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दुष्यंत चौटाला केस में बड़ा ट्विस्ट, SIT ने CIA-2 इंचार्ज पवन को दी क्लीनचिट, जानें क्या था मामला?

दुष्यंत चौटाला केस में बड़ा ट्विस्ट, SIT ने CIA-2 इंचार्ज पवन को दी क्लीनचिट, जानें क्या था मामला?

 

Dushyant Chautala: पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के काफिल की गाड़ी के सामने गाड़ी रोकने और जाने से मारने की धमकी देने के मामले में एसआइटी ने सीआइए टू इंचार्ज पवन को क्लीन चीट दे दी है। जांच के दौरान उन पर लगाए गए आरोप निराधार पाए गए है।

पुलिस सूत्रों की माने तो जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। उस दौरान पुलिस की दो गाड़ियों में जो कर्मचारी थे उनसे गहनता से पूछताछ की गई। जांच करने के बाद निरीक्षक पवन को क्लीन चीट दी गई है।

पुरानी सब्जी मंडी ओवरब्रिज पर रोकी गई थी गाड़ी

जानकारी के अनुसार जीजेयू में प्रदर्शन के बाद इनसो नेता दिग्विजय चौटाला समेत आठ पर जीजेयू प्रशासन की तरफ से सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, तोड़फोड़ करने और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। 17 अप्रैल को पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता शहर थाना में गिरफ्तारी देने पहुंचे थे।

वहां पर गिरफ्तारी न होने पर वे काफिले के रूप में शहर थाना से लघु सचिवालय की तरफ निकले थे। रास्ते में पुरानी सब्जी मंडी ओवरब्रिज पर सीआइए टू की गाड़ी ने काफिले की पायलट गाड़ी को रोका था। इंचार्ज पवन गाड़ी से नीचे उतर कर आए थे।

फिर दोबारा गाड़ी में बैठ गए। यह देख जजपा नेता दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला भी गाड़ी से नीचे उतरे थे। उस दौरान दिग्विजय चौटाला ने पुलिस कर्मी राजकुमार को धक्का दिया था। पूरे घटनाक्रम के बाद शाम को पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और उनके सुरक्षा कर्मी प्रदीप की तरफ से अर्बन एस्टेट पुलिस चौकी में शिकायत दी थी।

शिकायत में सीआइए टू इंचार्ज पवन पर जान से मारने की धमकी देने और पिस्तौल दिखाने का आरोप लगाया था। वहीं निरीक्षण पवन और पुलिस कर्मी राजकुमार की तरफ से सरकारी काम में बाधा पहुंचाना और धक्का मुक्की करने के आरोप लगाए थे। एसपी सिद्धांत जैन की तरफ से डीएसपी कमलजीत के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया था।

शहर थाना से लेकर पुरानी सब्जी मंडी ओवरब्रिज तक के खंगाले सीसीटीवी

पुलिस सूत्रों की माने तो एसआइटी ने दस दिनों में अपनी जांच के दौरान शहर थाना से लेकर पुरानी सब्जी मंडी ओवरब्रिज तक के रास्ते में लगे सीसीटीवी खंगाले। टीम ने 250 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा सीआइए टू की दोनों गाड़ियों में सवार पुलिस कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

इसके अलावा जहां पर गाड़ी रोकी गई वहां के स्थानीय दुकानदारों के बयान भी दर्ज किए गए। गहनता से जांच करने के बाद एसआइटी के सामने आया कि सीआइए टू निरीक्षक पवन कुमार की कोई गलती नहीं थी और उन ही उस दौरान उनके पास हथियार था।


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