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  • हिमाचल में अगले हफ्ते मानसून देगा दस्तक, मौसम विभाग की चेतावनी जारी

    हिमाचल में अगले हफ्ते मानसून देगा दस्तक, मौसम विभाग की चेतावनी जारी

     

    हिमाचल में मानसून के दस्तक देने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार 6 दिन के भीतर मानसून के हिमाचल पहुंचने के आसार हैं। प्रदेश में प्री-मानसून के दौरान अब तक 40 फीसद कम बारिश हुई है। लेकिन इस बार मानसून सामान्य रहने के आसार हैं।

    मौसम विभाग ने 3 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश में 28 जून को मौसम साफ रहने और 29 जून से तीन जुलाई तक लगातार बारिश होने के आसार हैं। वीरवार को प्रदेश में ऊना सबसे गर्म क्षेत्र रहा जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि प्रदेश में मानसून के जुलाई के पहले सप्ताह में आने की उम्मीद है। इस बार मानसून 5 से 10 दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश करेगा। आमतौर पर प्रदेश में मानसून 25 जून के आसपास दस्तक देता है। मानसून के देरी से आने का असर प्रदेश में खेतीबाड़ी पर भी पड़ेगा।

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  • कुल्लू में इस स्कूल को सुविधाओं की कमी के कारण लौटानी होगी बच्चों को फीस वापस

    कुल्लू में इस स्कूल को सुविधाओं की कमी के कारण लौटानी होगी बच्चों को फीस वापस

     

    हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू जिला के ढालपुर स्थित अवर लेडी ऑफ स्नो किंडरगार्टन स्कूल में मूलभूत सुविधाओं के कारण वहां पढ़ने वाले करीब 240 बच्चों को उनकी फीस वापस करने के आदेश जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश वी रामासुब्रमनियन और न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी की खंडपीठ ने स्कूल प्रशासन द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए।

    22 अप्रैल 2019 को पारित हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर कुल्लू द्वारा स्कूल को बंद करने बाबत जारी नोटिस पर फिलहाल स्थगन आदेश तो पारित कर दिया था लेकिन साथ ही न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुल्लू को यह आदेश जारी किए थे कि वह स्कूल परिसर जाकर निरीक्षण करें कि क्या राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप स्कूल में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई हैं या नहीं।

    न्यायालय ने सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुल्लू द्वारा न्यायालय के समक्ष सौंपी रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद पाया कि स्कूल में स्टाफ, भवन, पुस्तकालय, हर दिन शिक्षा देने के लिए निर्धारित घंटे, बच्चों की शारीरिक सुरक्षा के लिए किसी भी तरह का इंतजाम नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल को जारी अपने स्थगन आदेशों से रोक हटाते हुए यह आदेश पारित किए।

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  • हिमाचल सरकार और दुबई की कंपनी के बीच MOU, प्रदेश में लग्जरी रिजॉर्ट स्थापित करेगी कंपनी

    हिमाचल सरकार और दुबई की कंपनी के बीच MOU, प्रदेश में लग्जरी रिजॉर्ट स्थापित करेगी कंपनी

     

    दुबई की नोमिसमा बैंकिग एवं फाइनांशियल एडवाइजरी, नीलगिरी ट्रेडिंग कंपनी हिमाचल प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस संबंध में हिमाचल सरकार और दुबई की कंपनी के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह कंपनी प्रदेश में लग्जरी रिजॉर्ट स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को दुबई में संयुक्त अरब अमीरात सरकार के पदाधिकारियों से बैठक की।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल में खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और बिजली जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। वहीं, यूएई सरकार के पदाधिकारियों ने कहा कि यूएई भारत में खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे में निवेश का इच्छुक  है। धर्मशाला में नवंबर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में यूएई के उद्यमी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाफजा और डीपी वल्र्ड समूह के मोहम्मद अल मुल्लेम से भी मुलाकात की। मुल्लेम ने कहा कि उनका समूह हिमाचल में निवेश करने के लिए विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स और परिवहन के अलावा बागवानी एवं कृषि उत्पादों के आयात-निर्यात करने का प्रयास करेगा।

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की उपस्थिति में राज्य सरकार और विभिन्न उद्यमियों के बीच कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। मैसर्स एमकेएस ग्रुप के साथ नेचरोपैथी रिजॉर्ट के लिए 100 करोड़ रुपये और कम लागत वाले हाउसिंग के लिए 150 करोड़ रुपये के निवेश के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। राज्य में निवेश के अवसरों को उजागर करने और यूएई के निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रदेश सरकार और यूएई इंडिया बिजनेस काउंसिल के बीच एक अन्य समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर हुए। कृषि और खाद्य क्षेत्र में मौजूदा क्षमताओं को मजबूत और विस्तार करने के लिए राज्य सरकार और कार्यकारी अध्यक्ष एवं सीईओ आइएमईए-टीआइएफएफ, मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष डीएमसीसी अहमद बिन सुलेयम के बीच एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

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  • शिमला: एसिड अटैक पीड़िता को 8 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश, 2004 की है घटना

    शिमला: एसिड अटैक पीड़िता को 8 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश, 2004 की है घटना

     

    आपराधिक क्षति मुआवजा बोर्ड ने एसिड अटैक पीड़िता को 8 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। मामला हिमाचल के शिमला का है। पहली बार हिमाचल में किसी एसिड अटैक पीड़िता को इतनी बड़ी मुआवजा राशि देने के आदेश दिए गए हैं। शिमला में 12 जुलाई, 2004 की यह घटना है। आरोपी विजय कुमार ने बिशप कॉटन स्कूल, शिमला में बस स्टॉप के पास पीड़िता पर कॉलेज जाते समय तेजाब फेंक दिया था। पीड़िता के चेहरे, बाजू और हाथ पर गंभीर रूप से जलने से निशान पड़ गए थे।

    30 नवंबर 2005 को स्थानीय अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। जानकारी के अनुसार, शिमला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय क्रिमिनल इंजरी कंपनसेशन बोर्ड ने कहा कि अटैक से ना केवल पीड़िता की सूरत पर असर पड़ा है और साथ ही मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ी है। बोर्ड के सदस्यों में जिला मजिस्ट्रेट शिमला, एसपी शिमला एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला शामिल थे।

    बता दे हिमाचल प्रदेश में अब रेप और एसिड अटैक पीड़ितों को तीन लाख रुपये मुआवजा तय किया गया है। हिमाचल सरकार ने इसकी अधिसूचना 27 जून को जारी की थी। जयराम सरकार ने अपराधिक मामलों में पीडि़त और उसके आश्रितों के पुनर्वास के लिए हिमाचल प्रदेश प्रतिकर स्कीम 2019 को अधिसूचित किया है। एसिड अटैक और रेप पीड़िता को एक लाख के बजाय तीन लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। यह राशि केंद्र सरकार के सहयोग से दी जाएगी।

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  • हिमाचल में 15 साल पुराने स्कूल वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध

    हिमाचल में 15 साल पुराने स्कूल वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध

     

    हिमाचल प्रदेश में 15 साल पुराने स्कूल वाहनों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाएगा। कुल्लू के बंजार में गुरुवार को हुए निजी बस हादसे के बाद शुक्रवार को शिमला में रोड सेफ्टी को मीटिंग की। रोड सेफ्टी को लेकर हुई हाई लेवल मीटिंग सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला में हुई है। मीटिंग में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के अलावा, डीजीपी हिमाचल भी मौजूद रहे हैं।

    मीटिंग में फैसला हुआ है कि सूबे में ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के लिये विशेष अभियान अभियान चलेगा। सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद लोक निर्माण विभाग को ब्लैक स्पॉट की रिपोर्ट देनी होगी। जब तक ब्लैक स्पॉट ठीक नहीं होंगे, तब तक सड़क को सरकार की ओर से पास नहीं किया जाएगा। इस संबंध में रोड सेफ्टी ऑडिटर की रिपोर्ट के बाद ही लोक निर्माण विभाग सड़क को पास करेगा।

    इसके अलावा, मीटिंग में तय हुआ है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नियम भी सख्त किए गए हैं। मीटिंग में सबसे अहम फैसला स्कूल वाहनों को लेकर लिया गया है। 15 साल से पुराने स्कूल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। बीते दो साल में सिरमौर और कांगड़ा के नुरपुर में स्कूल बसें हादसे की शिकार हुई हैं।

     

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  • कुल्लू में बस खाई में गिरने से 44 लोगों की मौत, 35 लोग घायल

    कुल्लू में बस खाई में गिरने से 44 लोगों की मौत, 35 लोग घायल

     

    कुल्लू जिला के बंजार हलके के भेउट में एक निजी बस के 500 फुट गहरी खाई में गिरने से 44 लोगों की मौत हो गई जबकि 35 अन्य घायल हो गए। 42 सीटर बस में 70 लोग सवार थे। हादसे का कारण चढ़ाई पर बस का गियर न बदलना और उसका बैक होना बताया जा रहा है। हादसे के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एडीएम कुल्लू अक्षय सूद मामले की जांच करेंगे।

    महावीर ट्रैवल की यह बस एचपी 65-7065 बंजार से गड़ागुशैणी जा रही थी। बस रोजाना बंजार से दोपहर बाद सवा तीन बजे अपने गंतव्य को रवाना होती थी। गुरुवार को बंजार में जाम के कारण बस अपने तय समय से 15 से 20 मिनट देरी से चली। चार बजे के करीब भेउट मोड़ पर हादसे का शिकार हो गई। पीएम मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कुल्लू बस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं उम्मीद करता हूं कि हादसे में घायल लोग जल्द ठीक हो जाएंगे। हिमाचल प्रदेश सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

    सीएम जयराम ठाकुर ने ट्वीट में लिखा है कि कुल्लू के अंतर्गत बंजार के समीप बस हादसे में मौत व लोगों के घायल होने के समाचार से दुखी हूं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति, शोकग्रस्त परिवारों को दुख सहने की शक्ति दें। हमारी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है, उन्हें फौरी राहत दी जा रही है। बस काफी पुरानी थी। बस जब भेउट मोड़ की चढ़ाई पर पहुंची तो वहां पर चालक को गियर बदलने में दिक्कत हुई। एकाएक बस पीछे की ओर चलने लगी पड़ी और सीधे ढांक से जीभी खड्ड में जा गिरी। सूचना मिलते ही हरकत में आए प्रशासन ने कुल्लू और मंडी की एंबुलेंस को मौक पर रवाना किया। सबसे अधिक दिक्कत घायलों को निकालने में आई। खड्ड पार कर सड़क तक पहुंचाया गया। सीधे ढांक से निकालना मुश्किल था। घायलों को निकालने के बाद तुरंत बंजार अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में 37 लोग घायल हुए।

    बस चालक ने छलांग लगा अपनी जान बचाई और मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि लोगों ने पीछा कर थोड़ी दूरी पर पकड़ उसकी जमकर धुनाई की। बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अधीक्षक कुल्लू शालिनी अग्निहोत्री का कहना है कि बस चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज किया गया है। बंजार पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे में मारे गए लोगों के आश्रितों को 20 हजार रुपये व घायलों को 5 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। शवों के पोस्टमार्टम की व्यवस्था मौके पर की गई है।

     

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  • हिमाचल सरकार का फैसला, अब इन अस्पतालों में भी होंगे सुरक्षा कर्मचारी तैनात

    हिमाचल सरकार का फैसला, अब इन अस्पतालों में भी होंगे सुरक्षा कर्मचारी तैनात

     

    हिमाचल में 50 बिस्तर से नीचे के अस्पतालों में अब सुरक्षा कर्मचारी तैनात होंगे। इन अस्पतालों में कैंटीन खोली जाएंगी ताकि मरीजों और डाक्टरों को खाना खाने के लिए बाहर न जाना पड़े। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को तुरंत इस पर अमल करने को कहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र सराज के थाची प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़, गालीगलौज और मारपीट के मामले में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने स्वास्थ्य निदेशक को तलब किया और विभाग की ओर से उठाए गए कदम के बारे में जानकारी ली।

    स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि 50 बिस्तर से नीचे के अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होगी। यह सुरक्षा कर्मचारी 24 घंटो अस्पतालों की ओपीडी, आपात विभाग में तैनात रहेंगे। उल्लेखनीय है कि थाची में आरोपी शनिवार शाम नशे में धुत होकर पीएचसी में घुस गया। पहले उसने ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध किया तो उसने डॉक्टर से गालीगलौज के साथ मारपीट की।

    हंगामे के बीच महिला डॉक्टर बेहोश हो गईं। मामला बिगड़ता देख आरोपी मौके से फरार हो गया। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि आरोपों को पकड़ने के लिए पुलिस हर पहेलू की जांच कर रही है। हर घंटे बाद एसपी मंडी से इस बारे में जानकारी प्राप्त की जा रही है। मंगलवार को भी पुलिस ने 12 संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी कमरे भी खंगाले। अब मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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  • हिमाचल के सिराज में महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ मामले में सीएम ने मांगी मामले की रिपोर्ट

    हिमाचल के सिराज में महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ मामले में सीएम ने मांगी मामले की रिपोर्ट

     

    सीएम जयराम ठाकुर के गृहक्षेत्र सराज के थाची गांव में महिला डॉक्टर के साथ हुई छेड़छाड़ और मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अभी तक आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी न होने खफा डाक्टरों ने मंगलवार को 2 घंटों की पैन डाउन स्ट्राइक का ऐलान कर दिया है। डॉक्टर की हड़ताल से मरीजों को परेशानी हो रही है। हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. जीवानंद चौहान, मंडी जिला के अध्यक्ष डा. जितेंद्र रूड़की, महासचिव डा. विशाल जम्वाल और सह सचिव डा. रोशन ने कहा कि पुलिस अब तक आरोपी को नहीं पकड़ पाई है, जिस कारण ही स्ट्राइक का निर्णय लिया गया है। यदि जल्द आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार नहीं किया गया तो काले बिल्ले लगाकर स्ट्राइक की जाएगी।

    एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने बताया कि आरोपी की पहचान और उसे तलाशने के लिए टीमें इलाके में भेजी गई हैं, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना शनिवार 15 जून की है। पीएचसी थाची में तैनात महिला डॉक्टर पूरे अस्पताल में अकेली मौजूद थी। उस वक्त एक शराबी युवक डॉक्टर के पास आया और पट्टी की मांग की। जैसे ही महिला डॉक्टर उसे पट्टी देने के लिए कमरे में गई तो युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। महिला डॉक्टर ने आरोपी को थप्पड़ मारे और युवक ने महिला डॉक्टर के साथ मारपीट करके वहां से फरार हो गया।

    महिला डॉक्टर ने पुलिस को जो जानकारी दी है, उसके अनुसार आरोपी युवक 28 से 30 वर्ष का है और उसने नीले रंग की शर्ट पहन रखी थी और उसके चेहरे पर काले तिल का निशान है। अब पुलिस ऐसे शख्य की तलाश में है और पूरे इलाके को खंगाला जा रहा है। पीएचसी के पास वाले स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली गई है, लेकिन उसमें भी ऐसा कोई शख्स नजर नहीं आ रहा है। वहीं स्थानीय लोगों से भी इस बारे में पूछताछ की गई है, लेकिन पुलिस को कोई खास कामयाबी नहीं मिल पाई है। सीएम का इलाका होने के कारण पुलिस पर मामले की शीघ्र जांच का अधिक दबाव है। वहीं सीएम ने भी जिला पुलिस से सारे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।

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  • हिमाचल कांग्रेस में होगा बड़ा फेरबदल, नए सिरे से होगा कांग्रेस कमेटी का गठन

    हिमाचल कांग्रेस में होगा बड़ा फेरबदल, नए सिरे से होगा कांग्रेस कमेटी का गठन

     

    लोकसभा चुनाव में करारी हार के लिए कांग्रेस में भले ही बड़े नेताओं ने जिम्मेदारी ले ली है लेकिन अब हिमाचल से शुरू होने वाली पार्टी की मेजर सर्जरी के लिए 40 नेताओं और पदाधिकारियों की सूची तैयार कर ली गई है। इन लोगों पर चुनाव में हार के लिए कार्रवाई जल्द होगी। इन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी से बाहर निकालने की तैयारी है। लोकसभा चुनाव में काडर वोट सरकने के बाद विधानसभा उपचुनाव में इसे वापस कैसे लाया जाए, कांग्रेस को यह चिंता सता रही है। यही कारण है कि बूथ स्तर पर कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम न करने वाले नेताओं व पदाधिकारियों का कच्चा चिट्ठा तैयार कर लिया गया है।

    ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार 40 नेताओं व पदाधिकारियों को हटाने के संबंध में हाईकमान से भी चर्चा हुई है। इसके लिए तथ्य भी पेश किए गए हैं। हाईकमान से मंजूरी मिलती ही पार्टी में मेजर सर्जरी शुरू हो जाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया पर बयानबाजी के साथ चुनाव मैदान में नजर न आने वाले पदाधिकारियों का रिकॉर्ड तथ्यों के साथ जुटाया गया है। इसके बाद नए सिरे से कांग्रेस कमेटी का गठन किया जाएगा। वहीं, लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए दिन-रात एक करने वालों को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी है।

    लोकसभा चुनाव के दौरान हिमाचल से कांग्रेस के चारों प्रत्याशियों ने अपनी हार को लेकर दी रिपोर्ट में करीब 12 ऐसे कांग्रेस नेताओं का जिक्र किया है जिन्होंने भितरघात कर उन्हें हराने में योगदान निभाया है। हालांकि उन्होंने हार के कई कारणों का जिक्र किया है लेकिन गुटबाजी भी प्रमुख कारणों में शामिल है।

    हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने जंबो कार्यकारिणी बनाकर इतिहास रचा था। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू के कार्यकाल के पदाधिकारियों को हटाया नहीं गया और नए पदाधिकारियों की ताजपोशी की गई। 15 महासिचव, 15 उपाध्यक्ष और 68 सचिव बनाए गए थे। अब कुलदीप राठौर की टीम छोटी की जाएगी।

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  • जयराम सरकार करे राज्य के लिए स्पेशल पैकेज की मांग- मुकेश अग्निहोत्री

    जयराम सरकार करे राज्य के लिए स्पेशल पैकेज की मांग- मुकेश अग्निहोत्री

     

    हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि जयराम सरकार को प्रदेश के लिए स्पेशल राज्य के पैकेज की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट राज्यों की तर्ज पर केंद्र सरकार को हिमाचल को भी पैकेज देना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि आधा-अधूरा पैकेज मिलने की वजह से प्रदेश में औद्योगिक निवेश में कमी आई है।

    बता दें कि हिमाचल में और अधिक औद्योगिकविस्तार करने के उद्देश्य से जयराम सरकार विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए साल के आखिर में धर्मशाला में अन्तर्राष्ट्रीय इन्वेस्टर-मीट आयोजित करवाने जा रही है। इस अन्तर्राष्ट्रीय इनवेस्टर-मीट के सफल आयोजन के लिए प्रदेश सरकार ने कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में सीएम जयराम इन दिनों जर्मनी और नीदरलैंड के दौरे पर हैं। वह विदेशी निवेशकों को हिमाचल आने का न्योता दे रहें है।

    इस दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने जयराम सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को पहले स्पेशल पैकेज हिमाचल को दिलाने का प्रयास करना चाहिए। नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों के तर्ज पर ही हिमाचल को भी पैकेज मिले। तभी जाकर निवेशक प्रदेश के उधोगों में निवेश करना चाहेगा।

    सीएम जयराम के इन्वेस्टर मीट के सवाल पर पूर्व उधोग मंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास अच्छा है, लेकिन प्रदेश में स्पेशल पैकेज न होने से निवेशक हिमाचल में निवेश नहीं करना चाहते। जो निवेशक निवेश कर भी रहे हैं वे अपनी क्षमता से काफी कम का निवेश कर रहे हैं।

     

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  • हिमाचल सरकार ने निजी विश्वविद्यालयों के लिए फीस की अधिसूचना जारी की, नहीं कर सकेंगे मनमानी

    हिमाचल सरकार ने निजी विश्वविद्यालयों के लिए फीस की अधिसूचना जारी की, नहीं कर सकेंगे मनमानी

     

    हिमाचल सरकार ने फीस ढांचे को लेकर प्रदेश के 12 निजी विश्वविद्यालयों पर नकेल कस दी है। इन विश्वविद्यालयों के लिए फीस ढांचा बुधवार को शिक्षा विभाग की ओर से जारी कर दिया गया। अब इसी स्ट्रक्टर के आधार पर विश्वविद्यालयों फीस ले सकेंगे। अगर ज्यादा फीस वसूली गई तो विश्वविद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    विशेष सचिव शिक्षा की ओर से जारी नए फीस स्ट्रक्चर में स्पष्ट किया गया है कि निजी विश्वविद्यालय पहले की तरह बिल्डिंग फंड, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, डेवलेपमेंट फंड विद्यार्थियों से नहीं वसूलेंगे। ट्यूशन फीस को किस्तों में लिया जाएगा। सरकार की मंजूरी बिना कोई भी नया कोर्स शुरू नहीं कर सकेंगे। अगर किसी कोर्स की सरकार से मंजूरी नहीं मिली है और फीस कमेटी ने उस कोर्स का फीस स्ट्रक्चर तय कर दिया है तो ऐसा कोर्स मान्य नहीं होगा।

    निजी विश्वविद्यालयों को यूजीसी के दिशा निर्देशानुसार ही शिक्षक भर्ती करनी होगी। प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से विवि के विद्यार्थियों को अवगत करवाना होगा। हिमाचली बोनोफाइड बीपीएल/आईआरडीपी विद्यार्थियों के लिए विवि को दस फीसदी सीटें आरक्षित रखनी होंगी। इनसे ट्यूशन फीस भी नहीं ली जाएगी। शैक्षणिक सत्र की फीस कोर्स पूरा होने तक लागू रहेगी।

    जिन विश्वविद्यालयों पर ये नियम लागू किया गया है वे आईसीएफएआई बद्दी, एमएमयू सोलन, मानव भारती सोलन, श्री साईं विश्वविद्यालय पालमपुर, चिटकारा विश्वविद्यालय बरोटीवाला, एपीजी विश्वविद्यालय शिमला, आईईसी विश्वविद्यालय बद्दी, महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय बद्दी, बाहरा विश्वविद्यालय वाकनाघाट, बद्दी यूनिवर्सिटी आफ इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नालॉजी, अभिलाषी विश्वविद्यालय मंडी इटरनल विश्वविद्यालय बडू साहिब सिरमौर शामिल है।

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  • हिमाचल में गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण लागू, साथ ही ये आरक्षण किया खत्म

    हिमाचल में गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण लागू, साथ ही ये आरक्षण किया खत्म

     

    हिमाचल में गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण लागू हो गया है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए दस फीसदी आरक्षण मिलेगा। सालाना चार लाख से कम आय वाले परिवार इसके लिए पात्र होंगे। मंगलवार को मुख्य सचिव ने इस संबंध में प्रशासनिक सचिवों, सभी विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों, निगमों-बोर्डों और अन्य स्वायत्त संस्थाओं के प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

    इस आरक्षण व्यवस्था के साथ ही प्रदेश में पहले से लागू सामान्य श्रेणी के बीपीएल के लिए तय 8 प्रतिशत आरक्षण कोटे को खत्म कर दिया गया है। इसे सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण में ही शामिल कर लिया गया है। बीपीएल श्रेणी के आवेदकों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत आवेदन करना होगा। इन्हें कोई अतिरिक्त प्रमाणपत्र बनाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन के दौरान उन्हें सिर्फ बीपीएल प्रमाणपत्र ही देना होगा। हालांकि, ओबीसी, एससी-एसटी के बीपीएल अभ्यर्थियों के लिए तय सात प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था यथावत रहेगी।

    आरक्षण की इस श्रेणी में पद खाली रहने की सूरत में उसे सामान्य श्रेणी से भरा जाएगा। यानी इसका बैकलॉग नहीं बनेगा। सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार इस आरक्षण का लाभ सामान्य वर्ग के सभी बीपीएल के अलावा उन गरीब अभ्यर्थियों को भी मिलेगा, जिनकी पारिवारिक आय चार लाख से कम है। इस श्रेणी में आरक्षण का लाभ लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एक हेक्टेयर से कम कृषि भूमि और शहरी क्षेत्र में पांच सौ वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन नहीं होनी चाहिए।

    यही नहीं, घर या फ्लैट भी ढाई हजार वर्ग फुट से ज्यादा का होने पर नई आरक्षण व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा। इनकम टैक्स देने वाले, केंद्र व राज्य सरकार, बोर्ड, निगम और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के नियमित अथवा अनुबंध कर्मचारी के परिवार के सदस्य भी इसके लिए पात्र नहीं होंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक आरडी धीमान ने हिमाचल में गरीब सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण लागू होने की पुष्टि करते हुए कहा कि इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

    सरकार की ओर से जारी निर्देशों में साफ है कि अगर आवेदन के बाद ईडब्ल्यूएस का सर्टिफिकेट या उसमें दी जानकारी झूठी निकली है तो आवेदन और नौकरी दोनों बर्खास्त हो जाएंगे। नियुक्ति के समय नियोक्ता इस श्रेणी के तहत चयनित अभ्यर्थी के नियुक्ति पत्र में इस शर्त को दाखिल करेगा।

    ईडब्ल्यूएस श्रेणी के दस प्रतिशत कोटे को कभी बैकलॉग के रूप में आगे की भर्तियों के लिए नहीं रखा जाएगा। अगर इस श्रेणी के तहत चिह्नित पदों के लिए पात्र अभ्यर्थी नहीं मिलते हैं तो बचे हुए पदों को सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों में से चयन किया जाएगा। यह शर्त आवेदन मांगने के समय स्पष्ट रूप से नियम एवं शर्तों में लागू होगी। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ लेने के लिए आवेदक को आय एवं संपत्ति सर्टिफिकेट बनवाना होगा। यह प्रमाणपत्र उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, संबंधित क्षेत्र का एसडीएम और तहसीलदार तक के राजस्व अधिकारी जारी कर सकेंगे।

    कोई भी ईडब्ल्यूएस आवेदक अनारक्षित श्रेणी के तहत भी आवेदन कर सकता है। अगर कोई ईडब्ल्यूएस आवेदक आरक्षण व्यवस्था के बजाय अपनी मेरिट के आधार पर चयनित होता है तो भी उसकी सीट को सामान्य श्रेणी के तहत ही माना जाएगा और ईडब्ल्यूएस कोटे की सीट के लिए इस श्रेणी के अगले आवेदक पर विचार किया जाएगा।

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  • 8 महीने बाद खुला मनाली-लेह मार्ग, साथ ही रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू

    8 महीने बाद खुला मनाली-लेह मार्ग, साथ ही रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू

     

    8 माह बाद सामरिक महत्व का 485 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह मार्ग बहाल हो गया है। 15,000 फीट की ऊंचाई पर बारालाचा दर्रे से हो कर वाहन दौड़ना शुरू हो गए हैं। इस बार रिकॉर्ड बर्फबारी के चलते सीमा सड़क संगठन को इस मार्ग को बहाल करने में 22 दिनों का अधिक का समय लगा। अब चीन और पाकिस्तान सीमा तक आसानी से सेना को रसद पहुंचाई जा सकेगी। पर्यटक भी मनाली-रोहतांग के बाद लाहौल होते हुए लेह-लद्दाख जा रहे हैं।

    वहीं आज से रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू हो गई है। इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से पर्यटकों को बड़ी राहत मिली है। पहले चरण में रोहतांग के लिए चार इलेक्ट्रिक बसें रवाना की गई हैं। देश-विदेश के पर्यटक और सेना रोहतांग दर्रा खुलने के बाद लेह मार्ग के बहाल होने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। बीआरओ ने करीब एक सप्ताह पहले ही बारालाचा दर्रे से बर्फ हटा दी थी, पर तंग मोड़ और पासिंग प्वाइंट नहीं होने के चलते वाहनों के आवागमन को हरी झंडी नहीं दी गई थी। आज सबसे पहले सेना के वाहन रवाना हुए। पिछले साल 18 मई को मनाली-लेह मार्ग खुल गया था जबकि 23 मई से एचआरटीसी की बस सेवा शुरू हुई थी। इस बार पिछले साल की तुलना करीब 22 दिन देरी से मार्ग खुला है।

    38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि आज से मनाली-लेह मार्ग पर वाहन दौड़ना शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मार्ग का निरीक्षण कर उन्हें बताए कि कहां समस्या है, वह उसे भी दुरुस्त कर देंगे। एचआरटीसी केलांग के आरएम मंगल चंद मनेपा ने कहा कि निगम के अधिकारी जल्द ही सड़क का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद जल्द ही सरकारी बस सेवा को शुरू कर दिया जाएगा। 485 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग पर जल्द ही निगम की बस सेवा भी शुरू की जाएगी।

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  • महिला कर्मी ने लगाया कंपनी मैनेजमेंट पर शोषण करने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

    महिला कर्मी ने लगाया कंपनी मैनेजमेंट पर शोषण करने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

     

    औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला, नालागढ़ के उद्योगों में मजदूरों के शोषण का मामला सामने आया है। ताजा मामला बद्दी के वर्धमान ग्रुप की महावीर स्पिनिंग मिल का है। जहां पर एक स्पिनिंग मिल में काम करने वाली महिला कर्मी द्वारा कंपनी मैनेजमेंट पर शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा जबरन महिलाओं से 12 से 16 घंटे काम लिया जा रहा है। छुट्टी के दिन भी उन्हें बुलाकर 12-12 घंटे काम करवाया जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि जब कोई कर्मचारी इसका विरोध करता है तो कंपनी मैनेजमेंट उससे जबरन इस्तीफा लेकर बाहर का रास्ता दिखा देती है।

    पीड़िता ने कहा है कि जब उसने भी इसका विरोध किया तो 4 जून को कंपनी मैनेजमेंट द्वारा पहले तो उसे जबरन इस्तीफा लिया गया और उसके बाद उस को बंधक बनाकर एक बोलेरो कार में तीन चार लोगों के साथ उसके घर फगवाड़ा छोड़ दिया गया। पीड़िता का कहना है कि वह कार में जाते हुए काफी की चीख पुकार कर रही थी लेकिन उन लोगों द्वारा उसकी एक ना सुनी गई। उसके घर फगवाड़ा छोड़ने आए आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी तक दे डाली। आरोपियों ने कहा कि अगर तुमने इसके बारे में किसी को बताया तो तुझे जान से मार दिया जाएगा।

    पीड़िता ने शनिवार को बद्दी पहुंचकर पहले महिला पुलिस थाना में एक शिकायत दी और उसके बाद लेबर ऑफिसर को एक कंपनी प्रबंधन के खिलाफ शिकायत देकर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं कंपनी के एचआर मैनेजर कहना है कि उन्होंने पीड़िता से किसी भी तरह का कोई जबरन इस्तीफा नहीं लिया है। महिला कर्मी द्वारा खुद ही अपना इस्तीफा दिया गया। बाद में ज्यादा समान होने की बात कहकर खुद ही कंपनी की गाड़ी में फगवाड़ा छोड़ने की बात कही थी। जिसके बाद कंपनी द्वारा उसे गाड़ी में फगवाड़ा छोड़ दिया गया। कंपनी ने लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। मामले में पुलिस का कहना है कि पीड़िता की ओर से एक शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

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  • चॉकलेट का लालच देकर 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

    चॉकलेट का लालच देकर 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

     

    हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से रेप का मामला सामने आया है। 47 साल के दुकानदार पर पांच साल की बच्ची से रेप के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। बच्ची और उसका परिवार जिला मुख्यालय में किराये के मकान में रहता है। प्रवासी परिवार नेपाली से संबंध रखता है और उसकी पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ है। जबकि स्थानीय शख्स पर दुष्कर्म का आरोप है।

    मामला तीन दिन पहले का है, गुरुवार को बच्ची ने पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजनों को पूरी बात बताई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की उम्र 47 साल है और जिला मुख्यालय के साथ लगते गांव का ही रहने वाला है, वह रोजाना बच्ची को टॉफी और चॉकलेट देता था। उसने पीड़ित को चॉकलेट देने के बहाने बुलाया और दुष्कर्म किया। बच्ची की रिहायश से कुछ ही दूरी पर ही आरोपी दुकान करता है। पुलिस ने पीड़ित के परिजनों के बयान कलमबद्ध किए हैं और पीड़ित का मेडिकल करवाया जाएगा।

    नेपाली मूल की बच्ची के मामले में स्थानीय कांग्रेस विधायक इंदर दत्त लखनपाल भी पुलिस थाने पहुंचे और उन्होंने बीजेपी राज में कानून व्यवस्था चरमराने का आरोप लगाया। इस दौरान थाने में उन्होंने नेपाली परिवार से मुलाकात की और न्याय का आश्वसन दिया। डीएसपी हितेश लखनपाल ने बताया कि पॉस्को एक्ट में मामला दर्ज है। आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया है और जांच की जा रही है।

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