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हरियाणा में पहली बार देश की रोड सेफ्टी पर मंथन, CM सैनी बोले- सड़क सुरक्षा नैतिक जिम्मेदारी

हरियाणा में पहली बार देश की रोड सेफ्टी पर मंथन, CM सैनी बोले- सड़क सुरक्षा नैतिक जिम्मेदारी

 

Haryana Road Safety Summit: हरियाणा में पहली बार देश की रोड सेफ्टी पर मंथन शुरू हुआ है। सीएम नायब सैनी ने चंडीगढ़ में हो रही दो दिवसीय सड़क सुरक्षा समाधान संगोष्ठी का शुभारंभ किया। उन्होंने संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान सीएम नायब सैनी ने कहा कि ये हरियाणा के लिए बहुत गर्व की बात है।

इस संगोष्ठी में 350 से अधिक विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति निर्माता यहां पहुंचे हैं। इस संगोष्ठी से ही पूरे देश में सड़क निर्माण, सुरक्षा को यहीं से नई दिशा मिलेगी। सीएम ने कहा सड़क सुरक्षा समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है। राष्ट्रीय महत्व की इस संगोष्ठी की मेजबानी का हरियाणा को पहली बार अवसर मिला है।

11 सालों में सड़कों पर 28 हजार 665 करोड़ रुपए खर्च

सीएम ने कहा, देशभर के 350 से अधिक विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति निर्माता सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दे पर गंभीर विचार विमर्श करेंगे। सड़क सुरक्षा केवल एक तकनीकी विषय के साथ सामाजिक, मानवीय और नैतिक जिम्मेदारी भी है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोई ना कोई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना का कार्य प्रगति पर है।

सीएम सैनी ने बताया कि हरियाणा में पिछले 11 वर्षों में 28 हजार 665 करोड़ रुपए की लागत से 43 हजार 703 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुधार किया गया है।

2,534 करोड़ रुपए से बनी हाईटेक सड़कें

सीएम नायब सैनी ने अपने संबोधन में कहा, 2534 करोड रुपए की लागत से 2417 किलोमीटर लंबी नई सड़कों का आधुनिक तकनीक से निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 1077 करोड रुपए की लागत से 2432 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है।

पिछले 11 वर्षों में लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से 97 रेलवे ऊपरगामी व भूमिगत पुलों का निर्माण करवाया गया है।

हैवी ट्रांसपोर्ट वाहन ट्रेनिंग के 7 नए संस्थान बनाए

सीएम नायब सैनी ने संगोष्ठी में बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से हैवी व ट्रांसपोर्ट वाहन ड्राइवरों के प्रशिक्षण के लिए 7 नए ड्राइवर प्रशिक्षण संस्थान शुरू किए गए हैं। आईआईटी मद्रास के सहयोग से संजया एप की सूबे में पहले ही शुरुआत की जा चुकी है।

सड़क दुर्घटनाओं के प्रबंधन और आंकड़ों का विश्लेषण कर हादसों को कम करने में ये एप मदद कर रही है। संगोष्ठी से निकलने वाले विचार और सुझाव देश भर में सड़क निर्माण और सुरक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेंगे।
 


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