Haryana Weather: हरियाणा में मानसूनी हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ने से मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य में मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटियों की तरफ खिसकने के कारण बारिश की गतिविधियों में भारी कमी आई है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ (IMD) के अनुसार, आज प्रदेश के सिर्फ 3 उत्तरी जिलों (पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर) में 1-2 स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, कैथल, जींद, हिसार, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल और नूंह समेत बाकी सभी जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है।
बारिश की कमी से प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.4°C अधिक और औसत न्यूनतम तापमान सामान्य के करीब या थोड़ा अधिक दर्ज किया गया है। हिसार में अधिकतम तापमान 38.7°C तक जा पहुंचा, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।
एक सितंबर से बदलेगा मौसम
कृषि मौसम विज्ञान विभाग (HAU, हिसार) के अनुसार, 31 अगस्त तक तक हरियाणा में बारिश गतिविधियां सुस्त बनी रहेंगी और मौसम मुख्य रूप से परिवर्तनशील रहेगा। हालांकि, 1 सितंबर से 3 सितंबर के बीच मानसूनी हवाओं में फिर से थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश होने की संभावना बन रही है।
किसानों के लिए एडवाइजरी
सिंचाई और छिड़काव रोकें: अगले 3 से 4 दिनों में हल्की वर्षा की संभावना और बदलते मौसम को देखते हुए फसलों में सिंचाई और कृषि रसायनों (पेस्टिसाइड्स) का छिड़काव फिलहाल स्थगित रखने की सलाह दी गई है।
कीट-रोग की निगरानी: वातावरण में उच्च आर्द्रता के कारण फसलों में रस चूसक कीटों (सफेद मक्खी, जेसिड और गुलाबी सुंडी) तथा धान में जड़ सूंडी (Root Weevil) का प्रकोप बढ़ सकता है। किसान नियमित रूप से फसलों की निगरानी करें।
पशुओं और पोल्ट्री का बचाव: अत्यधिक उमस के कारण पशुओं और पोल्ट्री फार्म में वेंटिलेशन (पंखे/एग्जॉस्ट) की उचित व्यवस्था रखें ताकि सफोकेशन (घुटन) न हो। पशुओं को साफ पानी और हरा चारा दें तथा 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक खुराक में मिलाएं।