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UP में हर विधानसभा क्षेत्र में होंगे 5 करोड़ तक के विकास कार्य, CM ने से मांगे प्रस्ताव

UP में हर विधानसभा क्षेत्र में होंगे 5 करोड़ तक के विकास कार्य, CM ने से मांगे प्रस्ताव

 

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को तेज करने के लिए योगी  सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. इसके तहत राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 5 करोड़ रुपये तक के विकास कार्य कराने की योजना बनाई गई है. इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव मांगे गए हैं. सरकार का उद्देश्य यह है कि स्थानीय स्तर पर जरूरी कामों की पहचान कर उन्हें तेजी से पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को सीधे लाभ मिल सके.

विधायकों से एक सप्ताह में मांगे गए प्रस्ताव

सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की प्राथमिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करें. इन प्रस्तावों को एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं.

इसके साथ ही जिलाधिकारियों (डीएम) को भी निर्देश दिया गया है कि वे इन प्रस्तावों की जांच करें और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर विकास कार्यों के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें.

स्थानीय जरूरतों के हिसाब से होंगे काम

सरकार ने जनप्रतिनिधियों को यह स्वतंत्रता दी है कि वे अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग तरह के विकास कार्यों का सुझाव दे सकते हैं. इनमें सड़क निर्माण, पुल, कम्युनिटी सेंटर, बारात घर, कन्वेंशन सेंटर और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हो सकते हैं.

इसके अलावा सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगवाना, सार्वजनिक शौचालय बनवाना और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य भी प्रस्ताव में शामिल किए जा सकते हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत होने पर तहसील मुख्यालय, जिला अदालत या हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर बनाने जैसे प्रस्ताव भी दिए जा सकते हैं.

अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी

इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए जिला प्रशासन की अहम भूमिका तय की गई है. सभी जिलों के कमिश्नर, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रस्तावित कार्यों की निगरानी करें और उन्हें समय पर पूरा कराने की व्यवस्था करें.

सरकार का मानना है कि अगर स्थानीय स्तर पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करेंगे तो विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा.

जनता को मिलेगा सीधा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से छोटे-छोटे लेकिन जरूरी विकास कार्य तेजी से पूरे हो सकेंगे. कई बार स्थानीय स्तर की समस्याएं जैसे सड़क, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन या सार्वजनिक सुविधाएं लंबे समय तक लंबित रहती हैं.

यदि हर विधानसभा क्षेत्र में 5 करोड़ रुपये तक के काम पूरे किए जाते हैं तो इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. सरकार का कहना है कि यह पहल विकास को गति देने के साथ-साथ जनता की जरूरतों को सीधे नीति निर्माण से जोड़ने का भी एक प्रयास है.
 


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