Middle East War: मिडिल ईस्ट में अभी भी तनाव जारी है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता न होने का असर भी दुनियाभर में दिखाई दे रहा है. ऊर्जा संकट लगातार गहराता जा रहा है. कई देशों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत शुरू हो गई है तो कच्चे तेल के दाम भी आसमान पर पहुंच गए हैं. इस बीच ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका उस पर लगे तेल प्रतिबंध हटाने को राजी हो गया है. हालांकि अमेरिका की तरफ से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है. इस बीच ट्रंप ने ईरान पर हमला करने को लेकर एक बड़ा बयान जरूर दिया है.
अमेरिका ने स्थगित किया ईरान पर हमला
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के अनुरोध पर उन्होंने ईरान पर निर्धारित हमले स्थगित कर दिए हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता नहीं होता है तो उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान पर पूर्ण पैमाने पर हमले के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है.
ट्रंप का ये बयान पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को रोकने के लिए ईरान के नए शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद आया है. ट्रंप ने कहा कि यह प्रस्ताव उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और समझौते की दिशा में कोई सार्थक प्रगति नहीं दर्शाता है. एक्सियोस ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी और मामले से जुड़े एक सूत्र के हवाले से यह रिपोर्ट दी है.
ईरान का दावा अमेरिका ने की तेल छुट की पेशकश
इस बीच ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी ने सोमवार को बताया कि अमेरिका ने बातचीत की अवधि के दौरान तेहरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर सहमति जताई है. समाचार एजेंसी ने कहा है कि शांति समझौते पर सहमत होने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए तेहरान की प्रमुख मांगों में से एक तेल पर छूट भी है. हालांकि, तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका ने छूट की पेशकश की पुष्टि नहीं की है, जो अंतिम समझौते तक लागू रहेगी.
पाकिस्तान ने अमेरिका को भेजा ईरान का संशोधित शांति प्रस्ताव
वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा है कि पाकिस्तान ने अपनी चिंताओं को अमेरिका से अवगत करा दिया है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पाकिस्तान ने मध्य पूर्व में संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान के संशोधित प्रस्ताव को वाशिंगटन के साथ साझा किया है. सूत्र के हवाले से कहा गया है, "हमारे पास ज्यादा समय नहीं है," और साथ ही यह भी कहा गया है कि दोनों देश "अपने लक्ष्य लगातार बदल रहे हैं."