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हरियाणा कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी का 55 साल की उम्र में निधन

हरियाणा कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी का 55 साल की उम्र में निधन

 

Rajpal Bhukhri: हरियाणा के यमुनानगर से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी का सोमवार सुबह अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, राजपाल भूखड़ी सोमवार सुबह 6 बजे रोजाना की तरह सैर पर गए थे और करीब सात बजे घर लौटे।

इसके बाद उन्हें सढ़ौरा में हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त की बैठक में शामिल होने के लिए जाना था, जिसकी वह तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उनकी छाती में अचानक तेज दर्द उठा। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में थे सक्रिय 

राजपाल भूखड़ी 55 वर्ष के थे और कुमारी सैलजा के करीबी थे। लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय थे और वर्ष 2009 में साढौरा (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2019 में टिकट कटने पर वो पार्टी और सैलजा से काफी नाराज हुए थे।

राजपाल भूखड़ी का अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर करीब दो बजे उनके पैतृक गांव भूखड़ी में किया जाएगा।

2009 में पहली बार विधायक बने

राजपाल भूखड़ी यमुनानगर के प्रमुख दलित नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 19 मई 1971 को तत्कालीन अंबाला जिले (वर्तमान यमुनानगर) के गांव भूखड़ी में हुआ। राजपाल वर्तमान में अंबाला जिले के नारायणगढ़ क्षेत्र के अपने पैतृक गांव भूखड़ी में परिवार सहित रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। इससे पहले वह यमुनानगर के सेक्टर-17 में रहते थे, लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने वह मकान बेचकर अंसल टाउन में नया घर खरीदा था। हालांकि, वह स्वयं परिवार के साथ अपने पैतृक गांव भूखड़ी में ही निवास कर रहे थे।

कांग्रेस की टिकट पर 2009 में विधायक बने

राजपाल भूखड़ी का राजनीतिक सफर कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़ा रहा। वर्ष 2009 में साढौरा (एससी) सीट से उम्मीदवार बने और 47,263 वोट पाकर पहली बार विधायक बने। विधानसभा में उन्होंने किसानों, सिंचाई, सड़क, बिजली, शिक्षा और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। साढौरा क्षेत्र में विकास कार्यों और जनता के बीच सक्रियता के कारण उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

2014 में BJP उम्मीदवार से चुनाव हारे

वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया, लेकिन इस बार उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बलवंत सिंह से हार का सामना करना पड़ा। साढौरा विधानसभा सीट के राजनीतिक इतिहास में राजपाल भूखड़ी का नाम कांग्रेस के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल है जिन्होंने इस सीट पर जीत दर्ज की।

विधायक न रहने के बाद भी राजपाल भूखड़ी कांग्रेस संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में लगातार एक्टिव थे। वे समय-समय पर पार्टी कार्यक्रमों, जनसभाओं और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे। वर्ष 2026 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी और इसे पार्टी के साथ विश्वासघात बताया था।


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