होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
बिजनेस
मनोरंजन
सेहत
नॉलेज
फैशन/लाइफ स्टाइल
अध्यात्म

 

अखिलेश का PDA रथ पहुंचा रायबरेली, SP-Congress के बीच बढ़ी हलचल, 'गढ़' पर राजनीति तेज 

अखिलेश का PDA रथ पहुंचा रायबरेली, SP-Congress के बीच बढ़ी हलचल, 'गढ़' पर राजनीति तेज 

 

Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही गठबंधन की सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से PDA रथ यात्रा का आगाज किया, तो कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। गठबंधन होने के बाद भी कांग्रेस ने इस कार्यक्रम से पहले दूरी बनाई, फिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि वो रायबरेली जा सकते हैं, तो हम भी कन्नौज, इटावा और सैफई जा सकते हैं… इसमें बुरा क्या है।

इस बीच सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि गढ़ किसी का नहीं होता, जनता जनार्दन की कृपा होती है। ऐसे में सवाल ये कि अखिलेश ने PDA रथ के लिए रायबरेली को ही क्यों चुना? क्या ये सिर्फ PDA के विस्तार का अभियान है या फिर कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग से पहले सियासी ताकत दिखाने का संदेश भी है?

रायबरेली से अखिलेश का शंखनाद

रायबरेली… गांधी परिवार की सियासत का बड़ा केंद्र है… और इसी जमीन से अखिलेश यादव ने 2027 के चुनावी अभियान का आगाज कर दिया। 24 सितंबर को अखिलेश यादव ने रायबरेली से PDA रथ यात्रा शुरू की। यह वही रायबरेली लोकसभा सीट है, जिसका प्रतिनिधित्व राहुल गांधी कर रहे हैं। सपा ने इस यात्रा को पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA सामाजिक समीकरण को मजबूत करने के अभियान के तौर पर पेश किया है।

अखिलेश के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता जुटे। बछरावां से लेकर रायबरेली तक रोड शो और जनसभा के जरिए सपा ने शक्ति प्रदर्शन किया। अखिलेश ने अपने भाषण में BJP पर हमला किया और चुनाव को ‘BJP बनाम PDA’ की लड़ाई के तौर पर पेश किया। अपने विधायक राहुल लोधी के कथित अपमान के बाद रायबरेली पहुंचे अखिलेश ने मंच से ऐलान किया कि इस बार का चुनाव लोधी बनाम योगी हो गया है।

कांग्रेस के गढ़ में PDA का संदेश

2024 में राहुल गांधी ने रायबरेली से लोकसभा चुनाव जीता था। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश में 37 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। यानी 2024 के लोकसभा चुनाव ने SP-Congress गठबंधन को मजबूत राजनीतिक आधार दिया था, लेकिन अब 2027 की लड़ाई विधानसभा की है। विधानसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा दोनों दलों के बीच सबसे बड़ा सवाल बनने वाला है। इससे पहले अखिलेश ने कांग्रेस के गढ़ में अपना शक्ति प्रदर्शन किया है।

रायबरेली में अखिलेश यादव के शक्ति प्रदर्शन पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद कहते हैं कि गढ़ किसी का नहीं होता है, जनता जनार्दन की कृपा होती है। अवधेश प्रसाद का बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि वो खुद सपा के PDA अभियान का बड़ा चेहरा हैं। 2024 में फैजाबाद लोकसभा सीट से अवधेश प्रसाद की जीत ने सपा के PDA नैरेटिव को नई राजनीतिक चर्चा दी थी। फैजाबाद सीट में अयोध्या भी शामिल है और 2024 में अवधेश प्रसाद ने BJP के लल्लू सिंह को हराया था।

कांग्रेस का पलटवार या सफाई?

हालांकि, अखिलेश के इस दौरे से कांग्रेस असहज नजर नहीं आना चाहती। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे पर कहा कि चुनाव के समय कोई कहीं भी जा सकता है। अखिलेशजी रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं और हम कन्नौज, सैफई और इटावा जा सकते हैं… इसमें गलत क्या है। इसके बाद अजय राय ने राहुल गांधी के मुद्दों और चुनाव आयोग को लेकर उनके अभियान को कांग्रेस की प्राथमिकता बताया।

अजय राय का कहना था कि राहुल गांधी लगातार आम लोगों के मुद्दे उठा रहे हैं और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर भी लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। अजय राय के बयान में दो राजनीतिक संदेश दिखाई देते हैं। पहला- कांग्रेस यह संकेत दे रही है कि रायबरेली में अखिलेश के शक्ति प्रदर्शन से वो असहज नहीं हैं। दूसरा- अगर SP कांग्रेस के मजबूत इलाके में अपना राजनीतिक अभियान चला सकती है, तो कांग्रेस भी SP के मजबूत इलाकों में जाकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज करा सकती है।

इसीलिए अजय राय ने कन्नौज, इटावा और सैफई का नाम लिया। कन्नौज अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र है… और सैफई यादव परिवार की राजनीतिक पहचान से जुड़ा है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के पीछे सबसे बड़ा सवाल है कि 2027 में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा कैसे होगा? 2024 लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने साथ चुनाव लड़ा था और उत्तर प्रदेश में BJP के खिलाफ गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया था।

अभी भी दोनों दलों का गठबंधन जारी है, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर पेच फंसा हुआ है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस 2017 की तरह ही 105 सीटों का दावा कर रही है, जबकि सपा का कहना है कि सीटों के समीकरण के लिहाज से ही बंटवारा होगा। सूत्र बताते हैं कि सपा की ओर से 60 से 70 सीटों का ऑफर कांग्रेस को दिया गया है, लेकिन वह भी इस शर्त पर कि इस सीट से कौन कांग्रेस प्रत्याशी होगा… इसकी लिस्ट पहले सपा को दी जाएगी।

बीजेपी ने कसा तंज

अखिलेश की रथ यात्रा पर अजय राय के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता आलोक अवस्थी ने तंज कसते हुए कहा, ‘INDIA गठबंधन का बुरा हाल है, दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ ही लड़ रहे है। दोनों एक-दूसरे के गढ़ में जाकर चुनौती दे रहे है। पहले अखिलेश ने कांग्रेस अध्यक्ष को चिरकुट कहा था, कांग्रेस ने कोई जवाब नहीं दिया। सपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने राहुल गांधी को मंदबुद्धि और पागल कहा था। गठबंधन में एक-दूसरे के नेताओं का सम्मान नहीं हो रहा, सिर्फ ललकारा जा रहा है। विपक्ष पूरी तरह से हताश और निराश है। यूपी में योगी आदित्यनाथ जी की सरकार तीसरी बार पूरे बहुमत से फिर बनने जा रही है।’


संबंधित समाचार