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सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला: ‘मेला साथी’ ऐप लॉन्च, पर्यटकों को एक क्लिक में हर जानकारी

सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला: ‘मेला साथी’ ऐप लॉन्च, पर्यटकों को एक क्लिक में हर जानकारी

 

Surajkund mela 2026: 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले के पहले रविवार को लगभग 30 हजार पर्यटकों ने मेले का दीदार किया। खूबसूरत माहौल में मस्ती के रंग बिखरे। बड़ी व छोटी चौपाल पर विभिन्न प्रदेशों के कलाकार अपनी प्रस्तुति से मेले के आकर्षक बनाया।

सुबह थोडी देर हुई वर्षा से यह आशंका जताई जा रही थी कि इससे मेले की रंगत पर असर पड़ेगा, पर बाद में धूप निकलने से यह आशंका निर्मूल साबित हुई, हां मेला प्रांगण में थोड़ा कम संख्या में दर्शक पहुंचे। वर्षा से किसी शिल्पी का भी कोई नुकसान नहीं हुआ।

पर्यटकों का स्मार्ट साथी बनेगा मेला साथी एप 

पर्यटकों की सुविधा के लिए हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर से मेला साथी एप का शुभारंभ किया गया है। एप के जरिए पर्यटकों को मेले से जुड़ी हर जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी। इससे देश-विदेशों से मेले में पहली बार अपने वाले पर्यटकों को काफी लाभ मिलेगा। एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

दरअसल, सूरजकुंड मेले में हर साल लाखों लोग पहुंचते हैं। इनमें अनेक पर्यटक ऐसे होते हैं जो पहली बार मेला आते हैं। उन्हें यह पता नहीं होता है कि मेले के टिकट कितने के हैं। किस स्टाल की क्या खासियत है। थीम स्टेट की क्या खासियत है।

मेला साथी एप के जरिये पर्यटकों को स्टालों की लोकेशन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समय, कलाकारों और शिल्पकारों का परिचय, खान-पान जोन, पार्किंग व्यवस्था, आपात सेवाएं और अन्य सुविधाओं की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी। सूरजकुंड मेला के नोडल अधिकारी हरविंद्र सिंह ने बताया कि यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध हैं।

सांस्कृतिक उत्सव की झांकी ने मोहा मन

देश-विदेश से आए कलाकार, शिल्पकार और पर्यटक भारतीय संस्कृति के विविध रंगों को करीब से अनुभव कर रहे हैं। मुख्य चौपाल पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले का विशेष आकर्षण होते हैं, जहां हर दिन अलग-अलग विधाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। मेले में आने वाले पर्यटकों ने मेला चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।

युवा मस्ती करते नजर आए

रविवार का दिन हो और मेले में युवा हों, साथ में नगाड़ा व बीन पार्टी हो तो फिर उनके कदम कहां रूकते हैं। ऐसे ही दृश्य रविवार को नजर आए। हरियाणा की लोक संस्कृति से जुड़े कच्ची घोड़ी डांस, बीन व नगाड़ा पार्टी की प्रस्तुति से युवाओं के पांव रुक नहीं पाते और वे नाचने लगते हैं, कुछ युवा तो बड़े ही मोहक अंदाज में डांस करने लगते हैं।

सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे लोग

कई परिवार और दोस्त आपस में सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे थे। डिजिटल तकनीक का उपयोग भी इस बार मेले की खास पहचान बना है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी थीम राज्य मेघालय आर उत्तर प्रदेश के डिजिटल सेल्फी बूथ लगाए गए हैं, जहां पर्यटक क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी डिजिटल तस्वीरें तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।

यह सुविधा खासकर युवा वर्ग और विदेशी पर्यटकों को खूब पसंद आ रही है, जो आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक संस्कृति का संगम देखना चाहते हैं। इसके अलावा इस वर्ष के पार्टनर कंट्री मिस्र की संस्कृति को दर्शाने वाले सेल्फी पाइंट मेले का प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।

छोटी चौपाल पर हरियाणवी नृत्य की धूम

मेला की छोटी चौपाल पर महिला कलाकारों ने खूब रंग जमाया। हरियाणवी लोक नृत्य की धूम रही। चौपाल पर भरत नाटयम की प्रस्तुति देती से भी महिला कलाकार छायी रहीं। मेले में बच्चे बायो स्कोप देखते हुए नजर आए।

शाम छह बजे के बाद मेला प्रांगण में भीड़ थोड़ी हल्की होने लगी थी, क्योंकि उन्हें वर्षा होने की आशंका के बीच फंसने का डर सता रहा था, पर बड़ी संख्या में लोग मेला की मुख्य चौपाल के आसपास जुटने लगे थे, क्योंकि उन्हें सांस्कृतिक संध्या का आनंद लेना था।


 


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