Himachal Weather Update: हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर रुक-रुककर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आने वाले 7 दिनों 20 सितंबर तक प्रदेश में केवल कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। आगामी सप्ताह के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा की संभावना जताई गई है। किसी जिले में भारी वर्षा या बाढ़ को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
तीन जिलों में खूब बरसे मेघ
सोमवार को जहां सिरमौर, मंडी और कांगड़ा के कई इलाकों में मूसलाधार वर्षा और भूस्खलन से नुकसान हुआ है। वहीं निचले व मैदानी इलाकों में पारा उछाल मार रहा है। धूप के चमकने पर सितंबर माह में गर्मी का अहसास हो रहा है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में सबसे अधिक गिरावट कुफरी में 3.5 डिग्री की गिरावट आई है। बाकी स्थानों पर एक से दो डिग्री का अंतर आया है।
प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान सिरमौर के नाहन में सर्वाधिक 46.8 मिलीमीटर, पंडोह में 32.2, कसौली में 25, निचार में 24, पांवटा साहिब में 22.6 और धर्मशाला में 22.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
55 सड़कें बंद
राज्यभर में 14 सितंबर शाम 5 बजे तक 55 सड़कें भूस्खलन के कारण बंद पड़ी हैं। मंडी में 24 सड़कें, कुल्लू में 12 और कांगड़ा में 10 सड़कें बंद हैं। इन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। शिमला जिले के ठियोग उपमंडल में 19 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। वहीं रामपुर और कुल्लू के आनी में 7 ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली गुल है।
ऊना में बढ़ा, कल्पा में लुढ़का तापमान
सोमवार को ऊना में अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की वृद्धि के साथ सबसे अधिक 34 डिग्री दर्ज किया गया। मंडी में 33.6 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 6 डिग्री अधिक बना हुआ है। वहीं जनजातीय क्षेत्र कल्पा में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ठंडा रहा।
1683 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में 30 जून से 14 सितंबर तक 1683.94 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। लोक निर्माण विभाग को 1231 करोड़ से अधिक और जल शक्ति विभाग को 368 करोड़ से ज्यादा का नुकसान आंका गया है।
सामान्य से 11 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड
इस बार 1 जून से 14 सितंबर तक 606 मिलीमीटर वर्षा हुई है जो सामान्य वर्षा 682.4 मिलीमीटर वर्ष दर्ज की गई जो सामान्य से 11 प्रतिशत कम है। हालांकि कांगड़ा में 1467 मिलीमीटर वर्षा हुई है जो सामान्य से चार प्रतिशत कम है।
कृषि व बागवानी को 26 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में इस दौरान कृषि और बागबानी फसलों को 26 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आकलन किया गया है। प्रदेश में वर्ष 2025 में 38 करोड़ और वर्ष 2023 में प्राकृतिक आपदा व बाढ़ के दौरान 83 करोड़ रुपये का कृषि और बागबानी को नुकसान हुआ है। अचानक आई बाढ़ के कारण सैंकडों बीघा जमीन बह गई, जिसमें फसलें लगाई गई थी। कम बारिश के कारण इस बार क्षति का आंकड़ा घटा है, मगर खेतों और बगीचों में किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।
कांगड़ा में सबसे अधिक नुकसान
कांगड़ा में सबसे अधिक 4.54 करोड़, जबकि शिमला में 3.88 करोड़, चंबा में 3.13 करोड़ का नुकसान आंका गया है। सिरमौर में 2.10 करेाड़, किन्नौर में 2.09, सोलन में 1.69, ऊना में 1.27, बिलासपुर में 1.10, कुल्लू में 1.06, लाहुल-स्पीति में 1.04 और हमीरपुर में 81 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।