Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि मीडिया इस केस को सनसनीखेज बनाने से बचें। मीडिया परिजनों का इंटरव्यू नहीं चलाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसका निष्पक्ष जांच जरूरी है। सच ये है कि लड़की की जान गई है।
मीडिया को बयान देने से बचे पीड़ित और आरोपी के परिवार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पीड़ित परिवार और आरोपी परिवार दोनों के परिवार वालों से अपील करते हैं कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया के सामने बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपना पक्ष दर्ज कराएं ताकि चल जांच पर किसी तरह का कोई प्रभाव न पड़े।
सॉलिसिटर जनरल बोले- जांच सीबीआई अपने हाथ में लेगी
सॉलिसिटर जनरल (SG) ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा देते हुए कहा कि ट्विशा केस की जांच आज ही CBI अपने हाथ में लेगी। इस बीच ट्विशा परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने FIR दर्ज करने में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
क्या है मामला?
बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल के घर की छत पर फंदे से लटकी हुई मिली थीं। ट्विशा शर्मा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी बेटी की मौत के लिए उसका पति और सास जिम्मेदार है। वहीं, ससुराल पक्ष ने आरोप लगाया कि ट्विशा ड्रग्स लेने लगी थीं।
12 दिन बाद ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार
ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार 12 दिन बाद हुआ। इस दौरान ट्विशा की मां बदहवास दिखीं। वह दहाड़ मार-मारकर रो रही थीं। परिवार के अन्य सदस्य भी फूट-फूटकर रो रही थी। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली एम्स की चार सदस्यीय मेडिकल टीम ने उनका दूसरा पोस्टमार्टम पूरा किया।