Nana Patekar Death: अभिनेता नाना पाटेकर का वीरवार सुबह गोवा स्थित उनके घर पर 5:20 बजे गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया। जिससे फिल्म जगत समेत सभी तरफ शोक की लहर है। बता दें कि किसी कलाकार का किसी शहर से रिश्ता हमेशा वर्षों पुराना हो, यह जरूरी नहीं। कभी-कभी कुछ दिन या कुछ सप्ताह भी ऐसी यादें छोड़ जाते हैं, जिन्हें लोग लंबे समय तक याद रखते हैं। अभिनेता नाना पाटेकर का शिमला से जुड़ा रिश्ता भी कुछ ऐसा ही रहा। साल 2024 में नाना पाटेकर फिल्म 'जर्नी' की शूटिंग के लिए पहली बार शिमला पहुंचे थे। उनके साथ फिल्म की टीम के कई अन्य कलाकार भी थे। शूटिंग के दौरान शिमला की वादियां फिल्म के पर्दे के साथ-साथ कलाकारों की यादों का भी हिस्सा बन गईं।
पहली बार पहुंचे थे शिमला
जनवरी 2024 में नाना पाटेकर शिमला पहुंचे तो यह उनका इस शहर का पहला फिल्म शूटिंग दौरा बताया गया था। फिल्म की शूटिंग के लिए मशोबरा, कुफरी, नालदेहरा और मालरोड जैसे स्थान चुने गए थे। फिल्म में नाना पाटेकर ने पिता की भूमिका निभाई थी, जबकि उत्कर्ष शर्मा उनके बेटे के किरदार में थे। सिमरत कौर और राजपाल यादव भी फिल्म का हिस्सा थे।
मालरोड पर जुटी थी लोगों की भीड़
शिमला के मालरोड पर जब फिल्म की शूटिंग हुई तो नाना पाटेकर को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। सीटीओ चौक के पास फिल्म के लिए एक स्टॉल तैयार किया गया था और आइसक्रीम खरीदने से जुड़ा दृश्य फिल्माया गया। शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों का ध्यान खींचा। कड़ी सुरक्षा के बीच शूटिंग हुई और फिल्म यूनिट ने बाद में चौड़ा मैदान में भी कुछ दृश्य फिल्माए।
रिज मैदान पर हिमाचली रंग में रंगी फिल्म
नाना पाटेकर के शिमला प्रवास की एक और खास याद रिज मैदान से जुड़ी है। यहां फिल्म के गाने की शूटिंग हुई थी, जिसमें स्थानीय लोगों को भी शामिल किया गया। हिमाचली परिधान, पहाड़ी टोपी और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ स्थानीय संस्कृति को फिल्म के दृश्य में जगह दी गई। नाटी और ढोल-नगाड़े के दृश्य भी शूट किए गए थे। इस दौरान नाना पाटेकर समेत फिल्म के अन्य कलाकार भी शूटिंग का हिस्सा रहे।
पहाड़ों की वादियों में लंबे समय तक चली शूटिंग
शिमला में फिल्म की शूटिंग एक-दो दिन तक सीमित नहीं रही। फिल्म यूनिट ने अलग-अलग लोकेशन पर काम किया। मशोबरा और आसपास के क्षेत्रों में भी कई दृश्य फिल्माए गए। उस समय शिमला में फिल्म की शूटिंग को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता थी। जहां कैमरे के सामने कलाकार नजर आते थे, वहीं कैमरे के पीछे शिमला की खूबसूरत वादियां फिल्म की कहानी का हिस्सा बन रही थीं।
बर्फ से जुड़ी याद ने बनाया पल खास
शिमला की पहचान बर्फ से भी जुड़ी है और नाना पाटेकर के इस प्रवास में बर्फबारी से जुड़ा पल भी खास रहा। फिल्म की शूटिंग के दौरान प्राकृतिक बर्फबारी का माहौल बना तो यह दृश्य शूटिंग से अलग एक यादगार अनुभव बन गया। नाना पाटेकर की शिमला यात्रा से जुड़ी यही छोटी-छोटी यादें आज उनके प्रशंसकों के लिए ज्यादा मायने रखती हैं। एक तरफ कैमरे के सामने निभाया गया किरदार था और दूसरी तरफ कैमरे से बाहर पहाड़, मौसम और शिमला की वादियां।
शिमला में छोड़ी शूटिंग की याद
नाना पाटेकर का शिमला प्रवास भले ही फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में हुआ था, लेकिन इस दौरान शहर के कई प्रमुख स्थान उनकी यादों से जुड़ गए। मालरोड की भीड़, रिज मैदान की शूटिंग, मशोबरा की लोकेशन और पहाड़ी मौसम इन सबने जर्नी की शूटिंग को शिमला के लिए भी यादगार बना दिया। अब नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी शिमला यात्रा से जुड़ी ये पुरानी तस्वीरें और शूटिंग की यादें फिर सामने आ रही हैं। शिमला के लिए यह उस कलाकार की एक छोटी लेकिन यादगार कहानी है, जिसने कैमरे के सामने कई दशकों तक अलग-अलग किरदारों को जीवंत किया।