Russia-Ukraine war: हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के एक युवक की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत होने का दर्दनाक मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 23 वर्षीय अंकित जांगड़ा के रूप में हुई है, जिसका पार्थिव शरीर शनिवार को दिल्ली पहुंच गया।
परिजन शव लेने के लिए दिल्ली रवाना हो चुके हैं और देर शाम तक शव गांव लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, इसी गांव से गए दूसरे युवक विजय पूनिया का अब तक अता-पता भी नहीं चला है।
परिवार के अनुसार, शुक्रवार को ही उन्हें सूचना मिली थी कि अंकित का शव भारत भेजा जा रहा है। इस खबर के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के बड़े भाई रघुवीर ने बताया कि परिवार लगातार अपने बेटे की वापसी के लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन अंततः दुखद सूचना ही हाथ लगी।
मदद के लिए दर-दर भटके परिजन
परिजनों ने बताया कि अंकित और उसके साथी विजय पूनिया को वापस लाने के लिए उन्होंने कई स्तर पर गुहार लगाई थी। परिवार के सदस्य दिल्ली व चंडीगढ़ तक पहुंचे और रूसी दूतावास, विदेश मंत्रालय व रक्षा मंत्रालय से मदद की अपील की। इस मामले को लेकर सिरसा सांसद कुमारी सैलजा और रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी विदेश मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी।
पढ़ाई के बहाने गया, जंग में झोंक दिया गया
अंकित जांगड़ा फरवरी 2025 में स्टडी वीजा पर रूस गया था। उसने मास्को के एक संस्थान में भाषा कोर्स में दाखिला लिया था। परिवार ने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ वह खर्च चलाने के लिए एक रेस्टोरेंट में काम भी कर रहा था।
इसी दौरान कुछ लोगों के संपर्क में आने के बाद उसे सेना में भर्ती कर लिया गया। स्वजनों का आरोप है कि एक महिला एजेंट ने नौकरी का लालच देकर अंकित और विजय समेत करीब 15 युवकों को अपने जाल में फंसाया। उन्हें बेहतर नौकरी का भरोसा देकर रूसी सेना में भेज दिया गया।
जब परिजनों ने संपर्क करने की कोशिश की तो संबंधित महिला ने पहले दोनों के मारे जाने की बात कही और बाद में फोन बंद कर दिया। दूसरे युवक विजय पूनिया का भी पता नहीं लग रहा है। पिछले तीन महीने से संपर्क तक नहीं हो रहा था तभी परिवार को किसी अनहोनी होने का डर सता रहा था।