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चार आत्महत्याओं के बाद कुरुक्षेत्र NITअगले आदेश तक बंद, छात्रों को सता रहा ये डर 

चार आत्महत्याओं के बाद कुरुक्षेत्र NITअगले आदेश तक बंद, छात्रों को सता रहा ये डर 

 

NIT Kurukshetra: पिछले दो महीनों में चार विद्यार्थियों की आत्महत्या के बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) को बंद कर दिया गया है। इस स्थिति के कारण विद्यार्थियों में प्लेसमेंट से वंचित रहने का भय बढ़ गया है।

एनआईटी में तीसरे वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं पांच-छह मई से शुरू होने वाली थीं, लेकिन अब ये परीक्षाएं अगस्त में होंगी। इससे जुलाई के अंत में कैंपस प्लेसमेंट के लिए आने वाली कंपनियों की चयन प्रक्रिया में ये विद्यार्थी अपनी जगह नहीं बना पाएंगे।

इससे चिंतित विद्यार्थी एनआईटी प्रशासन से जल्द परीक्षाएं करवाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। इस अनदेखी को लेकर एक ऑडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें एनआईटी की एक महिला अधिकारी विद्यार्थियों को फटकार रही हैं।

परीक्षाएं समय पर करवाने की गुहार

प्रसारित ऑडियो में विद्यार्थी एनआईटी की महिला अधिकारी से परीक्षाएं समय पर करवाने की गुहार लगा रहे हैं और आफलाइन व आनलाइन किसी भी माध्यम से परीक्षा देने के लिए तैयार हैं। इस वर्ष यदि वे मौका चूक जाते हैं तो उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।

इस संबंध में एनआईटी के शैक्षणिक मामले अधिष्ठाता एवं लोक संपर्क विभाग प्रभारी प्रो. ज्ञान भूषण ने बताया कि परिस्थितियों को देखते हुए जल्द परीक्षाएं करवाने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि एनआईटी में हर वर्ष लगभग एक हजार विद्यार्थी विभिन्न विभागों में प्लेसमेंट में हिस्सा लेते हैं।

18 अप्रैल से अनिश्चितकाल काल के लिए परिसर बंद

आम तौर पर प्रौद्योगिकी संस्थानों में तीसरे वर्ष की परीक्षाएं मई में शुरू होकर जुलाई में समाप्त होती हैं। इसके बाद कंपनियों का प्लेसमेंट शेड्यूल शुरू होता है। चयनित विद्यार्थी अंतिम वर्ष पूरा होने के बाद परीक्षा परिणाम घोषित होते ही कंपनियों में ज्वाइन कर लेते हैं। एनआईटी में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं को देखते हुए 18 अप्रैल से अनिश्चितकाल के लिए एनआईटी परिसर को बंद कर दिया गया है।


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