारू दत्तात्रेय ने बुधवार को शपथ ग्रहण की। प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की गैर मौजूदगी में न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने बंडारू दत्तात्रेय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में सीएम जयराम समेत कई गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

    बता दें कलराज मिश्र को राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद बंडारू दत्तात्रेय हिमाचल के राज्यपाल बनाए गए हैं। दत्तात्रेय मंगलवार को अपने परिवार के साथ शिमला पहुंचे हैं।

    शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, हिमाचल हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीशों समेत प्रदेश के करीब 100 मेहमान कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, प्रदेश के बाहर से करीब 200 मेहमानों के पहुंचे हैं।

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  • हिमाचल: चंबा में एक बार फिर भूकंप के झटके, नहीं हुआ जानमाल का नुकसान

    हिमाचल: चंबा में एक बार फिर भूकंप के झटके, नहीं हुआ जानमाल का नुकसान

     

    हिमाचल प्रदेश भूकंप के झटकों से हिल गया है। बीते दिनों से लगातार झटके महसूस किए जा रहे हैं। जिला चंबा में रविवार को दो झटकों के बाद सोमवार को एक घंटे के बीच तीन बार धरती हिली और रात को चौथी बार भूकंप आ गया। रात को 9.27 बजे चौथी बार धरती हिलने से लोग पूरी तरह से दहशत में आ गए। इस दौरान तीव्रता 3.2 मापी गई।

    भूकंप का केंद्र बिंदु जम्‍मू-कश्‍मीर और चंबा के सीमावर्ती क्षेत्र में रहा। पहला झटका 12:10 बजे महसूस हुआ, जिसकी तीव्रता रिक्‍टर पैमाने पर 5.0 मापी गई है। दूसरा झटका 12.40 बजे इसी केंद्र पर महसूस किया गया, इस दौरान तीव्रता 3.2 रही है। 12.57 बजे तीसरी बार धरती हिली, इस बार सबसे कम 2.7 तीव्रता मापी गई।

    अब तक जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। पहली बार तीव्रता काफी ज्‍यादा होने के कारण पांगी, चंबा और कांगड़ा सहित लाहुल-स्‍पीति जिला में भी झटके महसूस किए गए हैं व लोग घरों से बाहर निकल आए। लगातार आ रहे भूकंप के झटकों के बाद प्रशासन अलर्ट है।

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  • Fssai के नए निर्देश जारी,वस्तु विक्रेताओं को 2 साल में एक दिन का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य

    Fssai के नए निर्देश जारी,वस्तु विक्रेताओं को 2 साल में एक दिन का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य

     

    केंद्र सरकार के भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने सभी प्रदेशों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और विनियमन विभाग को नए निर्देश जारी किए हैं। इसमें सभी खाद्य वस्तु विक्रेताओं को हर दो साल में एक दिन का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य किया है। इस प्रशिक्षण में होटल, ढाबा कारोबारियों को खाद्य सामग्री बनाने के तरीके और साफ-सफाई की व्यवस्था के बारे में बताया जाएगा।

    निजी कंपनियों से प्रशिक्षण के बाद खाद्य वस्तु विक्रेता को कंपनी प्रमाण पत्र और एक किट देगी। प्रशिक्षण देने के लिए मंत्रालय ने हरेक जिले के लिए अलग-अलग कंपनियां चयनित की हैं। इसके लिए होटल, ढाबा संचालकों एवं खाद्य वस्तु विक्रेताओं को 500 रुपये फीस देनी होगी।

    स्वास्थ्य, सुरक्षा और विनियमन विभाग कांगड़ा के सहायक आयुक्त मनजीत सिंह जरयाल ने कहा कि खाद्य वस्तु विक्रेताओं के प्रशिक्षण के बारे में निर्देश मिले हैं। जल्द ही उपमंडल, खंड, नगर, कस्बा स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशालाओं को आयोजन किया जाएगा। इसमें तय कंपनी के प्रतिनिधि विक्रेताओं और संचालकों को प्रशिक्षण देंगे। हिमाचल के 12 जिलों के लिए 11 कंपनियां चयनित की गई हैं। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में एक ही कंपनी कार्यशाला लगाएगी।

     

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  • हिमाचल में आए 2 भूकंप के झटके, प्रशासन हुआ अलर्ट

    हिमाचल में आए 2 भूकंप के झटके, प्रशासन हुआ अलर्ट

     

    हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सुबह-सुबह लगातार दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का पहला झटका सुबह 5:30 बजे आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई। भूकंप के इस झटके का केंद्र चंबा था। फिर करीब ढाई घंटे बाद ही भूकंप का दूसरा झटका सुबह 8:04 पर महसूस किया गया।

    भूकंप का दूसरा झटका पिछले झटके से ज्यादा तेज था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.9 मापी गई। भूकंप के इस झटके का केंद्र जम्मू-कश्मीर और चंबा की सीमा थी। सुबह-सुबह भूकंप के आए इन झटकों से लोगों में दहशत फैल गई।

    पहले और दूसरे झटकों के दौरान दोनों ही बार लोग अपने-अपने घरों से बाहर खुले में निकल गए। कुछ देर बाद लोग फिर अपने-अपने घरों के अंदर चले गए, मगर दहशत व्याप्त है। लगातार आए भूकंप के इन दो झटकों के बाद से प्रशासन भी अलर्ट हो गया है और किसी भी तरह की घटना से निपटने के लिए तैयार है।

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  • हिमाचल: ग्रामीण क्षेत्रों के हर परिवार को नल कनेक्शन देने के लिए 60.53 करोड़ रुपये जारी

    हिमाचल: ग्रामीण क्षेत्रों के हर परिवार को नल कनेक्शन देने के लिए 60.53 करोड़ रुपये जारी

     

    ग्रामीण क्षेत्र में पीने के पानी के नल लगाने को आए बजट का 2 फीसदी खर्च अब गुणवत्ता नियंत्रण पर करना होगा। केंद्र सरकार ने इस बारे में हिमाचल सरकार को निर्देश जारी किए हैं। इसी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के हर परिवार को नल कनेक्शन देने को 60.53 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

    यह बजट इस वित्तीय वर्ष की पहली किश्त के रूप में जारी किया गया है। यह बजट 90:10 के केंद्र और राज्य के शेयरिंग पैट्रन के अनुसार रिलीज हुआ है। इसी के साथ ही केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि प्रदेश इस बजट का पांच फीसदी तक का हिस्सा सहयोग गतिविधियों और दो प्रतिशत भाग जल गुणवत्ता गतिविधियों पर खर्च कर सकेगा।

    यह बजट जल जीवन मिशन के तहत जारी किया गया है। भारत सरकार के अवर सचिव सुनील कुमार ने इस फंड को जारी करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस बारे में हिमाचल सरकार के वित्त, योजना, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य समेत तमाम संबंधित विभागों को भी जारी की गई है। 

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  • हिमाचल में बिना अनुमति और नक्शे के बनाए भवन होगे नियमित, लेकिन करना होगा ये काम

    हिमाचल में बिना अनुमति और नक्शे के बनाए भवन होगे नियमित, लेकिन करना होगा ये काम

     

    हिमाचल में बिना अनुमति और नक्शे के बनाए भवन अब चार गुणा फीस देकर नियमित होंगे। ऐसे भवनों को नियमित करने के लिए पहले तीन गुणा फीस देनी पड़ती थी। इस संबंध में सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। यह व्यवस्था उन भवनों को नियमित करने के लिए की गई है जो नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के नियमों के अनुसार बने हैं, लेकिन उन्हें बनाने की अनुमति नहीं ली गई थी।

    जिन स्थानों में नक्शा पास नहीं करवाया गया और भवन निर्माण निर्धारित नियमों से दस फीसद डेविएशन से अधिक किया गया, उस स्थिति में सामान्य फीस से छह गुणा फीस ली जाएगी। जिन भवनों को नियमित करने के लिए सामान्य तौर पर दस हजार रुपये फीस लगती थी, नई व्यवस्था में नक्शा पास न करवाने पर 40 हजार रुपये और डेविएशन से अधिक निर्माण पर 60 हजार रुपये फीस चुकानी होगी। नई व्यवस्था टीसीपी, नगर निकायों और प्र्लांनग एरिया में लागू होगी।

    वहीं प्रदेश सरकार ने रियल एस्टेट पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव को रेगुलेट अथॉरिटी बनाया है। यह भी व्यवस्था की गई है कि यह जिम्मा सचिव आवास को भी सौंपा जा सकेगा।

     

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  • HIMACHAL: पूर्व CM प्रेम कुमार धूमल का बड़ा बयान, कहा जब विधायक अपने वेतन-भत्ते तय करेंगे तो…

    HIMACHAL: पूर्व CM प्रेम कुमार धूमल का बड़ा बयान, कहा जब विधायक अपने वेतन-भत्ते तय करेंगे तो…

     

    बीजेपी सरकार में दो बार मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल ने जयराम ठाकुर सरकार द्वारा माननीयों के वेतन-भत्तों को बढ़ाने के संदर्भ में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन-भत्ते तय करने के लिए पे-कमीशन होता है, वैसे ही माननीयों के वेतन-भतों का यह अधिकार पे-कमीशन को दिया जाना चाहिए।

    पूर्व सीएम ने यहां तक कहा कि जब स्वयं विधायक अपने वेतन-भत्ते तय करेंगे तो अलोचना स्वाभाविक है। जहां तक ध्यान में केंद्र में संसद ने प्रस्ताव पारित किया है कि वेतन आयोग ही उनके वेतन-भत्ते तय करेगा।

    धूमल ने कहा कि वर्तमान में जब हम आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। इस तरह की बातों से बचना चाहिए। ऐसे में यह भत्ते नहीं बढ़ाए जाते तो ज्यादा बेहतर होता। धूमल ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार कोई विदेश जाता है तो उसको बढ़ा हुआ यात्रा भत्ता मिलेगा। लेकिन लोगों में गलत धारणा आ गई है कि माननीयों ने वेतन, भत्ते, पेंशन और पता नहीं क्या-क्या बढ़ा लिया है।

    सरकार को जनभावनाओं से अवगत रहना चाहिए। लोकराज लोकलाज से ही चलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार सही स्थिति सबके सामने लाएगी। बता दें कि मानसून सत्र में जयराम सरकार ने विधायकों व मंत्रियों के भत्ते बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया है।

    जिसकी गत दिवस सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। प्रदेश के 68 विधायकों में से केवल माकपा विधायक राकेश सिंघा ने माननीययों का भत्ता बढ़ाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वह बढ़ी हुई धनराशि नहीं लेंगे।

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  • हिमाचल सीएम जयराम ठाकुर फंसे निजी होटल की लिफ्ट,अटकी रही बाहर वालों की सांस

    हिमाचल सीएम जयराम ठाकुर फंसे निजी होटल की लिफ्ट,अटकी रही बाहर वालों की सांस

     

    विधायक, कैबिनेट मंत्री सहित सीएम जयराम ठाकुर एक निजी होटल की लिफ्ट में फंस गए। मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले का है। जानकारी के अनुसार, पालमपुर में यामिनी होटल की लिफ़्ट में CM जयराम ठाकुर, कैबिनेट मंत्री विपिन सिंह परमार और विधायक राकेश पठानियां के साथ फंस गए थे।

    इस दौरान वह पांच मिनट तक होटल में फंसे रहे। सीएम के साथ शांता कुमार भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि लिफ्ट में भार अधिक होने की वजह से यह वाकया पेश आया है। कुछ देर तक लिफ्ट न खुलने से सुरक्षा कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए थे।

    जानकारी के मुताबिक, लिफ्ट में बढ़ने के बाद इसे कड़ी मशक्कत के बाद खोला गया। इस दौरान 5 से 7 मिनट तक अव्यवस्था का आलम रहा। पालमपुर गए थे सीएम जयराम ठाकुर दो दिन के कांगड़ा दौरे पर थे। सोमवार को धर्मशाला के बाद मंगलवार को सीएम पालमपुर में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता शांता कुमार से मिलने गए थे।

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