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Iran ने की US के साथ शांति समझौते की पुष्टि, लेकिन ट्रंप के सामने रख दी ये शर्त

Iran ने की US के साथ शांति समझौते की पुष्टि, लेकिन ट्रंप के सामने रख दी ये शर्त

 

US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच दो महीने तक चली वार्ता के बाद आखिरकार समझौता हो गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (14 जून) को दोनों देशों के बीच शांति समझौते का एलान किया. इसके बाद ईरान ने भी अमेरिका के साथ शांति समझौते की पुष्टि की. हालांकि ईरान  ट्रंप के सामने कुछ शर्तें भी रख दीं. क्योंकि शांति समझौता हो तो गया है लेकिन अभी तक इसपर साइन नहीं हुए हैं.

19 जून को होंगे शांति समझौते पर साइन

अमेरिका-ईरान के शांति समझौते पर 19 जून को स्विटजरलैंड में हस्ताक्षर होंगे. ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामले) काजेम गरीबाबादी ने अमेरिका के साथ शांति समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि तेहरान अंतिम समझौते के लिए प्रस्तावित 60 दिवसीय वार्ता में तभी प्रवेश करेगा, जब वाशिंगटन शत्रुता समाप्त करने, नाकाबंदी हटाने और ईरानी संपत्तियों को रिलीज करने की प्रतिबद्धताओं की पुष्टि कर लेगा.

उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौते के पूरा होने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की घोषणा की. ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के मुताबिक, गरीबाबादी ने कहा कि समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को होगा, जिसके बाद समझौता ज्ञापन की शर्तें सार्वजनिक की जाएंगी.

अपने मकसद में कामयाब नहीं हुआ दुश्मन- ईरान

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा, "दुश्मन ने अपने नापाक इरादों को पूरा करने के लिए हमला किया था, लेकिन वह अपने सभी मकसद में कामयाब नहीं रहा और ईरान ने युद्ध में बड़ी जीत हासिल की. ​​यह समझौता ज्ञापन केवल कूटनीति का परिणाम नहीं है, बल्कि ईरान की सैन्य उपलब्धियों का ऋणी है. यह सत्ता के दुश्मनों का सामना करते हुए हमने जो शहीदों के पवित्र रक्त बहाए हैं, उनका भी ऋणी है. आधिकारिक हस्ताक्षर के बाद, समझौता ज्ञापन की शर्तें प्रकाशित की जाएंगी. शुक्रवार को इस पर हम आधिकारिक हस्ताक्षर करेंगे और दोनों प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख वार्ता के लिए भविष्य की व्यवस्था तय करने के लिए चर्चा करेंगे."

ईरान ने अमेरिका के सामने रखी ये शर्तें

इस शांति समझौते के बावजूद ईरान ने अमेरिका के सामने कुछ शर्तें रखी हैं. काजेम गरीबाबादी ने कहा कि ईरान वार्ता के अगले चरण में प्रवेश करने से पहले इस बात की पुष्टि करेगा कि क्या संयुक्त राज्य अमेरिका ने "युद्ध समाप्त करने, नाकाबंदी हटाने और संपत्ति जारी करने" के संबंध में अपने दायित्वों को पूरा किया है. यानी ईरान इस शांति समझौते पर तभी हस्ताक्षर करेगा जब शुक्रवार यानी 19 जून से पहले अमेरिका ईरान की सीज पड़ी संपत्तियों को जारी कर देगा और होर्मुज से नाकाबंदी हटा देगा. उसके बाद भी ईरान शांति समझौते पर साइन करेगा.

ईरान को अभी भी नहीं अमेरिका पर भरोसा!

प्रेस टीवी के अनुसार, गरीबाबादी ने कहा, "60 दिनों की वार्ता का प्रवेश अमेरिका द्वारा इन प्रतिबद्धताओं के पूरा होने पर निर्भर है." समझौते के बारे में जानकारी देते हुए गरीबाबादी ने कहा कि ईरान ने समझौता ज्ञापन के मसौदे में अपने सभी प्रमुख बिंदुओं को शामिल कर लिया है और इस बात पर जोर दिया कि इस दस्तावेज को वाशिंगटन पर भरोसे की निशानी के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए. अल जज़ीरा द्वारा प्रकाशित बयान में उन्होंने कहा, "इस समझौता ज्ञापन का मतलब दुश्मन पर भरोसा करना नहीं है. हम अमेरिकी प्रतिबद्धताओं के कार्यान्वयन पर नजर रखेंगे." गरीबाबादी का ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौते के पूरा होने की घोषणा के बाद आया है.

ट्रंप ने किया शांति समझौते का एलान

बता दें कि रविवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते का एलान किया. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया. जिसमें ट्रंप ने लिखा, "ईरान के साथ समझौता पूरा हो गया है. सभी को बधाई! मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने की पूर्ण रूप से इजाजत देता हूं. साथ ही अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक अवरोध को तत्काल हटाने की भी अनुमति देता हूं. दुनिया के जहाज, अपने इंजन चालू करें. तेल की सप्लाई होने दें!"
 


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