Sukhvinder Singh Sukhu: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तीसा में विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने, मेहनत करने और असफलताओं से निराश न होने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है।
छात्रा इशिका भारद्वाज ने विद्यालय में पर्याप्त साइंस लैब और आधुनिक उपकरणों की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय में साइंस लैब के लिए तीन करोड़ रुपये देने की घोषणा की। स्कूल में अतिरिक्त आठ कमरों का निर्माण भी किया जाएगा।
छात्रा ने पूछा सर आप कौन सा विषय पढ़ना चाहेंगे
संवाद के दौरान विद्यालय की छात्रा अपेक्षा भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से पूछा कि यदि उन्हें एक दिन विद्यार्थियों के साथ कक्षा में बैठकर पढ़ने का अवसर मिले तो वह कौन-सा विषय पढ़ना पसंद करेंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने हिंदी विषय के प्रति अपनी रुचि जाहिर की।
सबसे कठिन फैसले पर पूछा
एक अन्य छात्रा ने उनसे जीवन का सबसे कठिन फैसला लेने के अनुभव के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी फैसला लेते समय डरना नहीं चाहिए। यदि फैसले का परिणाम अच्छा न हो तो उसमें सुधार किया जा सकता है, जबकि अच्छे फैसले को आगे बढ़ाना चाहिए।
नशे पर किया संवाद
कक्षा 12वीं की छात्रा मोनिका ने प्रदेश में बढ़ती चिट्टा तस्करी और नशे की समस्या पर सवाल उठाते हुए पूछा कि युवा एंटी ड्रग्स एंबेसडर के रूप में समाज को नशे से बचाने में क्या भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों और नशे की गिरफ्त में आए लोगों को अलग-अलग नजरिए से देखना होगा।
नशे के आदी युवाओं को उपचार और सहयोग के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की जरूरत है, जबकि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि आसपास नशे की तस्करी की जानकारी मिलने पर पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
सरकारी स्कूलों को कैसे बेहतर बनाना चाहते हैं
छात्रा मुस्कान ने मुख्यमंत्री से पूछा कि वह प्रदेश के सरकारी स्कूलों को किस तरह बेहतर बनाना चाहते हैं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी निजी स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने माना कि कई स्कूलों में विज्ञान और अन्य विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी होती थी।
सरकार इस व्यवस्था में सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाकर निजी स्कूलों के साथ प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जाएगा।
ब्वॉय हॉस्टल की मांग
कक्षा दसवीं के एक छात्र ने विद्यालय में दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ब्वॉय हॉस्टल बनाने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि चुराह क्षेत्र के चार से पांच स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।