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CJI सुर्यकांत ने शेयर की बचपन की यादें, बोले-'बचपन याद आता है,पहली बार सिनेमाघर...'

CJI सुर्यकांत ने शेयर की बचपन की यादें, बोले-'बचपन याद आता है,पहली बार सिनेमाघर...'

 

CJI Surya Kant: देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बनने के बाद पहली बार अपने गृहजिले में पहुंचे न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि साइबर अपराध व्यक्तिगत धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रहा, यह संगठित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का रूप ले चुका है।

आधुनिक तकनीक से अपराधी हजारों करोड़ रुपये की ठगी कर धन को देश के बाहर पहुंचा रहे हैं। बदलते दौर में अधिवक्ताओं को तकनीकी रूप से स्वयं को सशक्त करना होगा, ताकि वे वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकें। सीजेआई शुक्रवार को हिसार व हांसी बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित कर रहे थे।

अपराध बदला और वकालत भी बदली

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि तकनीक के विकास के साथ अपराधों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट जैसे नए अपराध उभरकर सामने आए हैं।

ऐसे में युवा अधिवक्ताओं को पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा। सीजेआई ने युवा अधिवक्ताओं से ऑनलाइन केस फाइलिंग, डिजिटल सुनवाई और ई-लाइब्रेरी जैसी प्रणालियों में दक्षता हासिल करने का आह्वान भी किया।

डिजिटल अरेस्ट से 55 हजार करोड़ से अधिक की ठगी सीजेआई सूर्यकांत ने बताया कि साइबर अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायपालिका ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया है।

अनुमान के अनुसार डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों के जरिए 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हो चुकी है। भले ही इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध न हो, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह धन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से दूसरे देशों में भेजा जा रहा है।

'न्यायपालिका पर जनता का अटूट भरोसा'

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि देश की आम जनता का आज भी न्यायपालिका पर गहरा विश्वास है। यही कारण है कि विवाद की स्थिति में लोग कहते हैं-‘कोर्ट में देख लूंगा’। उन्होंने कहा कि पहले छोटे विवादों के मामले अधिक आते थे, लेकिन जनसंख्या वृद्धि और विदेशी निवेश के कारण कामर्शियल लिटिगेशन का दायरा भी तेजी से बढ़ा है।

हांसी में देखी थी पहली फिल्म, साइकिल पर ले गए थे पिता सीजेआई ने बताया उनके पिता हांसी में तैनात रहे। बचपन में वे नियमित स्कूल नहीं जा पाए और कुछ समय के लिए एक स्कूल में पढ़े। पहली बार सिनेमाघर में फिल्म देखने का अनुभव हांसी में ही हुआ, जब पिता उन्हें साइकिल पर बैठाकर ले गए थे। सीजेआई सूर्यकांत के पिता मदनगोपाल शास्त्री वरिष्ठ साहित्यकार थे।

हांसी जिला बनने पर दी बधाई

सीजेआई सूर्यकांत ने हांसी के जिला बनने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी और इसे ऐतिहासिक नगर बताया। उन्होंने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि हांसी से उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश का जीवन त्याग, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक होता है।

हांसी बार एसोसिएशन का मांग पत्र

हांसी बार एसोसिएशन ने नए न्यायिक परिसर की मांग रखी। सीजेआई ने आश्वासन दिया कि नियमानुसार सेशन डिविजन की शुरुआत, महिला बार, लाइब्रेरी, कैंटीन और डिस्पेंसरी जैसी सुविधाओं के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सीएम ने किया सीजेआई का स्वागत

सीजेआई के हिसार पहुंचने पर सीएम नायब सिंह सैनी ने उनका स्वागत किया। सीजेआई ने अपने संबोधन में कहा भारत की न्यायपालिका दुनिया की सबसे बेहतर प्रणालियों में है।

पुरानी बैठने की जगह देख हुए भावुक

सीजेआई सूर्यकांत ने बताया 1984 में हिसार बार से वकालत शुरू की थी। आज वे देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश हैं। हिसार कोर्ट परिसर में अपनी पुरानी बैठने की जगह देख वे भावुक हो उठे।
 


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