Himalaya Ratna Sports Award: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के बड़ालू गांव की निवासी प्रतिभावान मुक्केबाज खुशी चंद का चयन उत्तराखंड सरकार द्वारा हिमालय रत्न खेल पुरस्कार के लिए किया गया है। राज्य स्तर पर इस प्रतिष्ठित सम्मान की घोषणा होने से पूरे जिले और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है।
एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली खुशी के पिता सुरेश चंद और माता दीपा देवी खेती-बाड़ी व पशुपालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मुक्केबाजी इस परिवार की रगों में है।
परिवार की रगों में मुक्केबाजी
खुशी की बड़ी बहन निकिता चंद पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, जबकि उनका छोटा भाई नीरज चंद भी राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता है और निरंतर मुक्केबाजी का प्रशिक्षण ले रहा है।
खुशी चंद का ट्रैक रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा है। उन्होंने वर्ष 2023 और फिर मार्च 2024 में सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसके अलावा 9 सितंबर को अबूधाबी में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी खुशी ने कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया था।
2025 एशियन यूथ गेम्स में 46वर्ग कि्ग्रा में चीन की बॉक्सर को हराया। खुशी का चयन हिमालयन खेल रत्न पुरस्कार के लिए होने से बड़ालू गांव सहित जिले में खुशी की लहर व्याप्त है। अब राज्य सरकार से हिमालय रत्न मिलने से इस युवा खिलाड़ी के हौसलों को नई उड़ान मिली है।
आज मनेगा जश्न
पिथौरागढ़: सीमा छोर के बड़ालू गांव की बेटी का चयन हिमालयन खेल रत्न के लिए होने से माता, पिता व स्वजनाें की खुशी का ठिकाना नहीं है। बेटी खुशी ने उनकी झोली में कई खुशियां डाली है मंगलवार को हिमालयन खेलरत्न मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में व्याप्त है।
गदगद माता दीपा चंद, पिता सुरेश चंद ने इस उपलब्धि के लिए खुशी की मेहनत और खुशी को निखारने वाले कोच एवं खुशी के फूफा विजेंद्र मल्ल को दिया है। गांव में रहने वाले परिवार को देर सायं इसकी सूचना मिली । बुधवार को खुशी की इस उपलब्धि पर जश्न मनेगा।
जिला मुख्यालय में रहने वाले खुशी के फूफा एवं कोच विजेंद्र मल्ल ने कहा कि खुशी इस सम्मान की हकदार है। अभी खुशी को इससे भी बड़े सम्मान से सम्मानित होना है। वह बॉक्सिंग में निरंतर आगे बढ़ रही है। उसकी लगन, मेहनत और जूनून उसे बहुत आगे ले जाएगा।अंतरराष्ट्रीय स्तर तक दमदार प्रदर्शन से गोल्ड मेडल जीत कर पहचान बना ली है। वह बॉक्सिंग के प्रति समर्पित है।