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Baruipur Encounter: रेप-मर्डर केस के आरोपी का अंत, जानें पूरी इनसाइड स्टोरी

Baruipur Encounter: रेप-मर्डर केस के आरोपी का अंत, जानें पूरी इनसाइड स्टोरी

 

Baruipur Encounter: पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलते ही अपराधियों से निपटने का तरीका भी बदल गया। बंगाल के बरुईपुर रेप-मर्डर कांड का हिसाब हो गया। बरुईपुर में बच्ची से रेप के बाद हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने ठोक दिया है। जी हां, पश्चिम बंगाल पुलिस ने 12 साल की बच्ची से रेप और मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को मंगलवार की आधी रात को एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस उसे क्राइम सीन पर घटना को फिर से समझने, यानी री-कंस्ट्रक्शन के लिए ले जा रही थी। तभी आरोपी ने चालाकी दिखाई और अपनी मौत को दावत दे दी। अब सवाल है कि आखिर आधी रात को ऐसा क्या हुआ कि पुलिस को उसका एनकाउंटर करना पड़ गया?

दरअसल, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में पिछले हफ्ते एक नाबालिग बच्ची का शव मिला था। जांच में पता चला कि बच्ची का पहले रेप हुआ था। उसके बाद उसकी हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया गया था। बरुईपुर रेप-मर्डर कांड से बंगाल में आक्रोश फैल गया था। इसे लेकर सियासत भी शुरू हो गई थी। हालांकि, पुलिस ने अब मुख्य आरोपी को मौत के घाट उतार दिया है। बरुईपुर रेप-मर्डर केस में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक प्रभाष मंडल को मंगलवार रात करीब 12 बजे के बाद एनकाउंटर में मार गिराया गया।

कैसे हुआ दरिंदे का एनकाउंटर?

पुलिस के मुताबिक, यह एनकाउंटर तब हुआ, जब आरोपी प्रभाष मंडल पुलिस की सर्विस राइफल छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था। घटना को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए उसे मंगलवार रात अपराध स्थल पर ले जाया गया था। वहां उसने कथित तौर पर उसे ले जा रहे एक पुलिसकर्मी की सर्विस राइफल छीन ली और मौके से भागने की कोशिश की।

पुलिस ने बताई एनकाउंटर की पूरी कहानी

पुलिस ने बताया, "7 जुलाई की रात करीब 12:45 बजे बरुईपुर पुलिस स्टेशन के केस नंबर 1350/26 के जांच अधिकारी अपनी टीम और आरोपी प्रभाष मंडल के साथ बरुईपुर पुलिस स्टेशन से निकले। वे बरुईपुर थाना क्षेत्र के सूर्यपुर स्थित घटना स्थल पर क्राइम सीन का रीकंस्ट्रक्शन करने जा रहे थे। रीकंस्ट्रक्शन शुरू होने से ठीक पहले आरोपी प्रभाष मंडल ने एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया। इसके बाद उसने हमारी टीम पर एक राउंड फायरिंग की और मौके से भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया। उसे तुरंत बरुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।"

रविवार को मिला था बच्ची का शव

गौरतलब है कि रविवार सुबह बरुईपुर के सूर्यपुर इलाके में एक तालाब से 12 साल की नाबालिग लड़की का शव मिला था। आरोप है कि उसके साथ रेप के बाद हत्या की गई थी। शव मिलने के बाद इलाके में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए और तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया। उसी शाम प्रभाष मंडल को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

इसके बाद प्रभाष से पूछताछ के आधार पर मामले के अन्य दो आरोपियों, दिवाकर सरकार और आनंद सरदार, को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को स्थानीय लोगों ने बताया था कि शनिवार दोपहर लापता होने से पहले बच्ची को आरोपियों के साथ देखा गया था। जांच के दौरान अधिकारियों को इलाके से सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें प्रभाष मंडल नाबालिग के साथ दिखाई दिया।

प्रभाष को एनकाउंटर वाली जगह क्यों ले गई पुलिस?

इसी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रभाष मंडल को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और विरोधाभासी बयान दे रहा था। इसलिए पुलिस घटना को दोबारा समझना चाहती थी और घटनाक्रम में उसकी भूमिका की पुष्टि करना चाहती थी। इसी उद्देश्य से जांच अधिकारी उसे मंगलवार देर रात घटना स्थल पर लेकर गए। रीकंस्ट्रक्शन के दौरान आरोपी ने साथ आए एक पुलिसकर्मी की सर्विस राइफल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, उसने उसी राइफल से पीछा कर रहे पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस जवाबी फायरिंग में प्रभाष मंडल घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।


 


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