CM Dhami: भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस हो या आमजन की समस्याओं के समाधान में तत्परता अथवा युवाओं व मातृशक्ति से संवाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक्शन मोड में हैं। विशेष रूप से प्रशासनिक स्तर पर ढिलाई एवं भ्रष्टाचार के मामलों में मुख्यमंत्री के कड़े तेवरों का ही परिणाम है कि अभी तक विभिन्न विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारी नप चुके हैं।
सोमवार को भी नैनीताल जिले के ज्योलीकोट में जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर दूषित पेयजल आपूर्ति और दायित्व निर्वहन में लापरवाही बरतने पर उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह वरिष्ठ अभियंताओं को निलंबित करने में सरकार ने देर नहीं लगाई। राज्य में जन स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी मामले में पहली बार इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है।
नैनीताल के ज्योलीकोट में जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर छह अभियंताओं पर गाज
वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री के रूप में अपने लगातार दूसरे कार्यकाल में पुष्कर सिंह धामी ने अब तक भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करने में तनिक भी झिझक नहीं दिखाई। भूमि खरीद में फर्जीवाड़े पर सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और कई व्यक्तियों एवं अधिकारियों पर शिकंजा भी कसा। यही नहीं, पूरे प्रदेश में भूमि खरीद में अनियमितता पर कार्रवाई करते हुए भूमि को सरकार में निहित भी किया गया।
सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने में सरकार की त्वरित कार्रवाई का ही परिणाम है कि अब तक लगभग 10 हजार एकड़ भूमि को मुक्त कराया जा चुका है। सुशासन के साथ सरलीकरण से समाधान के मंत्र पर आगे बढ़ते हुए धामी सरकार ने जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण को प्राथमिकता में रखा है।
नीट-यूजी काउंसलिंग में प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त
सीएम हेल्पलाइन 1905 की निरंतर समीक्षा के कारण समाधान को लेकर विभागों की सक्रियता बढ़ी है। यही कारण है कि ज्योलीकोट में जन स्वास्थ्य में लापरवाही के प्रकरण पर सरकार तुरंत एक्शन में दिखाई दी। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने नीट यूजी-2026 की राज्य केंद्रीयकृत काउंसलिंग के दौरान फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में सख्त एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब तक इस मामले में शामिल आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है।