Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट फ़ैंस इस बात से खुश थे कि विराट कोहली ने एक बार फिर ICC ODI बल्लेबाज़ रैंकिंग में नंबर एक की पोज़िशन हासिल कर ली है। हालांकि, यह खुशी ज़्यादा समय तक नहीं रह सकती। इसका कारण न्यूज़ीलैंड के स्टार बल्लेबाज़ डेरिल मिशेल हैं, जो कोहली से सिर्फ़ एक पॉइंट पीछे हैं। आने वाला मैच तय करेगा कि टॉप रैंकिंग विराट के पास रहती है या किसी और के पास चली जाती है।
नंबर 1, लेकिन बढ़ा दबाव
विराट कोहली हाल ही में शानदार फ़ॉर्म में रहे हैं। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ पहले ODI में, उन्होंने ज़िम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 93 रन बनाए। इस पारी की वजह से उन्हें ICC ODI रैंकिंग में नंबर एक की जगह वापस मिल गई। इतने लंबे समय बाद यह मुकाम हासिल करना कोहली के लिए खास था, क्योंकि पिछले कुछ सालों से वह इस लिस्ट में टॉप पर नहीं थे।
हालांकि, दूसरे ODI में कोहली का बल्ला नहीं चला, और वह सिर्फ़ 23 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इस कम स्कोर का सीधा असर उनकी रैंकिंग पर पड़ा, और अब उनकी नंबर एक की पोज़िशन खतरे में है।
डेरिल मिचेल ने बढ़ाई टेंशन
न्यूज़ीलैंड के डेरिल मिशेल इस समय ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं। पहले ODI में, उन्होंने तेज़ी से 84 रन बनाए और रैंकिंग में काफ़ी ऊपर आ गए। फिर, दूसरे ODI में, मिशेल ने भारतीय गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की और नाबाद 131 रन बनाए। इस पारी के साथ, वह अब रैंकिंग में विराट से सिर्फ़ एक पॉइंट पीछे हैं।
अभी, कोहली के पास 785 रेटिंग पॉइंट्स हैं, जबकि मिशेल के पास 784 पॉइंट्स हैं। इसका मतलब है कि सिर्फ़ एक पॉइंट का अंतर है, और तीसरा ODI तय करेगा कि अगला नंबर एक बल्लेबाज़ कौन होगा।
रोहित शर्मा को भी झटका लगा
इस रैंकिंग अपडेट में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को भी झटका लगा। वह दो पायदान नीचे खिसककर तीसरे स्थान पर आ गए। इसलिए, आने वाले मैच भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए बहुत अहम होंगे।
कोहली का शानदार रिकॉर्ड
ODI क्रिकेट में विराट कोहली का दबदबा किसी से छिपा नहीं है। यह 11वीं बार है जब उन्होंने नंबर एक ODI बल्लेबाज़ रैंकिंग हासिल की है। उन्होंने पहली बार यह कारनामा 2013 में किया था। वह पहले ही ODI रैंकिंग में नंबर एक पर 800 से ज़्यादा दिन बिता चुके हैं, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ के लिए एक शानदार उपलब्धि है। अब सभी की नज़रें तीसरे ODI पर हैं, जहाँ विराट कोहली को न सिर्फ़ रन बनाने की चुनौती का सामना करना होगा, बल्कि अपनी टॉप रैंकिंग को बचाने की भी चुनौती होगी।