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    हिमाचल बिजली बोर्ड को मिला ए ग्रेड का दर्जा, इन योजनाओं में मिलेगी प्राथमिकता

     

    केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय ने हिमाचल राज्य बिजली बोर्ड को ए ग्रेड का दर्जा दे दिया है। बीते कई वर्षों से बिजली बोर्ड के पास बी ग्रेड का दर्जा था। ग्रेडिंग में सुधार होने से अब राज्य बिजली बोर्ड को केंद्र सरकार की योजनाओं में प्राथमिकता मिलेगी। इसके अलावा कम ब्याज दरों पर बोर्ड को ऋण भी मिल सकेगा।

    बोर्ड के संयुक्त निदेशक लोक संपर्क अनुराग पराशर ने बताया कि बीते दो वर्षों में दीनदयाल उपाध्याय और आईपीडीएस योजनाओं के तहत रिकॉर्ड कार्य कर बोर्ड ने अपनी क्षमता बढ़ाई है। मुख्यमंत्री रोशनी योजना के तहत गरीब परिवारों को निशुल्क कनेक्शन देने की योजना पहली बार राज्य सरकार की सहायता से शुरू की गई है। 25 मेगावाट तक की क्षमता वाली जल विद्युत परियोजनाओं से पैदा विद्युत उत्पादन को बोर्ड के लिए क्रय करना अनिवार्य बनाया गया है।

    उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा 90 फीसदी विद्युत आपूर्ति हरित ऊर्जा से की जा रही है। औद्योगिक इकाइयों को 15 फीसदी बिजली दरों में छूट देकर गत 2 वर्षों के इतिहास में बोर्ड ने देश में कम मूल्य की दरों को संभव बनाया है। विद्युत दरों का इस तरह प्रबंधन किया गया है कि प्रदेश के किसी भी उपभोक्ता को दिक्कत न हो। औद्योगिक क्षेत्र को बिजली दरों में 15 फीसदी छूट देकर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया गया है।

    संचार और वितरण हानियों को कम कर 11 फीसदी तक नीचे पहुंचाया है, जो देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम है। वर्ष 2018-19 में 12300 गले-सड़े खंभों को बदला गया। इन कार्यों को देखते हुए भारत सरकार ने बोर्ड की ग्रेडिंग में सुधार किया है।

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  • हिमाचल: विधानसभा उपचुनाव में 4 बजे तक पच्छाद में 59.39 और धर्मशाला में 52.18 प्रतिशत मतदान

    हिमाचल: विधानसभा उपचुनाव में 4 बजे तक पच्छाद में 59.39 और धर्मशाला में 52.18 प्रतिशत मतदान

     

    धर्मशाला और पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए दोनों विधानसभा क्षेत्रों में बने 202 मतदान केंद्रों पर आज सुबह आठ बजे मतदान शुरू हो गया है। शाम 4 बजे तक पच्छाद में 59.39 प्रतिशत और धर्मशाला में 52.18 प्रतिशत मतदान हुआ है। मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

    धर्मशाला से भाजपा प्रत्याशी विशाल नेहरिया ने सिद्धपुर पोलिंग बूथ पर मतदान किया। पच्छाद से भाजपा प्रत्याशी रीना कश्यप ने अपने परिजनों के साथ मतदान किया। शांतिपूर्वक चल रहे मतदान में पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथ नंबर 60 मानगढ़ तथा 89 पोलिंग बूथ मजगांव -शमलाटी में वोटिंग के दौरान वीवीपैट मशीन खराब हो गई थी। रिटर्निंग ऑफिसर राजगढ़ नरेश वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि खराब हुई वीवीपैट को 15 से 20 मिनट में बदल दिया गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्वक चल रहा है।

    धर्मशाला में वृद्ध मतदाताओं के लिए दाड़ी स्थित वृद्धाश्रम में सहायक मतदान केंद्र स्थापित किया गया है। दोनों विस क्षेत्रों में कुल 1 लाख 56 हजार 624 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे है। धर्मशाला में सात और पच्छाद में पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। इसके बाद 24 अक्तूबर को सुबह 8 बजे मतगणना आरंभ होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

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  • हिमाचल: शिक्षा निदेशक ने आयोग अध्यक्ष का फैसला बदला, पांच कर्मचारियों की सजा की माफ

    हिमाचल: शिक्षा निदेशक ने आयोग अध्यक्ष का फैसला बदला, पांच कर्मचारियों की सजा की माफ

     

    हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष केके कटोच के फैसले को पलटते हुए उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बर्खास्त और डिमोट किए गए पांच कर्मचारियों की सजा माफ कर दी है। अध्यक्ष ने तीन नियमित और दो आउटसोर्स कर्मियों को बर्खास्त और डिमोट कर दिया था।

    अध्यक्ष की इस कार्रवाई के बाद सरकार ने उनकी शक्तियां छीनते हुए उच्च शिक्षा निदेशक को तदर्थ अनुशासनात्मक अथॉरिटी नियुक्त किया था। शुक्रवार को निदेशालय से दोनों कर्मियों को बड़ी राहत मिली। आयोग के अध्यक्ष ने बीते दिनों सरकार से उनकी शिकायत करने वाले सीनियर असिस्टेंट अमित कटोच को बर्खास्त, क्लर्क सोमा नेगी और चपरासी को डिमोट तथा आउटसोर्सिंग पर नियुक्त दो कमियों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए थे।

    आयोग के इन कर्मचारियों ने बीते दिनों कटोच के खिलाफ प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए सरकार को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत होने पर सरकार ने अध्यक्ष को मेमो जारी कर उनके खिलाफ जांच करवाई थी। इसी बीच अध्यक्ष ने बीते साल बिना बताए छुट्टी पर जाने के मामले की जांच शुरू करवाकर पांचों कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। उधर, शक्तियां छीनने के बाद अध्यक्ष ने प्रधान सचिव को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि इन दोनों कर्मचारियों पर कार्रवाई शक्तियां छीनने से पहले की गई थी।

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  • हिमाचल:पीड़ित व्यक्ति प्रतिकर स्कीम2019 को लागू करने की अधिसूचना जारी, पीड़िता को मिलेगा इतना मुआवजा

    हिमाचल:पीड़ित व्यक्ति प्रतिकर स्कीम2019 को लागू करने की अधिसूचना जारी, पीड़िता को मिलेगा इतना मुआवजा

     

    हिमाचल प्रदेश में शारीरिक शोषण होने पर नाबालिग पीड़िता को दो लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। राज्य में एसिड अटैक और दुराचार की पीड़िताओं को हिमाचल सरकार तीन-तीन लाख रुपये देगी। भ्रूण हत्या से हानि पर पीड़िता को 50 हजार रुपये का मुआवजा देय होगा। राज्य सरकार ने इसके लिए मुआवजा योजना लागू कर दी है। 

    राज्य सरकार के गृह विभाग ने वीरवार को हिमाचल प्रदेश अपराध से पीड़ित व्यक्ति प्रतिकर स्कीम 2019 को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस योजना के अनुसार 11 अक्तूबर 2019 के बाद आए आवेदनों पर यह मुआवजा जारी होगा। यह मामला उन मामलों में दिया जाएगा, जिनका ट्रायल कोर्ट संस्तुति करेगा या जिन मामलों में आवेदन जिला या राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण को किए गए हैं। जिनमें एफआईआर दर्ज होगी, उनके पीड़ित भी इस मुआवजे के हकदार होंगे।

    पीड़ित का ऐसे मामलों में भी मुआवजे पर हक होगा, जिनमें अपराधी को ट्रेस नहीं किया जा सका है और जहां मुकदमे का ट्रायल नहीं हो पाया है। आवेदन के बावजूद मुआवजा नहीं मिला तो पीड़ित राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सामने अपील कर सकेंगे। मुआवजा नहीं देने के ऐसे किसी आदेश के 90 दिन के भीतर प्राधिकरण में अपील करनी होगी।

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  • हिमाचल: विजिलेंस जांच में मनाली में सड़क निर्माण धांधली आरोप में PWD टीम को मिली क्लीन चीट

    हिमाचल: विजिलेंस जांच में मनाली में सड़क निर्माण धांधली आरोप में PWD टीम को मिली क्लीन चीट

     

    हिमाचल के मनाली में सड़क निर्माण में धांधली के एक आरोप में विजिलेंस ने जांच पूरी कर पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन एक्सईएन सुरेश कुमार धीमान समेत करीब आधा दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों को क्लीन चिट दे दी। विजिलेंस ब्यूरो को जांच में तथ्य नहीं मिले, जिसके बाद जांच बंद करने की सरकार को रिपोर्ट की है। यह मामला मनाली की बाहणूनाला-शामीनाला- जगतसुख सड़क से संबंधित है।

    शिकायत को आधार बनाकर विजिलेंस ने इस मामले में गोपनीय जांच शुरू की थी। इस शिकायत में आरोप थे कि वर्ष 2010 से 2014 के बीच तत्कालीन उपायुक्त कुल्लू और जिला योजना अधिकारी कुल्लू ने बाहणूनाला से शामीनाला और शामीनाला से जगतसुख के लिए संपर्क मार्ग निकालने को 26 लाख रुपये जारी किए। यह राशि लोक निर्माण विभाग के मंडल-दो कुल्लू को जारी की।

    इस पर विजिलेंस के कुल्लू थाने ने जांच की। इसमें पाया गया कि इस सड़क में बजट के इस्तेमाल में तत्कालीन अधिशासी अभियंता कुल्लू या किसी अन्य अधिकारी और कर्मचारी ने कोई धांधली नहीं की जैसे कि उन पर आरोप थे। जांच के दौरान पाया कि 26 लाख रुपये में से 12,30,000 रुपये सड़क तैयार करवाने में खर्च हो गए, शेष बचे 13,70,000 रुपये लोक निर्माण विभाग के मंडल-दो कुल्लू के डिपाजिट खाते में हैं।

    इस सड़क को कुछ स्थानीय लोगों की ओर से अलग-अलग दिशा में ले जाने की कोशिश पर विवाद खड़ा हो गया। सड़क के लिए गिफ्ट डीड नहीं मिलने के कारण काम रोका गया। इस बारे में विजिलेंस ने कई अधिकारियों के बयान लिए। इसमें यह भी पाया गया कि बनी सड़क बारिश और बरसात के कारण भी जगह-जगह से ढह गई है। तत्कालीन एक्सईएन, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और कुछ अन्य कर्मचारी भी इस मामले की जांच की जद में आ गए थे। अब इन्हें क्लीन चिट दे दी गई है।

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  • हिमाचल: पूर्व सचिव गौतम ठाकुर के लगाए आरोपों पर BCCI और HPCA को मिला कोर्ट से नोटिस

    हिमाचल: पूर्व सचिव गौतम ठाकुर के लगाए आरोपों पर BCCI और HPCA को मिला कोर्ट से नोटिस

     

    सर्वोच्च न्यायालय ने बीसीसीआई और एचपीसीए को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। कोर्ट ने एचपीसीए के पूर्व सचिव गौतम ठाकुर की दायर याचिका की सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया है। बीसीसीआई और एचपीसीए को 29 नवंबर तक पूर्व सचिव गौतम ठाकुर के लगाए आरोपों का कोर्ट में जवाब देना होगा।

    पूर्व सचिव गौतम ठाकुर ने एचपीसीए पर नई कार्यकारिणी के गठन में लोढ़ा समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज करने और एचपीसीए में पूर्व क्रिकेटरों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट में गौतम ठाकुर की दायर याचिका की सुनवाई न्यायधीश वनीत सरण और एएस बोपन्ना की बैंच में सुनवाई चल रही है। पूर्व सचिव गौतम ठाकुर की ओर से अधिवक्ता दिनेश कुमार ठाकुर कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं।

    गौतम ठाकुर ने 19 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने 28 सितंबर को स्वीकार किया था। गौतम ठाकुर का आरोप है कि एचपीसीए में पूर्व क्रिकेटरों को सदस्यता न देकर लोढ़ा समिति की सिफारिशों की अनदेखी की गई है। वहीं, एचपीसीए में राज्य के लोगों को नजरअंदाज कर बाहरी लोगों को सदस्यता दी गई। इन सदस्यों को वोट देने का अधिकार है, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं दिया गया है।

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  • हिमाचल उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने जारी की एडवाइजरी, मतदाता को करना होगा ये काम

    हिमाचल उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने जारी की एडवाइजरी, मतदाता को करना होगा ये काम

     

    हिमाचल प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों में 21 अक्तूबर को होने वाले उपचुनाव के दौरान मतदान के समय हर मतदाता को मतदान अधिकारियों को मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। अगर उनके पास किन्हीं कारणों मतदाता पहचान पत्र नहीं है तो वह आयोग की ओर से निर्धारित फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। फोटो पहचान पत्र के बिना मतदाता को मतदान नहीं करने दिया जाएगा।

    चुनाव विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मतदाताओं को पहचान स्थापित करने के लिए पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य या केंद्र सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों के अपने कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंकों या डाकघरों से जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई से जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना में जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सांसदों, विधायकों को जारी सरकारी पहचान पत्र और आधार कार्ड में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।

    यदि कोई मतदाता ऐसा फोटो पहचान पत्र दिखाता है जो किसी अन्य सभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण ऑफिसर ने जारी किया है तो ऐसे मतदाता का नाम अगर उस मतदान केंद्र से संबंधित निर्वाचक नामावली में होगा तो वह वोट दे सकेगा। मतदाताओं को दी जाने वाली फोटो मतदाता पर्ची को वोट करने के लिए पहचान के उद्देश्य से स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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  • हिमाचल सरकार करेगी प्रदेश के सभी अस्पतालों की रैंकिंग, ताकि मिले मरीजो को बेहतरीन सुविधा

    हिमाचल सरकार करेगी प्रदेश के सभी अस्पतालों की रैंकिंग, ताकि मिले मरीजो को बेहतरीन सुविधा

     

    हिमाचल सरकार प्रदेश के सभी अस्पतालों की व्यवस्था जांचेगी। इसके लिए सभी अस्पतालों की रैंकिंग की जाएगी। बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने वाले अस्पतालों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि कम रैंक वाले अस्पताल प्रशासन से जवाबतलबी की जाएगी। मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करने और इलाज में कोताही बरतने वाले चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

    सरकार ने 19 अक्तूबर को सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सचिवालय बुलाए हैं। इनके साथ इस पर चर्चा की जाएगी। सरकार यह व्यवस्था इसलिए कर रही है कि अस्पतालों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। रैंकिंग करने से सरकार का यह भी मकसद है कि प्रदेश में ऐसे कितने अस्पताल हैं, जहां आधारभूत ढांचे की आवश्यकता है। सरकार का मानना है कि हिमाचल के शहरी और जनजातीय क्षेत्रों क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने को डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मुहैया कराया गया है।

    टेस्ट की किट तक उपलब्ध कराई गई हैं। ऑपरेशन करने के लिए अस्पतालों को टैली मेडिसन से जोड़ा गया है। बावजूद इसके हिमाचल के कई ऐसे अस्पतालों से जहां मरीजों को छोटी से छोटी बीमारी के मरीज मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अस्पतालों की रैंकिंग की जा रही है। इसको लेकर सीएमओ की बैठक बुलाई गई है। लोगों को अस्पताल में बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो, इसके चलते यह व्यवस्था की गई है।

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  • हिमाचल सरकार का फैसला, एक पद पर तीन साल से डटे अधिकारी और कर्मचारियों का होगा तबादला

    हिमाचल सरकार का फैसला, एक पद पर तीन साल से डटे अधिकारी और कर्मचारियों का होगा तबादला

     

    हिमाचल प्रदेश में सालों से पब्लिक डीलिंग वाली एक ही सीट पर जमे बाबू और अधिकारी जल्द स्थानांतरित होंगे। प्रदेश सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, एमडी, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों, रजिस्ट्रारों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

    निर्देश में कहा है कि किसी भी पब्लिक डीलिंग वाले पद पर तीन साल से ज्यादा किसी कर्मचारी को तैनात न रखा जाए। जो कर्मचारी ऐसे पदों पर सालों से तैनात हैं, उन्हें बदलने के लिए भी कहा। भ्रष्टाचार की आशंका को शून्य करने के लिए जयराम सरकार का यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

    दरअसल, सरकार के पास कुछ ऐसे मामले आए हैं, जिनमें एक ही पद पर लंबे समय से तैनात कर्मी भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल पाया गया। ऐसी ही शिकायतों और सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सचिव सतर्कता संजय कुंडू के आदेश पर विशेष सचिव सतर्कता ने एक पत्र जारी किया है।

    इसमें कहा गया है कि जनता से जुड़े कार्यों वाले पदों पर तैनात हर कर्मचारी को एक सीट पर लंबे समय तक तैनात रखने के बजाय समयबद्ध तरीके से दूसरे कार्यों पर स्थानांतरित किया जाए। इससे भ्रष्टाचार की आशंका भी शून्य होगी। सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि स्टेशन बदलने के बजाय संवेदनशील पद बदलने के लिए ही यह निर्देश जारी किए हैं।

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  • हिमाचल CM जयराम ठाकुर के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने पर हुई FIR दर्ज

    हिमाचल CM जयराम ठाकुर के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने पर हुई FIR दर्ज

     

    हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील और अभद्र टिप्पणी करने वाले के खिलाफ सीआईडी थाना भराड़ी में FIR दर्ज की गई है। आरोपी जिला मंडी का बताया जा रहा है। शिमला शहरी भाजपा के महामंत्री संजीव सूद जोनी ने सीआईडी को लिखित में शिकायत दी है।

    इसमें लिखा है कि राज ठाकुर की ओर से अपनी फेसबुक प्रोफाइल से मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए गालियां लिखी हैं। संजीव सूद ने लिखा है कि वह पिछले तीस सालों से भाजपा का कार्यकर्ता है और विभिन्न पदों पर रह चुका है और मौजूदा समय में शिमला मंडल भाजपा में महामंत्री के पद पर तैनात हैं।

    राज ठाकुर की ओर से इस प्रकार से अपनी फेसबुक प्रोफाइल से सार्वजनिक तौर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के खिलाफ अश्लील भाषा, गाली गलौज और धमकी देना सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को गहरी ठेस पहुंचाता है। राज ठाकुर की ओर से पोस्ट किए गए इस घटिया कृत्य के स्क्रीन शॉट उनके पास मौजूद है।

    शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी 504, 506 व 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। उधर, सीआईडी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एफआईआर कर दी गई है और आरोपी ने फिलहाल अपना फेसबुक एकाउंट बंद कर दिया गया है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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  • केंद्र सरकार ने ठुकराया हिमाचल सरकार का ये प्रस्ताव, कहा नहीं सिरे से भेजे प्रस्ताव

    केंद्र सरकार ने ठुकराया हिमाचल सरकार का ये प्रस्ताव, कहा नहीं सिरे से भेजे प्रस्ताव

     

    केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार की ओर से भेजे 300 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कें बनाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत प्रदेश सरकार ने केंद्र को फेज-2 के तहत 1250 की जगह 1552 किलोमीटर सड़कों का प्रोजेक्ट केंद्र को भेजा, लेकिन केंद्र के तय मापदंड के अनुसार ऐसा नहीं किया जा सकता था।

    हिमाचल के लिए चालू वित्तीय वर्ष में सड़क निर्माण की 1250 किमी सीमा तय है। इसलिए केंद्र ने प्रदेश सरकार की 300 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कों की परियोजनाएं रद्द कर प्रस्ताव दुरुस्त कर नए सिरे से भेजने को कहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अवर सचिव ललित कुमार ने इस बाबत हिमाचल सरकार के प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग और प्रमुख अभियंता लोनिवि को बैठक में लिए गए फैसले के बिंदुओं को स्पष्ट करता एक पत्र भी भेजा है।

    हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय में इस मामले पर बैठक भी हुई थी। अब प्रदेश सरकार को इस बैठक के मिनट्स भेजे गए हैं। सड़कों के इन प्रोजेक्टों में कुल 1376.07 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इनमें केंद्र 1213.09 करोड़ और प्रदेश सरकार 163.61 करोड़ रुपये खर्च करेगी। केंद्र सरकार ने हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके चलते केंद्र सरकार ने हिमाचल को 1250 किलोमीटर सड़क निर्माण के प्रस्ताव भेजने को कहा है।

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  • हिमाचल: प्रदेश सरकार ने दी 318 पेयजल योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी, प्रति दिन मिलेगा इतना पानी

    हिमाचल: प्रदेश सरकार ने दी 318 पेयजल योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी, प्रति दिन मिलेगा इतना पानी

     

    प्रदेश सरकार ने हिमाचल की 318 पेयजल योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इन पर 2373.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन योजनाओं से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी प्रति दिन मुहैया कराया जाएगा। इन पेयजल योजनाओं पर डीपीआर के तहत पर काम कर केंद्र सरकार के तय नियमों और शर्तों के अनुसार अमलीजामा पहनाना होगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले को 20 से 60 पेयजल स्कीमें दी गई हैं।

    इस संबंध में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव डीडी शर्मा ने पत्र भी जारी कर दिया है। राज्य में दो साल के भीतर जल जीवन मिशन के तहत इन 318 योजनाओं के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई जाने वाली पेयजल योजना के कुल खर्च की पांच फीसदी राशि लाभ उठाने वालों से वसूली जाएगी। इन पेयजल योजनाओं को वर्ष 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।  जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के गांवों में लगने वाले नलके घरों के मुखिया के आधार नंबर से लिंक होंगे। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि मिशन के तहत लगे नलके लाभार्थियों के घरों में ही लगे हैं। इसके अलावा योजना की निगरानी के लिए बाहरी एजेंसी की सेवाएं ली जाएंगी। पेयजल योजना पर जीओ टैगिंग से निगरानी रखेंगे।

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  • हिमाचल सरकार विधानसभा उपचुनाव के बढ़ाएगी पेट्रोल-डीजल के दाम

    हिमाचल सरकार विधानसभा उपचुनाव के बढ़ाएगी पेट्रोल-डीजल के दाम

     

    विधानसभा उपचुनाव के चलते हिमाचल सरकार ने तीन अक्तूबर से पेट्रोल और डीजल में लगने वाले वैट की दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव को रोक दिया है। सरकार ने नई दरों को लोगों से आई आपत्तियों और सुझाव के नाम पर रोक दिया है। बताया जा रहा है कि सरकार इन आपत्तियों और सुझावों का अध्ययन कर रही है।

    इसके निस्तारण के बाद सरकार बढ़ोतरी पर फैसला लेगी। प्रदेश सरकार ने पेट्रोल पर 1.9 और डीजल पर 2.04 फीसदी वैट बढ़ोतरी लागू करने का प्रस्ताव किया है। मंत्रिमंडल ने पिछली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। जिसके बाद 23 सितंबर को राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने अधिसूचना जारी कर जनता से 10 दिन में वैट दरों में बदलाव पर सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं।

    वर्तमान में पेट्रोल पर 23.1 और डीजल पर 11.6 प्रतिशत वैट लगता है। प्रस्ताव है कि अब पेट्रोल पर वैट को 25 और डीजल पर 14 फीसदी कर दिया जाए। इससे सरकार को 25 करोड़ रुपये प्रति महीने के नुकसान से राहत मिलेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि अक्तूबर 2018 में केंद्र सरकार की ओर से 2.50 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद प्रदेश सरकार ने भी पेट्रोल और डीजल पर वैट ढाई रुपये कम कर दिया था।

     

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  • हिमाचल प्रदेश में अभी भी लागू नहीं होगा मोटर व्हीकल एक्ट-2019, इतना समय और लगेगा

    हिमाचल प्रदेश में अभी भी लागू नहीं होगा मोटर व्हीकल एक्ट-2019, इतना समय और लगेगा

     

    हिमाचल में मोटर व्हीकल एक्ट-2019 लागू करने में कम से कम तीन महीने का समय लगेगा। सरकार इसे लागू करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। परिवहन और विधि विभाग को इस एक्ट को गंभीरता से स्टडी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार जनता पर कोई बोझ नहीं डालना चाहती है। हालांकि, सरकार 10 गुणा जुर्माने के बजाय इसे एक से डेढ़ गुणा तक बढ़ाने पर विचार कर रही है।

    मोटर व्हीकल एक्ट-2019 के नए नियम के मुताबिक नाबालिग के गाड़ी चलाने पर 25 हजार रुपये जुर्माना और गाड़ी का पंजीकरण रद्द होगा। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 500 से 1500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। पहले यह जुर्माना 100 से 300 रुपये तक वसूला जाता था। दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने पर जो जुर्माना पहले 100 रुपये था, इसे अब 500 रुपये किया जाएगा।

    प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने पर पहले 100 रुपये भरने पड़ते थे, अब 500 रुपये, बिना ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाते पाए जाने पर अब 500 की जगह 5000 रुपये, खतरनाक ड्राइविंग करने पर अब एक हजार की जगह 5 हजार रुपये, ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करते पकड़े जाने पर एक हजार की जगह पांच हजार रुपये, गलत दिशा में ड्राइविंग करने पर 1100 की जगह पांच हजार रुपये, बिना सीट बेल्ट लगाए गाड़ी चलाने पर एक हजार रुपये और शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना अब 10 हजार निर्धारित किया गया है।

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  • हिमाचल: ग्राम पंचायत में नियुक्त 1356 सिलाई अध्यापिकाओं को सरकार ने दिया झटका

    हिमाचल: ग्राम पंचायत में नियुक्त 1356 सिलाई अध्यापिकाओं को सरकार ने दिया झटका

     

    हिमाचल प्रदेश में ग्राम पंचायतों में नियुक्त 1356 सिलाई अध्यापिकाओं को सरकार के नए पदोन्नति नियमों से झटका लगा है। वे पंचायत सचिव नहीं बन पाएंगी। इन सिलाई अध्यापिकाओं ने जमा दो की परीक्षा पास नहीं की है। इस कारण वे पंचायत सचिवों की नियुक्ति के नए नियमों में बाहर हो गई हैं।

    इन नियमों के अनुसार 2008 में से केवल 652 सिलाई अध्यापिकाओं की शैक्षणिक योग्यता ही जमा दो पास है। यही संख्या पंचायत सचिव की पदोन्नति पा सकेंगी या फिर जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली सिलाई शिक्षिकाएं ही इसके लिए पात्र होंगी।

    हाल ही में हिमाचल सरकार ने पंचायत सचिवों की भर्ती को ग्रामीण विकास में एमबीए की डिग्री वाले अभ्यर्थियों के लिए तीन फीसदी कोटा तय कर दिया है। इसके अलावा 20 फीसदी पद जमा दो पास सिलाई शिक्षिकाओं से भरे जाएंगे। इसके लिए पंचायत सचिवों के भर्ती नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि अब एसडीएम नहीं, बल्कि राज्य कर्मचारी चयन आयोग या सरकार की ओर से प्राधिकृत एजेंसी ही पंचायत सचिवों की भर्ती करेगी। पंचायत सचिवों की नियुक्ति पहले एक साल के अनुबंध पर होगी। उसके बाद अनुबंध बढ़ाया जा सकता है। पंचायत सचिवों को अनुबंध पर पहले वर्ष 7810 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। 

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