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UP में बदल सकता है शराब दुकानों का समय, ठेकेदारों ने की बड़ी मांग

UP में बदल सकता है शराब दुकानों का समय, ठेकेदारों ने की बड़ी मांग

 

UP News: उत्तर प्रदेश में इन दिनों आसमान से बरसती आग और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने आम जनजीवन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप और भयंकर लू के कारण लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जिसका सीधा असर राज्य के शराब व्यवसाय पर भी देखने को मिल रहा है। कड़कती धूप की वजह से दिन के वक्त शराब और बियर की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे दुकानदारों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी समस्या को देखते हुए शराब कारोबारियों ने अब सरकार का दरवाजा खटखटाया है ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी के मौसम में अपने घाटे की भरपाई करने का मौका मिल सके। 

सुबह 8 से रात 11 बजे तक दुकानें चलाने के लिए सौंपा ज्ञापन

इस कारोबारी संकट के बीच ‘शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन’ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल से विशेष मुलाकात की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आबकारी मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि प्रदेश में बढ़ती गर्मी और ग्राहकों की बदलती आदतों को देखते हुए शराब की दुकानों के संचालन का समय बदला जाना चाहिए। उन्होंने आबकारी विभाग से अपील की है कि वर्तमान समय सीमा में ढील देते हुए अब दुकानों को सुबह 8 बजे से लेकर रात 11 बजे तक खोलने की आधिकारिक अनुमति दी जाए, ताकि कामकाजी लोग और आम ग्राहक देर शाम को मौसम ठंडा होने के बाद आसानी से खरीदारी कर सकें और दुकानदारों को भी राहत मिले। 

पुराने व्यापारियों को बिजनेस में बनाए रखने की उठी मांग

कार्य विभाग महामंत्री विकास मोहन श्रीवास्तव और उपाध्यक्ष रमेश जायसवाल सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों ने मंत्री के सामने कारोबार में आ रही अन्य दिक्कतों को भी रखा। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि पहले की तरह ही बियर पीने के लिए दुकानों के पास ‘परमिट रूम’ की वैध व्यवस्था को दोबारा से बहाल किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने शिकायत की कि बड़े शहरों और महानगरों में देशी मदिरा का बिक्री कोटा जरूरत से ज्यादा तय कर दिया गया है, जिसके कारण बहुत सा माल बिना बिके ही रह जाता है। व्यापारियों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि लॉटरी सिस्टम के कारण सालों पुराने और अनुभवी शराब कारोबारी इस पूरे व्यवसाय से धीरे-धीरे बाहर होते जा रहे हैं, जिस पर सरकार को सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए। 
 


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