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6130 दिन तक PM रहे Nehru, जानिए कैसे 12 साल में ही उनसे आगे निकल गए Narendra Modi

6130 दिन तक PM रहे Nehru, जानिए कैसे 12 साल में ही उनसे आगे निकल गए Narendra Modi

 

 Pm Modi Breaks Nehru Record: भारत के राजनीतिक इतिहास में एक बहुत बड़ा फेरबदल हुआ है, जिसने देश के प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। देश की राजनीति में दशकों से बना एक ऐसा रिकॉर्ड टूट गया है, जिसे कभी अजेय माना जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 12 साल के कार्यकाल के दौरान एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जिसने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के एक बेहद खास रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। लेकिन नेहरू के 6130 दिन के कार्यकाल को मोदी ने सिर्फ 12 साल में कैसे पीछे छोड़ दिया? इस ऐतिहासिक बदलाव को समझने के लिए देश की लोकतांत्रिक यात्रा, चुनाव प्रणाली और दोनों नेताओं के कार्यकाल की बारीकियों को बेहद गहराई से देखना होगा।

मोदी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 10 जून 2026 को देश की राजनीति में एक बेहद खास और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज करा ली है। इस तारीख को पार करते ही वह देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के लगातार चुने हुए कार्यकाल के रिकॉर्ड से आगे निकल गए हैं। इस बड़े बदलाव ने देश के सबसे लंबे समय तक रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में पीएम मोदी का नाम दर्ज करा दिया है। यह भारतीय लोकतंत्र के सफर में एक बहुत बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

मोदी के कार्यकाल की शुरुआत

नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर अपनी इस लंबी यात्रा की शुरुआत की थी। देश की जनता ने उनके काम पर भरोसा जताते हुए साल 2019 में एक बार फिर भारी बहुमत के साथ उन्हें सत्ता की चाबी सौंपी। इसके बाद 9 जून 2024 को उन्होंने लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस तरह लगातार तीन बड़े आम चुनावों में जनसमर्थन के साथ उनका यह सफर आज भी जारी है।

नेहरू ने कितने दिन संभाली सत्ता?

अगर हम इतिहास के पन्नों को पलटें, तो पंडित जवाहरलाल नेहरू आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे। कुल दिनों की बात करें, तो नेहरू पूरे 6130 दिन तक देश के प्रधानमंत्री पद पर बने रहे थे। लेकिन इस पूरे कार्यकाल को समझने के लिए इसे दो हिस्सों में देखना जरूरी है। उनका पहला हिस्सा अंतरिम सरकार का था, जबकि दूसरा हिस्सा देश में चुनाव होने के बाद पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में सामने आया था।

नेहरू की अंतरिम सरकार का सच

देश को जब 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली, तब देश में तुरंत आम चुनाव कराना संभव नहीं था। उस समय पंडित नेहरू को बिना किसी चुनाव के देश की अंतरिम सरकार का प्रमुख यानी प्रधानमंत्री बनाया गया था। नेहरू की अगुवाई में यह अंतरिम सरकार लगभग 5 साल यानी पूरे 1732 दिन तक बिना किसी चुनाव के चलती रही। इस शुरुआती दौर में नेहरू के पास देश की कमान तो जरूर थी, लेकिन उनके पास जनता द्वारा सीधे वोट देकर चुना गया कोई बड़ा जनादेश नहीं था।

कब हुआ लोकतंत्र का पहला चुनाव?

भारत के इतिहास में पहले आम चुनाव साल 1951 और 1952 के बीच आयोजित किए गए थे। देश में नई लोकसभा का गठन होने के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 मई 1952 को पहली बार देश के एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद साल 1962 के तीसरे आम चुनाव तक उन्होंने लगातार कांग्रेस को जीत दिलाई। पहले आम चुनाव से लेकर अपने जीवन के अंतिम समय तक नेहरू एक चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 4398 दिन तक पद पर रहे थे।

पीएम मोदी ने कैसे तोड़ दिया नेहरू का रिकॉर्ड?

अब इस पूरे गणित को समझें, तो नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर अपने 4399 दिन पूरे कर लिए हैं। इसी के साथ उन्होंने नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री वाले 4398 दिनों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इसमें नेहरू की अंतरिम सरकार के दिनों को नहीं जोड़ा गया है। 12 वर्षों के इस लगातार और बिना रुके चलने वाले कार्यकाल के दम पर पीएम मोदी ने अब लोकतंत्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक देश की कमान संभालने वाले चुने हुए नेता का एक नया और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है।


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