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टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बॉयकॉट करते ही Pak कैसे बन जाएगा 'भिखारी',5 पॉइंट्स में जानें 

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बॉयकॉट करते ही Pak कैसे बन जाएगा 'भिखारी',5 पॉइंट्स में जानें 

 

Pakistan T20 World Cup 2026:  बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किए जाने के बाद हर नजर पाकिस्तान पर टिकी हुई है। इस कार्रवाई का विरोध कर रहे पाकिस्तान ने खुद भी बॉयकॉट करने की धमकी दी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अपनी टीम घोषित कर दी है, लेकिन बोर्ड चेयरमैन मोहसिन नकवी ( Mohsin Naqvi ) ने कहा है कि सरकार से हरी झंडी मिलने पर ही टीम भारत भेजी जाएगी। इस बारे में नकवी की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ सोमवार शाम को मीटिंग भी हुई है, जिसके बाद नकवी ने कहा है कि आखिरी फैसला शुक्रवार या सोमवार तक बताया जाएगा। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पाकिस्तान बॉयकॉट करने जा रहा है। हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ( ICC ) ने पाकिस्तान को पहले ही अकारण ऐसा कदम उठाने का खामियाजा भुगतने की चेतावनी दे रखी है। इसके बावजूद यदि पाकिस्तान ऐसा कदम उठाता है तो यह उसके लिए 'सुसाइड मिशन' जैसा साबित हो सकता है। पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उसका ये कदम पूरी तरह 'भिखारी' बना देगा।

5 पॉइंट्स में समझिये कि बॉयकॉट करना पाकिस्तान के लिए खुद भारी पड़ेगा-

1. आईसीसी लगा सकती है पाकिस्तान पर प्रतिबंध

पीसीबी यदि अपनी सरकार के निर्देश पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बॉयकॉट करता है तो आईसीसी इसे 'राजनीतिक हस्तक्षेप' घोषित कर सकती है। ऐसी स्थिति में आईसीसी पाकिस्तान पर कई तरह के बैन लगा सकती है। ये प्रतिबंध निम्न हो सकते हैं-

  • आईसीसी इवेंट्स के आयोजन पर बैन: पाकिस्तान को आईसीसी ने 2028 महिला टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन दे रखा है, जो आईसीसी वापस ले सकती है। साथ ही उसे आगे आईसीसी इवेंट्स का आयोजक नहीं बनाया जाएगा।
  • ग्लोबल क्रिकेट बैन: आईसीसी पाकिस्तान के ऊपर ग्लोबल क्रिकेट बैन लगा सकती है। इसके चलते वो किसी टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएगा और ना ही किसी देश के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेल पाएगा। ऐसा बैन साउथ अफ्रीका पर 4 दशक तक रहा है। साथ ही जिम्बाब्वे और श्रीलंका पर भी ऐसा बैन कुछ समय के लिए लग चुका है।

2. पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट तोड़ने का लगेगा आरोप

टी20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में भाग लेने से पहले हर फुल मेंबर देश और आईसीसी के बीच टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (TPA) साइन किया जाता है। यदि पाकिस्तान ऐन मौके पर टूर्नामेंट से हटेगा तो उस पर इस एग्रीमेंट को तोड़ने के आरोप में आईसीसी कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है।

3. अरबों रुपये की रेवेन्यू शेयरिंग होगी जब्त

आईसीसी की तरफ से हर साल सभी मेंबर देशों को अपने रेवेन्यू में से शेयर दिया जाता है। पाकिस्तान को भी आईसीसी के टोटल रेवेन्यू पूल में करीब 6% की हिस्सेदारी मिलती है, जो इस साल करीब 316 करोड़ रुपये रहने की संभावना है। इसके अलावा टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेने पर तैयारी और पार्टिसिपेशन के लिए आईसीसी से 5 मिलियन डॉलर (करीब 46 करोड़ रुपये) की रकम मिलनी है, जो बॉयकॉट के बाद नहीं मिलेगी। इसके अलावा टूर्नामेंट में भाग लेने पर प्राइज मनी व मैचों से जुड़ी हुई अन्य तरह की कमाई भी 2 मिलियन डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपये) की रकम पाकिस्तान को मिलनी थी, जो नहीं मिलेगी। एक-एक पैसे को मोहताज हो चुके पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए यह रकम कितनी अहम है, हर कोई अंदाजा लगा सकता है।

4. PSL के लिए प्लेयर्स NOC होगी बैन, 'भिखारी' बन जाएगा पाकिस्तान

आईसीसी पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि पाकिस्तान सुपर लीग ( Pakistan Super League) में खेलने के लिए विदेशी खिलाड़ियों को NOC देने की प्रक्रिया रोकी जा सकती है। इसके लिए आईसीसी के साथ ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड जैसे क्रिकेट बोर्ड भी खड़े होंगे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा सोर्स यही लीग है, जिसमें विदेशी क्रिकेटर आने के कारण ही आकर्षण बना रहता है। यदि इसमें विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर आईसीसी और अन्य कंट्री बोर्ड बैन लगाते हैं तो PSL पूरी तरह खत्म हो जाएगी, जिसका बड़ा खामियाजा पाकिस्तान को भुगतना पड़ेगा।

5. पाकिस्तान हो जाएगा पूरी तरह अलग-थलग

पाकिस्तान यदि टी20 वर्ल्ड कप का बॉयकॉट करता है तो उसे भी आईसीसी की तरफ से बॉयकॉट का सामना करना होगा। ऐसे में वो क्रिकेट बिरादरी में पूरी तरह अलग-थलग हो जाएगा। कोई भी दूसरा देश आईसीसी की मंजूरी नहीं होने के चलते उसके यहां क्रिकेट खेलने के लिए नहीं आएगा। ऐसे में उसके लिए रेवेन्यू जुटाना पूरी तरह नामुमकिन हो जाएगा। नतीजतन पाकिस्तान क्रिकेट खत्म हो जाएगी। आईसीसी की मंजूरी नहीं होने पर पाकिस्तान को एशिया कप और ओलंपिक खेलों में भी क्रिकेट टीम भेजने की अनुमति इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) से नहीं मिलेगी यानी वहां भी क्रिकेट खेलने का रास्ता बंद हो जाएगा।


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