Ketan Agrawal Murde Case: अपराध करने वाले की प्लानिंग और चालाकियां कितनी भी परफेक्ट क्यों न हो, लेकिन पुलिस अक्सर अपराधियों की किसी न किसी गलती के आधार पर पूरे मामले की गुत्थी सुलझा लेती है। ठीक ऐसा ही केतन हत्याकांड में हुआ, जहां अंधे मोड़ पर पहुंच चुकी जांच में केतन की बहन की सतर्कता और पुलिस की गहन छानबीन ने हत्या की इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी पहले से एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों के बीच 1 जनवरी से जून 2026 के दौरान कुल 2,004 फोन कॉल्स हुई थीं। इसी आधार पर पुलिस ने संदिग्ध कॉलर्स से पूछताछ की और कई अहम सबूत जुटाए, जिन्होंने चेतन को सीधे अपराध से जोड़ दिया।
पुलिस ने खुलासा किया कि केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद मुख्य आरोपी सिया गोयल उसके घर पहुंची थी। इस दौरान केतन की बहन ने उससे कुछ सवाल किए। सिया के जवाबों में उन्हें कुछ संदिग्ध लगा। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गुप्त रूप से जांच को आगे बढ़ाया।
कॉल डिटेल्स से हुआ खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी लंबे समय से लगातार संपर्क में थे। दोनों के बीच 1 जनवरी से जून 2026 तक कुल 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई। कॉल रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों ने पिछले छह महीनों में करीब 238 घंटे तक बात की थी। इस जानकारी ने पुलिस के शक को और मजबूत कर दिया।
लोकेशन छिपाने के लिए दुकान पर छोड़ा फोन
पुलिस जांच में पता चला कि वारदात वाले दिन यानी 18 जून को चेतन चौधरी का इंटरनेट सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक बंद रहा था। यह बात जांच अधिकारियों के लिए संदेह का कारण बनी। जांच में सामने आया कि चेतन ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए अपना मोबाइल फोन दुकान पर ही छोड़ दिया था और अपने एक कर्मचारी का फोन लेकर लोहागढ़ चला गया था।
18 जून को चेतन ने नहीं उठाया कोई कॉल
पुलिस ने 18 जून को चेतन के फोन पर आए सभी कॉलर्स से पूछताछ की। सभी ने बताया कि उस दिन चेतन ने खुद कोई फोन रिसीव नहीं किया था। उसकी जगह दुकान पर मौजूद कर्मचारियों ने कॉल का जवाब दिया था। इसके बाद पुलिस ने इंटरनेट बंद रहने, मोबाइल की लोकेशन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को लेकर चेतन से सख्ती से पूछताछ की। जांच में कथित तौर पर ऐसे कई सबूत मिले, जिन्होंने उसे सीधे अपराध से जोड़ दिया।
क्या है पूरा मामला?
पुणे के 26 वर्षीय कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की 18 जून 2026 को लोहागढ़ किले के पास करीब 350 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया था। उस समय उनकी मंगेतर सिया गोयल भी उनके साथ मौजूद थीं। बताया गया था कि जन्मदिन की फोटो खिंचवाने के बहाने उन्हें खाई के किनारे ले जाया गया था।
हालांकि, पुलिस जांच में मामला हादसा नहीं बल्कि हत्या निकला। जांच एजेंसियों के अनुसार, सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। पुलिस का दावा है कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थीं। इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर उन्हें खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया।