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राम मंदिर के 24 कर्मचारियों ने एक साथ दिया इस्तीफा, जानिए क्या है पूरा मामला?

राम मंदिर के 24 कर्मचारियों ने एक साथ दिया इस्तीफा, जानिए क्या है पूरा मामला?

 

Ram Mandir Employees Resign: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के बाद मंदिर की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का असर अब चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों पर दिखाई देने लगा है। ड्यूटी के घंटे बढ़ाने, वेतन कम करने और छुट्टियों में कटौती का आरोप लगाते हुए करीब 24 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि नई व्यवस्था में काम का बोझ बढ़ा है, लेकिन सुविधाएं कम कर दी गई हैं।

दो शिफ्ट की जगह एक शिफ्ट, बढ़ा काम का दबाव

इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों के अनुसार, पहले चढ़ावे की गिनती का काम दो शिफ्टों में होता था। इससे प्रत्येक कर्मचारी की ड्यूटी लगभग छह घंटे की रहती थी। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूरा काम अब एक ही शिफ्ट में कराया जा रहा है। कर्मचारियों का दावा है कि उनकी ड्यूटी अब करीब नौ घंटे की हो गई है, जबकि कर्मचारियों की संख्या पहले से कम हो गई है। इससे काम का दबाव काफी बढ़ गया है।

सैलरी घटाने का आरोप

कर्मचारियों का आरोप है कि बढ़े हुए काम के बावजूद उनकी मासिक सैलरी पहले की तुलना में कम कर दी गई है। उनका यह भी कहना है कि समान काम करने वाले कर्मचारियों को अलग-अलग वेतन दिया जा रहा है, जिससे असंतोष और बढ़ गया है। हालांकि, इस मामले में संबंधित एजेंसी या बैंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

छुट्टियां भी हुईं कम

इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों का कहना है कि पहले उन्हें नियमित मासिक अवकाश मिलता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद छुट्टियों की संख्या कम कर दी गई है। इससे लगातार लंबे समय तक काम करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

सामूहिक विरोध के बाद सौंपा इस्तीफा

सूत्रों के मुताबिक, ड्यूटी समाप्त होने के बाद कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया। इसके बाद उन्होंने एसबीआई की तुलसी उद्यान शाखा और संबंधित सुरक्षा एजेंसी को अपना मांगपत्र और इस्तीफा सौंप दिया। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया।

अगले ही दिन कम हो गई कर्मचारियों की संख्या

सामूहिक इस्तीफे का असर अगले ही दिन देखने को मिला। चढ़ावे की गिनती के लिए केवल करीब एक दर्जन कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंचे। हालांकि, मंदिर में चढ़ावे की गिनती का काम जारी रहा, लेकिन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बनने की आशंका जताई जा रही है।

अब होगी नए कर्मचारियों की भर्ती

बैंक सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों की जगह नए लोगों की भर्ती की जाएगी। लेकिन इस बार भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सख्त होगी। चढ़ावा चोरी मामले के बाद नए कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और विस्तृत बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसी वजह से भर्ती प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है।

चढ़ावा चोरी के बाद क्यों बदली व्यवस्था?

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन, बैंक और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी व्यवस्था की समीक्षा शुरू की थी। सूत्रों के अनुसार, निगरानी बढ़ाने, जवाबदेही तय करने और चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई बदलाव किए गए। कर्मचारियों का कहना है कि इन बदलावों का सबसे ज्यादा असर उन्हीं पर पड़ा है।

22 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 22 जुलाई को प्रस्तावित बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में चढ़ावा प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार और नई कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे का मुद्दा भी चर्चा का विषय बन सकता है।

राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में उसकी गिनती, रिकॉर्डिंग और सुरक्षित जमा कराने की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है। यदि बड़ी संख्या में कर्मचारी एक साथ नौकरी छोड़ते हैं, तो नई भर्ती होने तक मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। दूसरी ओर, चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। इसी कारण नए कर्मचारियों की नियुक्ति में जल्दबाजी के बजाय विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।


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