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CM धामी के नेतृत्व में बदरीनाथ धाम यात्रा ने रचा इतिहास, श्रद्धालुओं की संख्या ने तोड़े सभी रिकॉर्ड

CM धामी के नेतृत्व में बदरीनाथ धाम यात्रा ने रचा इतिहास, श्रद्धालुओं की संख्या ने तोड़े सभी रिकॉर्ड

 

Badrinath Dham: यमुनोत्री, गंगोत्री के बाद अब बदरीनाथ धाम में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की संख्या ने बुधवार को नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। बदरीधाम के इतिहास में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 17 लाख 79 हजार 805 से अधिक हो गई है। जबकि धाम के कपाट बंद होने में अभी डेढ़ महीने से अधिक का वक्त बाकी है। पिछले साल धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 17 लाख 78 हजार 298 थी। 25 साल के इतिहास में उत्तराखंड में चारधाम यात्रा में केवल वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा और उसके बाद कोरोना महामारी की वजह से ही श्रद्धालुओं की कमी देखनी पड़ी है। वरना राज्य में श्रद्धालुओं का ग्राफ धीरे धीरे लगातार बढ़ता जा रहा था।

वर्ष 2021 में राज्य की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के सर्वोच्च प्राथमिकता से लिया। सरकार ने चारधाम यात्रा मार्ग पर कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार-सुधार और आपदा प्रबंधन के पुख्ता प्रबंधन पर फोकस किया। नतीजा यह है कि वर्ष 2021 से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को ग्राफ अत्यधिक तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। इस वर्ष 23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा 22 सितंबर को 153 दिनों में ही आस्था का नया रिकॉर्ड बना चुकी है। अभी 15 सितंबर को शुरू हुए यात्रा के दूसरे चरण में भी यात्रियों की संख्या में दोबारा इजाफा शुरू हो गया है।

बदरी विशाल के जयकारों से गूंजा माणा गांव

सेना और आईटीबीपी के बैंड की धुन के साथ बदरी विशाल के जयकारे लगाए गए। वहीं, बदरी केदार मंदिर समिति की ओर से मां मूर्ति के लिए राजभोग लगाया गया । जिसे प्रसाद के रूप में माणा गांव के ग्रामीणों को विशेष रूप से दिया गया। माता मूर्ति उत्सव पर माणा गांव की महिलाओं ने पौंणा नृत्य पर इस धर्म उत्सव को आत्मीयता से जोड़ दिया। पूजा अर्चना के बाद दोपहर 3 बजे माता मूर्ति का मेला संपन्न हुआ। इस मौके पर आइटीबीपी और सेना की ओर से माता मूर्ति में भंडारे भी लगाए गए।

बदरीनाथ में बाल भोग लगाकर मंदिर बंद किया

धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल ने बताया बावन द्वादशी के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर में बाल भोग लगने के बाद बदरीनाथ मंदिर बंद कर दिया गया। जिसके बाद उद्धव जी के उत्सव विग्रह को शोभायात्रा माता मूर्ति मंदिर पहुंची, जहां पर रावल अमरनाथ नम्बूदरी ने विधि विधान से पूजा अर्चना की।

भारी संख्या में लोग उत्सव के साक्षी बने: द्विवेदी

माता मूर्ति उत्सव पर बदरीनाथ पहुंचे बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रत्येक वर्षों के भांति इस वर्ष भी बावन द्वादशी के अवसर पर भगवान बदरी विशाल अपनी माता मूर्ति से मिलने आए हैं। इस दौरान भारी संंख्या में श्रद्धालु इस उत्सव के साक्षी बने।

माता के आमंत्रण पर पहुंचते हैं बदरी विशाल

भगवान बदरी विशाल की माता मूर्ति का मंदिर नारायण पर्वत की तलहटी में स्थित है। ऐसे में हर साल वामन द्वादशी के दिन माता के आमंत्रण पर स्वयं भू बैकुंठ बदरी विशाल करीब दो किलोमीटर की दूरी तय कर अपनी माता मूर्ति से मिलने पहुंचते हैं। मान्यता है कि कपाट खुलने से वामन द्वादशी तक बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रावल पंचशीला क्षेत्र में ही रहते हैं। मंदिर परिसर से बाहर ही नहीं जा सकते हैं, लेकिन वामन द्वादशी की तिथि के बाद अब रावल आवागमन कर सकते हैं।


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