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  • हिमाचल छात्रवृत्ति घोटाला:CBI ने एक बार फिर की ऊना में दबिश, बैंक अधिकारियों से की पूछताछ

    हिमाचल छात्रवृत्ति घोटाला:CBI ने एक बार फिर की ऊना में दबिश, बैंक अधिकारियों से की पूछताछ

     

    छात्रवृत्ति घोटाले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बार फिर ऊना में दबिश दी है। इस दौरान सीबीआई की टीम ने निजी विवि प्रबंधकों से पूछताछ की है। साथ ही टीम ने घोटाले से संबंधित बैंकों के अधिकारियों से भी लंबी पूछताछ की। सीबीआई की गुरुवार देर शाम को यहां पहुंची। सीबीआई ने बैंक प्रबंधकों से पूरे मामले को लेकर लंबी पूछताछ चल रही है।

    इसमें करोड़ों के घोटाले को लेकर सवाल जवाब किए गए हैं। जांच में पता चला है कि विवि के करीब 42 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति को गैरकानूनी तरीके से हड़प लिया गया है। इसको लेकर विवि में एडमिशन के समय पर भी बैंक अकाउंट से संबंधित दस्तावेजों को भी भरवा लिया गया था। इसके बाद सरकार से छात्रवृत्ति की रकम आने पर उसे इन्हीं वाउचरों का इस्तेमाल कर निकाल लिया गया।

    विवि में जांच के दौरान बैंक से संबंधित वाउचर और फार्म भी मिले हैं। इसको सीबीआई ने अपने कब्जे में ले लिया है। इससे पहले हुई जांच में सीबीआई ने घोटाले से संबंधित छात्रों से भी उनके हस्ताक्षर और अन्य पहलुओं को लेकर बयान दर्ज कर लिए हैं। शिक्षा विभाग में सामने आए ढाई करोड़ के फर्जीवाड़े में प्रदेश सहित देश के कई राज्यों की निजी विश्वविद्यालयों ने प्रदेश के गरीब और अन्य वर्गों के छात्रों को मिलने वाली करोड़ों की छात्रवृत्ति को हड़प लिया था।

    इसको देखते हुए सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। इस मामले में प्रदेश के हजारों छात्र शिकार हुए हैं। यही नहीं, कई विद्यार्थियों की बिना छात्रवृत्ति के पढ़ाई तक छूट गई। मामले को सीबीआई गहनता से पड़ताल कर रही है और आने वाले समय में कई और विवि के प्रबंधक और बैंकों के तत्कालीन अधिकारी इसकी जद में आएंगे।  

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  • IGMC शिमला में होगा 500 मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट,1200 लोग इस बीमारी से पीड़ित

    IGMC शिमला में होगा 500 मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट,1200 लोग इस बीमारी से पीड़ित

     

    इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां प्रदेश भर से मरीज आते हैं। हाल ही में यहां पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। प्रदेश का यह ऐसा पहला अस्पताल है, जो 12 अगस्त से गुर्दा प्रत्यारोपण की सुविधा से जुड़ा है। 12 अगस्त को आईजीएमसी में दो गुर्दा प्रत्यारोपण के सफल ऑपरेशन होने के बाद अब प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

    हिमाचल प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने मॉनसून सेशन के दौरान गुरुवार को सदन में वक्तव्य जारी कर कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से यह सुविधा अब आईजीएमसी में मिलेगी। प्रदेश में 1200 के करीब मरीज गुर्दे की बीमारी से ग्रस्त है, जिनमें से 500 मरीजों को गुर्दा प्रत्यारोपण की जरूरत है।

    विपिन परमार ने कहा कि 10 मरीजों के गुर्दा प्रत्यारोपण का खर्च सीएम स्वास्थ्य राहत कोष से वहन किया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का खर्च सरकार उठाएगी। परमार ने कहा कि प्रदेश मरीजों को अब बाहरी राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा और आईजीएमसी में सुविधा मिलने से उन्हें कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

     

     

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  • हिमाचल मुख्य सचिव बीके अग्रवाल होंगे केंद्र में सचिव लोकपाल

    हिमाचल मुख्य सचिव बीके अग्रवाल होंगे केंद्र में सचिव लोकपाल

     

    हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल केंद्र में सचिव लोकपाल होंगे। केंद्र सरकार ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। 1985 बैच के आइएएस अधिकारी बीके अग्रवाल लंबे समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे हैं। जयराम सरकार बनने के बाद वह हिमाचल लौटे थे।

    वरिष्ठता के आधार पर सरकार ने इन्हें मुख्य सचिव के पद पर तैनाती दी थी। मुख्य सचिव के तौर पर उनका कार्यकाल 2021 तक पूरा होना था। 1985 बैच के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी श्रीकांत बाल्दी हिमाचल के नए मुख्य सचिव हो सकते हैं। वर्तमान में वह मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं।

    बाल्दी पिछली बार भी मुख्य सचिव की दौड़ में थे, लेकिन जयराम सरकार ने वरिष्ठता को तरजीह देते हुए अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाया था। बाल्दी वरिष्ठ होने के साथ मुख्यमंत्री के नजदीकी माने जाते हैं। बीके अग्रवाल के दिल्ली जाते ही उनकी नियुक्ति बतौर मुख्य सचिव किए जाने की संभावना है।

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  • हिमाचल बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने बताया कांग्रेस को दिशाविहीन पार्टी

    हिमाचल बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने बताया कांग्रेस को दिशाविहीन पार्टी

     

    हिमाचल प्रदेश के ऊना के कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा के मामले पर दो दिन से विधानसभा हंगामे की भेंट चढ़ रही। विपक्ष इस मामले को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती का षड्यंत्र बता रहा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया और कांग्रेस पर जमकर निशाना भी साधा। सत्ती ने कांग्रेस को दिशाविहीन पार्टी करार दिया है।

    सत्ती ने नेता विपक्ष को इस मामले पर खुले मंच से बहस की चुनौती दे डाली है। सत्ती ने कहा कि ऊना के एसपी बेहतर काम कर रहे है। गौरतलब है कि हिमाचल विधानसभा के मॉनसून सत्र में हाल ही में ऊना में अवैध शराब मामले में कांग्रेस विधायक के पीएसओ और पीए की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा हो रहा है। इन पर अवैध शराब पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला करने का आरोप है।

    सत्ती ने पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह के समय में कांग्रेस की एक दिशा होती थी, लेकिन अब नेता विपक्ष अपने आप को लीडर साबित करने में लगे हैं, लेकिन उनकी कोई मानता नहीं है। सत्ती ने कहा कि जब भी कोई दो नंबरी पकड़ा जाता है तो कांग्रेस उसका साथ देती है और इसी कारण आज कांग्रेस की यह हालत हुई है। सत्ती ने कहा कि ऊना की घटना को कांग्रेस तोड़मरोड़ कर पेश कर रही है।

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  • हिमाचल में बारिश का कहर, सामान्य से 184 फीसदी अधिक हुई बारिश

    हिमाचल में बारिश का कहर, सामान्य से 184 फीसदी अधिक हुई बारिश

     

    हिमाचल में एक सप्ताह में मानसून सीजन में अभी तक की सबसे अधिक बारिश हुई है। पिछले सात दिनों में प्रदेश में सामान्य से 184 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। अगस्त माह में अभी तक सूबे में सामान्य से 51 फीसदी अधिक बादल बरसे। अगस्त में 274.8 मिलीमीटर बारिश हुई है।

    18 और 19 अगस्त को हुई बारिश से मानसून सीजन की औसत में बड़ा सुधार आया है। 17 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी। दो दिनों तक जारी मूसलाधार बारिश से 13 फीसदी की कमी दूर हो गई है।

    सोमवार शाम तक प्रदेश में एक जून से 19 अगस्त तक सामान्य से दो फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, ऊना और शिमला जिला में मानसून सीजन के दौरान अभी तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है।

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  • हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, 31 अगस्त तक चलेगा सत्र

    हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, 31 अगस्त तक चलेगा सत्र

     

    हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र आज दोपहर 2 बजे से शुरू हो गया है। इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। 31 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में 11 बैठकें होंगी। सदन नशा तस्करी, कानून-व्यवस्था, बस हादसों, धारा-118, विभागों में रिक्तियों, तबादला नीति, कर्मचारियों का नियमितीकरण जैसे मुद्दों पर गरमाएगा। सोमवार को पहले दिन 62 तारांकित और 28 अतारांकित सवाल लगाए जाने प्रस्तावित हैं।

    विधायकों की ओर से पहले दिन हिमाचल में नई पंचायतों के गठन, बाहरी प्रदेशों के लोगों को भूमि आवंटित करने, केंद्रीय सहायता प्राप्त करने, बस हादसे रोकने, विधायक सांसद निधि से लंबित कार्यों, इन्वेस्टर मीट की तैयारियों, चिट्टा तस्करों पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर प्रश्नकाल में सवाल पूछे जाने की तैयारी है। विधानसभा के पूर्व सदस्य पंडित शिव लाल, चौधरी विद्या सागर और शिव कुमार उपमन्यु के निधन पर शोक प्रस्ताव रखे जाएंगे।

    प्रश्नकाल के बाद सीएम जयराम ठाकुर वर्तमान सप्ताह की शासकीय सूची के बारे में भी वक्तव्य देंगे। इसके बाद राज्यपाल से मंजूर छह विधेयक पटल पर रखे जाएंगे। प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के कर्मचारियों को हाईकोर्ट शिफ्ट करने का अध्यादेश भी सदन में रखा जाएगा।

     

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  • कुल्लू में पुलिस ने किया रेव पार्टी का भंडाफोड़, मौके से नशीले पदार्थ भी जब्त

    कुल्लू में पुलिस ने किया रेव पार्टी का भंडाफोड़, मौके से नशीले पदार्थ भी जब्त

     

    हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की पार्वती वैली के कसोल के साथ लगते एक जंगल में पुलिस ने रेव पार्टी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने देर रात करीब ढाई बजे रेव पार्टी पर दबिश दी। डीजे की धुनों और नशे में धुत्त विदेशी और देशी पर्यटकों में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस ने रेव पार्टी करवाने वाले आयोजक को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अन्य सामान भी जब्त किया है।

    आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुट गई है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कसोल से चोज जाने वाले पैदल रास्ते के बीचों-बीच जंगल में आलीआगे नामक स्थान के पास बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से विदेशी सैलानी रेव पार्टी कर रहे हैं। एसआईयू निरीक्षक सुनील सांख्यान अपनी टीम के साथ पहाड़ी संकरी रास्ते से तकरीबन ढाई घंटे पैदल लेकर रात को ढाई बजे मौके पर पहुंचे तो देखा कि 200 से ज्यादा सैलानी जंगल के बीचों-बीच डीजे की धुनों पर थिरक रहे थे। पुलिस को देखकर विदेशी सैलानियों में भगदड़ मच गई और मौके पर डीजे को बंद कराया गया। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस ने प्रताप सिंह निवासी गांव छलाल, डाकघर कसोल तहसील भुंतर के खिलाफ मामला दर्जकर गिरफ्तार कर लिया है।

    पार्टी का आयोजन आरोपी के द्वारा ही किया जा रहा था। बिना किसी अनुमति के डीजे तथा पार्टी करवाई जा रही थी। मौके से कुछ नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए जिनको जांच हेतु फोरेंसिक लैब भेजा गया है। फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

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  • शिमला: सीएम जयराम ठाकुर ने फहराया तिरंगा, कर्मचारियों को तोहफा, महंगाई भत्ते का ऐलान

    शिमला: सीएम जयराम ठाकुर ने फहराया तिरंगा, कर्मचारियों को तोहफा, महंगाई भत्ते का ऐलान

     

    राजधानी शिमला में आज राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया। पुलिस, गृह रक्षा, एनसीसी, एनएसएस, इंडियन स्काउट एंड गाइड और आईटीबीपी जवानों की टुकड़ियों ने मार्चपास्ट की सलामी दी। भव्य परेड के बाद होमगार्ड के जवानों की ओर से बैंड डिस्पले भी किया गया। जवानों की ओर से विभिन्न करतब दिखाए गए।

    समारोह में पांच जिलों के सांस्कृतिक दल और शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्रों की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। भव्य परेड आकर्षण का केंद्र रही। भव्य परेड के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। ऊना, मंडी, कुल्लू, शिमला और किन्नौर जिले से आए सांस्कृतिक दलों की ओर से धाजी, सराजी नाटी, कुल्लवी, ठोडा नृत्य और क्यांग नृत्य पेश किया गया। पोर्टमोर स्कूल की छात्राएं और सेक्रेड हार्ट स्कूल के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी।

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सरकार के खजाने पर 260 करोड़ का सालाना बोझ पड़ेगा। नौंवीं और दसवीं के बच्चों को मुफ्त किताबें देने का ऐलान भी किया है। प्रदेश के 65 हजार छात्रों को मिलेगी 1500 रुपये तक की किताबें मुफ्त दी जाएंगी। लोक सेवा आयोग और दूसरे बोर्डों की ओर से की जाने वाली भर्तियों को लेकर भी सीएम जयराम ने बड़ीं घोषणा की। महिलाओं को परीक्षा शुल्क माफ किया गया है। सीएम ने भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं और आश्रितों की सालाना वित्तीय मदद भी दस हजार से बढ़ा कर 20 हजार कर दी है।

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस भारत की आजादी के लिए लड़ने वाले सेनानियों को याद करने का दिन है। अब कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक भारत एक हुआ है। पीएम मोदी के नेतृत्व में एक देश एक संविधान की परिकल्पना साकार हुई है और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना हुआ पूरा हुआ है।

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  • हिमाचल टेक्नोमैक घोटाला: ED ने मामले में शुरु की नियमित पड़ताल

    हिमाचल टेक्नोमैक घोटाला: ED ने मामले में शुरु की नियमित पड़ताल

     

    प्रदेश के 4300 करोड़ से ज्यादा के बहुचर्चित टेक्नोमैक घोटाले में सामने आए 2000 करोड़ के बैंक लोन घोटाले की प्रवर्तन निदेशालय ने नियमित पड़ताल शुरू कर दी है। जनवरी में सीआईडी की पहली चार्जशीट कोर्ट में पेश होने के बाद से ही ईडी ने मामले पर अपनी नजरें जमा दी थीं। सीआईडी ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर बीस से ज्यादा लोगों को नामजद किया था। अब ईडी ने मामले में बैंक लोन की रकम की मनी लांड्रिंग से जुड़े मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।

    सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में ईडी ने लोन देने वाले बैंकों के संघ (कंसोटियम) और मामले की जांच करने वाले सीआईडी अधिकारियों से संपर्क साधा है। साथ ही बैंकों से लोन लेने से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं। ईडी बैंक लोन राशि की मनी लांड्रिंग की जांच कर रहा है। साथ ही वह इस राशि के दूसरे प्रदेश या विदेश में निवेश की भी तह तक जाने में जुटा है।

    4 साल पहले सीआईडी ने टेक्नोमैक कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ कर चोरी और बिजली बिल घोटाले से संबंधित दो मामले दर्ज किए थे। शुरुआत में जांच ठंडी रही, लेकिन पिछले दो साल में सीआईडी ने दोनों ही मामलों में करीब दो दर्जन लोगों को नामजद करते हुए सिरमौर की स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।

    इस चार्जशीट में बैंक लोन के घपले की बात सामने आई, जिसके बाद हिमाचल पुलिस से जानकारी मिलने पर प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में जांच शुरू कर दी। माना जा रहा है कि इस मामले में जेल में बंद कंपनी के आरोपी कर्मचारियों और फरार चल रहे एमडी राकेश शर्मा पर ईडी अपना शिकंजा कस सकता है।

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  • हिमाचल: IGMC ने रचा इतिहास, किया पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट

    हिमाचल: IGMC ने रचा इतिहास, किया पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट

     

    हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में सोमवार को पहली बार दो मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट कर इतिहास रचा गया। एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ. वीके बंसल और उनकी 18 सदस्यीय टीम ने आईजीएमसी के डॉक्टरों को साथ लेकर साढ़े चार घंटे में पहला किडनी ट्रांसप्लांट किया। इसके बाद दूसरा ऑपरेशन किया। दोनों के सफल होने का दावा किया जा रहा है।

    अभी मरीजों को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। इसके साथ ही हिमाचल में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू हो गई है। भविष्य में आईजीएमसी के ट्रेंड डॉक्टर ही ऑपरेशन करेंगे। दोनों मरीजों के ऑपरेशन निशुल्क किए गए हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 15 लाख का बजट जारी किया है। आईजीएमसी के सीटीवीएस विभाग के ऑपरेशन थियेटर में पहला ऑपरेशन सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हुआ। सुबह 7:56 बजे मंडी के मरीज नरेश कुमार और डोनर को लेकर नेफ्रोलॉजी विभाग की टीम ऑपरेशन थियेटर पहुंची।

    दोपहर साढ़े बारह बजे मरीज को ओटी से बाहर लाया गया। इसके बाद जिला शिमला के चिढ़गांव की सुनीता (41) का भी ऑपरेशन किया गया। इस ऑपरेशन को भी लगभग पांच घंटे का समय लगा। लगातार दस घंटों से अधिक समय तक किडनी ट्रांसप्लांट किए गए। नरेश को उसकी मां रीता देवी और सुनीता को पिता सूरत राम ने अपनी किडनी दी।

    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टर वीके बंसल, नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. संजय के अग्रवाल, डॉ. आदित्य बख्शी, डॉ. असुरी कृष्णा, डॉ. राजेश्वरी सुब्रह्मण्यम, रेंजु के. कृष्णन, अशोक सिंह, आईजीएमसी नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय विक्रांत, यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पंपोश रैना, दलीप समेत अन्य विशेष डॉक्टर शामिल रहे।

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  • हिमाचल सरकार का मजदूरों को बड़ा तोहफा, न्यूनतम दिहाड़ी 25 रुपये बढ़ाई

    हिमाचल सरकार का मजदूरों को बड़ा तोहफा, न्यूनतम दिहाड़ी 25 रुपये बढ़ाई

     

    हिमाचल सरकार ने प्रदेश के सभी वर्ग के मजदूरों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बजट भाषण की घोषणा को पूरा करते हुए सरकार ने कामगारों की न्यूनतम दिहाड़ी 25 रुपये बढ़ा दी है। 19 अलग-अलग श्रेणियों के तहत मजदूरों को अब 250 रुपये न्यूनतम दिहाड़ी मिलेगी। सरकार ने इसकी अधिसूचना 6 अगस्त को जारी कर दी है। इसे 1 अप्रैल, 2019 से लागू माना जाएगा। कामगारों को बकाया राशि का एरियर मिलेगा।

    राज्य सरकार की अधिसूचना के मुताबिक कृषि, सड़कों का निर्माण एवं पत्थर पिसाई, लोक मोटर परिवहन, दुकानों एवं वाणिज्य स्थापन, वानिकी उद्योग, रसायन एवं रासायनिक उत्पाद, इंजीनियरिंग उद्योग, चाय बागवान, कारखाना अधिनियम, होटल एवं रेस्टोरेंट, निजी शैक्षणिक संस्थान, हाइड्रो विद्युत परियोजना, फार्मास्युटिकल उद्योग, अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक, घरेलू कामगार, सफाई कर्मचारी, सुरक्षा सेवाएं, धार्मिक संस्थान, टोल टैक्स बैरियरों में कार्यरत कामगारों को इसका लाभ होगा।

    अकुशल वर्ग के सभी वर्गों के मजदूरों की दिहाड़ी भी 225 से बढ़कर 250 रुपये हो गई है। अर्द्धकुशल, कुशल और अतिकुशल वर्गों की दिहाड़ी में भी 25-25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। संयुक्त श्रमायुक्त टीआर आजाद ने बताया कि 19 विभिन्न श्रेणियों के तहत अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल कामगारों की न्यूनतम दरों को पुनर्निर्धारित किया गया है।

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  • हिमाचल हाईकोर्ट ने इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की संपत्ति के नीलामी को दी मंजूरी

    हिमाचल हाईकोर्ट ने इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की संपत्ति के नीलामी को दी मंजूरी

     

    इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की संपत्ति के नीलामी प्रारूप पर गुरुवार को हिमाचल हाईकोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी। राज्य कर एवं आबकारी विभाग नाहन के उपायुक्त ने नीलामी प्रारूप को अदालत में पेश किया जिसे न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने अनुमति दे दी। अदालत के समक्ष पेश किए गए नीलामी प्रारूप के मुताबिक कंपनी की 265.14.16 बीघे जमीन की नीलामी की जाएगी जिसमें से 99.61 बीघा भूमि पर फैक्ट्री बनाई गई है। 37.83 बीघा भूमि पर सड़क और नालियां बनाई गई है। 50.77 बीघा भूमि को फैक्ट्री के सामने खाली रखा गया है।

    189.01 बीघे भूमि पर कंपनी ने दीवार लगाईं है और 76.13  बीघा भूमि फैक्ट्री के बाहर है जिसे नीलाम किया जाना है। बता दें कंपनी को दिए पैसे की रिकवरी के लिए संपत्ति की नीलामी करने की मंजूरी के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सीआईडी में कंपनी के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर राज्य कर की चोरी का अभियोग दर्ज कर कार्रवाई की थी। मामले में अभी भी कंपनी का एमडी व मुख्य आरोपी राकेश कुमार शर्मा फरार चल रहा है।

    हाल ही में कंपनी में हुए करोड़ों के घोटाले के मामले में प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में प्रवर्तन विभाग और सीआईडी शपथपत्र के माध्यम से अदालत को कंपनी की संपत्ति का ब्यौरा सौंपा था। जिसके बाद कोर्ट ने नीलामी की मंजूरी दे दी है।

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  • हिमाचल: गांवों में हर घर में लगने वाले नल को अब किया जाएगा आधार से लिंक

    हिमाचल: गांवों में हर घर में लगने वाले नल को अब किया जाएगा आधार से लिंक

     

    हिमाचल प्रदेश के गांवों में हर घर में लगने वाले नल को अब आधार से लिंक किया जाएगा। केंद्र सरकार की मुफ्त नल योजना के लाभार्थी परिवार के मुखिया का आधार नंबर लिंक होगा। प्रधानमंत्री मोदी 15 अगस्त को हर घर को नल योजना की विधिवत घोषणा करेंगे और इसके साथ की योजना का काम आरंभ कर दिया जाएगा।  सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ने बुधवार को आईपीएच मुख्यालय में विभाग के उच्च अधिकारियों की बैठक ली।

    इस दौरान विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि गांवों में हर घर को नल योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया अतिशीघ्र शुरू की जानी है ताकि योजना का काम शुरू किया जा सके। मंत्री ने कहा कि योजना के तहत दिसंबर 2019 तक  60 फीसदी कार्य पूरा करने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने दिया है। इसके बाद योजना का शेष कार्य 31 मार्च, 2020 तक पूरा किया जाएगा।

    केंद्र सरकार योजना के तहत मुफ्त में नल लगाकर देगी और पूरा खर्चा वहन करेगी। प्रदेश सरकार योजना के तहत सबसे पहले कार्य करने का लक्ष्य रखेगी।  मंत्री ने कहा कि योजना का काम पूरा होने के बाद केंद्र सरकार तीसरी पार्टी के माध्यम से योजना के तहत लगे नलों की जांच करेगी। इसके बाद केंद्र सरकार के पास रिपोर्ट की जाएगी।

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  • हिमाचल सरकार का फैसला, बिजली कनेक्शन दोबारा जुड़वाने की फीस 6 गुना बढ़ाई

    हिमाचल सरकार का फैसला, बिजली कनेक्शन दोबारा जुड़वाने की फीस 6 गुना बढ़ाई

     

    हिमाचल में बिजली कनेक्शन दोबारा जुड़वाने की फीस 6 गुना बढ़ गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली के रि-कनेक्शन के लिए अब 40 के बजाय 250 रुपये चुकाने होंगे। उद्योगों के लिए फीस में 500 रुपये की बढ़ोतरी की है। पहली अगस्त से पूरे प्रदेश में नई दरें लागू हो गई हैं। बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक जेपी काल्टा ने बताया कि राज्य विद्युत नियामक आयोग के आदेशानुसार रि-कनेक्शन की दरों में बढ़ोतरी की गई है।

    समय पर बिजली बिल अदा न करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं का अब अगर कनेक्शन कट जाता है तो महज 40 रुपये देकर कनेक्शन बहाल नहीं हो पाएगा। कनेक्शन फिर से शुरू करवाने के लिए 250 रुपये शुल्क चुकाना होगा। कनेक्शन कटने से छह माह तक यह फीस लगेगी। 6 माह के बाद कनेक्शन जुड़वाने के लिए नए सिरे से आवेदन करना पड़ेगा। इसी तरह 50 केवीए बिजली कनेक्शन लेने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 रुपये की जगह 500 रुपये देने होंगे।

    51 से 100 केवीए तक 500 की जगह 1000 रुपये और 100 केवीए से अधिक क्षमता वाले कनेक्शन धारकों को 1000 रुपये की जगह 1500 रुपये चुकाने होंगे। बिजली बोर्ड की ओर से हर माह बिल न जमा करने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस दिए जाते हैं। नोटिस के बावजूद बिल न देने वालों को बोर्ड की ओर से बिजली काटी जाती है। हिमाचल के लाखों घरेलू, व्यावसायिक उपभोक्ताओं और औद्योगिक इकाइयों के लिए बीते दिनों ही फिक्स चार्ज दस रुपये बढ़ाया है। घरेलू उपभोक्ताओं को 60 के बजाय प्रतिमाह 70 रुपये फिक्स चार्ज देना पड़ रहा है। व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर 120 की जगह 130 रुपये और औद्योगिक इकाइयों को 130 की जगह 140 रुपये फिक्स चार्ज लग रहा है।

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  • हिमाचल में डॉक्टरों का पलायन रोकने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, भरना होगा 40 लाख का बॉन्ड

    हिमाचल में डॉक्टरों का पलायन रोकने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, भरना होगा 40 लाख का बॉन्ड

     

    हिमाचल से पीजी (MD-MS) करने के बाद डॉक्टरों का पलायन रोकने के लिए राज्य सरकार ने वीरवार को बड़ा निर्णय लिया है। पीजी में एडमिशन लेने वाले डॉक्टरों को अपनी एमबीबीएस की डिग्री स्वास्थ्य निदेशक के पास जमा करवानी होगी। डिग्री जमा करवाने के साथ 40 लाख रुपए का बॉन्ड भी भरना होगा। पीजी डिग्री पूरी होने के बाद डॉक्टरों को पांच साल हिमाचल में नौकरी करनी होगी। 5 साल का सेवाकाल पूरा होने के बाद विभाग डॉक्टरों को डिग्री वापस करेगा। बॉन्ड का उल्लंघन करने पर डॉक्टरों की एमबीबीएस की डिग्री विभाग के पास रहेगी।

    विभाग एमसीआई से डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफारिश भी कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग पीजी डॉक्टरों की लिस्ट हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी को भी भेजेगा ताकि कोई भी डॉक्टर डुप्लीकेट डिग्री के लिए आवेदन न कर सके। राज्य सरकार ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को बाहरी राज्यों में जाने से रोकने के लिए सरकार ने कानून में संशोधन किया है। प्रदेश में 300 डॉक्टरों की कमी है।

    यदि कोई डॉक्टर राज्य कोटे से पीजीआई और एम्स से पीजी कर रहा है तो उस पर भी यह नियम लागू होगा। प्रदेश के जनजातीय और हार्ड एरिया में नौकरी करने पर इनसेंटिव भी मिलेगा। जीडीओ कोटे से पीजी करने वालों को पीजी इनसेंटिव भी मिलेगा। सीधे प्रवेश लेकर पीजी करने वाले डॉक्टरों को इनसेंटिव सरकार देगी। कोर्स की अवधि के दौरान सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में तैनाती के अंक भी तय किए हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में पीजी की 173 सीटें हैं।

    नई पीजी पॉलिसी के तहत डॉक्टरों को राज्य में दो से पांच साल नौकरी करनी होगी। यह अनिवार्य है। डायरेक्ट पीजी करने वालों को दो साल की अनिवार्य सेवा, जीडीओ कोटे और राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों से पीजी करने वालों को 5 साल अनिवार्य नाैकरी करनी होगी। यदि तय शर्तों के मुताबिक पीजी डॉक्टर हिमाचल में सेवाएं नहीं देते तो उनसे 40 लाख रुपए बॉन्ड मनी के रूप में रिकवर किए जाएंगे।

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