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'द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला', ईरान क्यों आया बातचीत की मेज पर? ट्रंप ने किया खुलासा

'द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला', ईरान क्यों आया बातचीत की मेज पर? ट्रंप ने किया खुलासा

 

Trump on Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा कि हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे, लेकिन ईरान ने बातचीत करने का प्रस्ताव रखा। ईरान के साथ युद्ध पर अपना रुख दोहराते हुए उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। लास वेगास में एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने हालिया सैन्य कार्रवाई से ईरान को कमज़ोर कर दिया है, लेकिन वे कूटनीति के लिए भी तैयार हैं। 

उन्होंने कहा, "हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे, तभी उन्होंने मुझे फ़ोन किया और कहा, 'कृपया ऐसा न करें। आइए बातचीत करते हैं।'... हम बातचीत कर रहे हैं। देखते हैं क्या होता है। उन्होंने कहा, "वे हमारा सम्मान करते हैं... किसी और राष्ट्रपति ने वह काम नहीं किया जो बहुत पहले हो जाना चाहिए था, क्योंकि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।"

ईरान से समझौते के लिए तैयार ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वे ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई करने के बजाय उसके साथ समझौता करना पसंद करेंगे, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वॉशिंगटन तेहरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा। हम उन्हें बुरी तरह से मार रहे हैं। मैं समझौता करना ज़्यादा पसंद करूंगा, क्योंकि मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता।

ट्रंप ने वेनेजुएला का उदाहरण दिया

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मामले में अमेरिका के रवैये की तुलना वेनेज़ुएला में की गई कार्रवाई से की और दावा किया कि वॉशिंगटन को दोनों ही स्थितियों से फ़ायदा हुआ है। ट्रंप ने यह भी कहा कि एक बहुत बड़े सैन्य अभियान की योजना बनाई गई थी, लेकिन ईरान के बातचीत की पेशकश करने के बाद उसे रोक दिया गया। ट्रंप की ये बातें कुछ दिनों से आ रहे मिले-जुले बयानों के बाद आई हैं; कभी वे ईरान पर हमले की धमकी देते थे, तो कभी उन्हें भरोसा होता था कि "जल्द ही" कोई समझौता हो सकता है।

होर्मुज को लेकर ईरान-ओमान का समझौता

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा होर्मुज को लेकर ईरान के साथ ओमान का  समझौता ड्राफ्टिंग के "अंतिम चरण" में है और अगर "कुछ पक्ष" प्रक्रिया में बाधा नहीं डालते हैं तो एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा - जाहिर है, उनका इशारा अमेरिका की ओर था। वहीं, ट्रंप की ये टिप्पणियां तब आईं जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ओमान के साथ एक अलग समझौते पर प्रगति की घोषणा की; यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्गों में से एक है। 


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