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CM योगी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- 'अराजकता रोको, वरना जो बचा है वह भी जाएगा'

CM योगी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- 'अराजकता रोको, वरना जो बचा है वह भी जाएगा'

 

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसे देश में अराजकता का पर्याय बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए देश में अराजकता फैलाने से बाज नहीं आई, तो जनता उसका बचा-खुचा अस्तित्व भी समाप्त कर देगी। कांग्रेस के नेतृत्व को इस बात पर विचार करना चाहिए कि जनता उसे बार-बार क्यों ठुकरा रही है।

सीएम योगी ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में मीडिया से बात करते हुए यह तीखा हमला बोला। उन्होंने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अपने भ्रष्ट मंसूबों के कारण जनता का विश्वास खो चुकी है। कांग्रेस और उसके सहयोगी आज जिस तरह से गैर-राजनीतिक आचरण का परिचय दे रहे हैं, उसे पूरा देश देख रहा है।

यूपी ने कांग्रेस को 41 साल पहले विदा कर दिया

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अपनी गलतियों से सबक लेने के बजाय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रही है। जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि देश उसे बार-बार क्यों ठुकरा रहा है। भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से जागरूक है। वह अराजक और अलोकतांत्रिक आचरण को अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि 1985 के बाद से कांग्रेस यूपी में फिर से सत्ता में नहीं आ पाई। यानी यूपी ने कांग्रेस को आज से 41 साल पहले विदा कर दिया था। देश के अंदर तमाम अन्य राज्य भी एक-एक करके कांग्रेस से मोहभंग होने के बाद उससे मुक्ति पा चुके हैं। जनता से लगातार मिल रही अस्वीकृति के कारणों पर विचार करने के बजाय कांग्रेस चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने में जुटी है।

चुनाव जीते तो पुरुषार्थ और हारे तो EVM दोषी

सीएम योगी ने कहा कि पिछले कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस लगातार अव्यवस्था पैदा कर रही है। आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। कांग्रेस का यह आचरण बताता है कि वह राजनीतिक विरोध और अराजकता के बीच का अंतर भी भूल चुकी है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का स्थान है, लेकिन उसके नाम पर जनता को परेशान करना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “आश्चर्य है, यह चुनाव जीते तो इनका पुरुषार्थ और अगर हारे तो EVM दोषी, इलेक्शन कमीशन दोषी। न्यायालय अगर मेरिट के आधार पर फैसला देता है, तो माननीय न्यायालय को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास करते हैं।”

राजनीतिक रूप से जो बचा है, वह भी गंवाना पड़ेगा

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना, गाली-गलौज करना और अव्यवस्था फैलाना कांग्रेस की नियति का हिस्सा बन चुका है। कांग्रेस के लोगों को चाहिए कि वे अपने नेतृत्व की अकर्मण्यता, भ्रष्ट आचरण और जनता का विश्वास खो चुके नेतृत्व को बदलें। भारत में अराजकता न फैलाएं और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित कार्य न करें।

उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस को देश की जनता की लोकतांत्रिक चेतना को कम करके नहीं आंकना चाहिए। जनता अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों को अधिक दिनों तक सहन नहीं करेगी। कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और इसी प्रकार अलोकतांत्रिक तरीकों से अस्थिरता पैदा करती रही, तो राजनीतिक रूप से जो कुछ बचा है, वह भी गंवाना पड़ेगा।


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