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Janmashtami Fasting: जन्माष्टमी पर कैसे रखें व्रत? जानें क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज

Janmashtami Fasting: जन्माष्टमी पर कैसे रखें व्रत? जानें क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज

 

Janmashtami Fasting: भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी हर तरफ दिखाई देने लगी है। 4 सितंबर यानी शुक्रवार के दिन जन्माष्टमी का यह पावन व्रत पूरे देश में निष्ठा के साथ रखा जाएगा। सुहागिन महिलाएं और भक्तजन बाल-कृष्ण की कृपा पाने के लिए इस दिन पूरे भाव से उपवास रखते हैं। लेकिन व्रत के दौरान सही नियमों का ध्यान रखना और खान-पान का सही ज्ञान होना बेहद जरूरी माना जाता है। गलत चीजें खाने या नियम तोड़ने पर व्रत का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए हर भक्त को यह जान लेना चाहिए कि जन्माष्टमी का व्रत किस प्रकार रखा जाए, इस दिन क्या खाया जा सकता है और किन चीजों से दूरी बनाना जरूरी होता है।

जन्माष्टमी व्रत रखने के मुख्य नियम

जन्माष्टमी के दिन व्रत की शुरुआत सुबह जल्दी स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनने के साथ होती है। इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लिया जाता है। भक्त अपनी सुविधा और शरीर के स्वास्थ्य के अनुसार निर्जल या फलाहार रहकर यह उपवास रखते हैं। इस पावन दिन पर मन को एकदम शांत रखना चाहिए और दिनभर भगवान के भजनों का ध्यान करना चाहिए।

रात में 12 बजे जब बाल-कृष्ण का जन्म होता है, तब उनका पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक किया जाता है। इसके बाद आरती करके और भगवान को भोग लगाकर ही व्रत खोला जाता है। पूरे नियम और निष्ठा से रखा गया यह उपवास मन को शांति देता है और परिवार में खुशहाली लाता है। इसलिए नियमों का सही से पालन करके ही इस व्रत को संपन्न करना चाहिए।

व्रत के दौरान क्या खाएं और सेवन के नियम?

जन्माष्टमी के व्रत में खान-पान का सही नियम बहुत महत्व रखता है। जो लोग फलाहार रखकर उपवास रखते हैं, वे दिन के समय ताजे फल, दूध और दही का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा मखाना, कद्दू के बीज और चिरौंजी जैसी सात्विक चीजों का प्रयोग किया जा सकता है।

रात को 12 बजे भगवान के जन्मोत्सव की पूजा संपन्न होने के बाद पंचामृत, माखन-मिश्री और धनिया पंजीरी का प्रसाद ग्रहण करना सबसे उत्तम माना गया है। धनिया पंजीरी का सात्विक प्रसाद शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और पेट को राहत पहुंचाता है। यह सभी सात्विक चीजें व्रत के दौरान शरीर को बल देती हैं और पूजा का पूरा फल दिलाती हैं। इसलिए फलाहार के समय इन शुद्ध और सात्विक चीजों को ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

व्रत में क्या न खाएं और वर्जित चीजें?

जन्माष्टमी के पावन व्रत के दौरान कुछ चीजों का सेवन पूरी तरह से वर्जित माना जाता है। इस दिन अनाज का सेवन गलती से भी नहीं करना चाहिए। गेहूं के आटे, सूजी या किसी भी तरह के अनाज का भोग लगाना और खाना मना होता है। इसके साथ ही भोजन में साधारण नमक का प्रयोग न करें। अगर जरूरी हो, तो केवल फलाहारी नमक का ही प्रयोग किया जाता है।

लहसुन, प्याज और तामसिक चीजों से पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए। बिना तुलसी पत्र के तैयार किया गया कोई भी प्रसाद भगवान स्वीकार नहीं करते, इसलिए भोग में तुलसी का प्रयोग जरूर करें। इन वर्जित नियमों का ध्यान रखने से व्रत की पवित्रता बनी रहती है। गलत चीजों से परहेज करके ही आप अपने उपवास को पूरी तरह सफल बना सकते हैं।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। जनता टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।


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