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लालकिले से PM मोदी का देश के नाम संबोधन, जानिए भाषण की बड़ी बातें

लालकिले से PM मोदी का देश के नाम संबोधन, जानिए भाषण की बड़ी बातें

 

PM Modi Full Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं। आज हर दिल 'वंदे मातरम' की धुन पर धड़क रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर आज आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने इस मौके पर सेमी कंडक्टर से क्रिटिकल मिनरल्स तक, चिप, AI और डेटा सेंटर, हर मुद्दे को उठाया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि सभी राजनीतिक दलों से आह्वान है कि महिला आरक्षण विधेयक लागू करवाएं।

पीएम मोदी बोले- हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए


स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि समय हमारा है, संकल्प हमारा है। बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और देश के संकल्प भी ऊंचे होने चाहिए। हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए। जब संकल्प दृढ़ होता है, तो कठिनाइयों से, आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप उभरकर सामने आता है। कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है। जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है।

विकसित भारत @2047 का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का एक बड़ा सपना है: 2047 तक #ViksitBharat बनाना, जो 140 करोड़ भारतीयों की ताकत और संकल्प से प्रेरित हो। जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश एक विकसित देश बनने का लक्ष्य तय करता है, तो यह दुनिया को एक मजबूत संदेश देता है और दुनिया के भारत को देखने के नजरिए को बदल रहा है। मैंने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य, मजबूत नींव पर खड़ा है। 2047 विकसित भारत का लक्ष्य, इन मजबूत नींव पर खड़ा है। 2047 विकसित भारत का लक्ष्य, पिछले 12 वर्षों में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है उस सामर्थ्य का हिस्सा है। सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

पीएम मोदी की युवाओं से खास अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हम रुक नहीं सकते हैं, हमारी गति नहीं रुक सकती है। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें उसे प्राप्त करके रहना है। इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर को बदलना होगा, हमारे वर्क कल्चर को बदलते हुए हमें हमारी सोच को भी बदलना होगा। हमें हमारे काम की गति को भी बदलना होगा। जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं। मेरा भरोसा है, मेरी देश की युवा शक्ति पर, मेरे देश के नौजवानों पर, मेरे देश की माताओं बहनों पर, मेरे देश के किसानों पर, मेरे देश के मजदूरों पर, कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं।

जब पीएम मोदी ने बिना नाम लिए विपक्ष को सुना दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर देश को संबोधित करते हुए विपक्ष को जमकर सुनाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 साल हम लगातार 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए दौड़ रहे हैं। हमने सोचा भी नहीं था कि हमें इसमें भी कुछ मुसीबतों को झेलना पड़ेगा। पिछले 10-12 वर्षों में हमें कितने संकटों का सामना करना पड़ा। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। सारी अर्थव्यवस्था चरमरा गई। कोरोना से बाहर निकले तो युद्ध की विभीषिका की खबरें आने लगीं। कहीं यूक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया। हर जगह तनाव का माहौल। और पता नहीं भविष्यवक्ताओं ने तो क्या-क्या घोषणाएं कर दी थीं।

'देश को डराना-भयभीत करना, कई लोगों को इसमें आनंद आता है'

पीएम मोदी ने कहा कि देश को डराना, देश को भयभीत करना, देश को चिंतित रखना, इसी में कई लोगों को आनंद आता है। सारी दुनिया भर की अफवाहें फैलाकर, भारत के लोगों को भयभीत करने का, डराने कर, चिंता में डुबो देने में कुछ लोगों को आनंद आ रहा था लेकिन देश ने देख लिया कि पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं रंग ला रही हैं और हम इतने बड़े संकट के बावजूद भी नागरिक देवो भव: के मंत्र को लेकर जीते हुए, भारत ने जो तैयारियां की थीं, एक के बाद एक कदम उठाया था, सोचा नहीं था कि ये संकट आएगा लेकिन संकट के समय में ये सारी चीजें काम आ गई और आज देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है।

जब सोच बंध जाती है तो... 

प्रधानमंत्री ने कहा कि माओवादी सोच ने नीतियों को प्रभावित किया। हथियारी नक्सल तो गए, दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है। समाज को गलत रस्ते पर ले जाने के रास्ते खोज रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कई बार संसाधनों की कमी के कारण देश रुकता नहीं है लेकिन रुकने का कारण सोच की सीमाएं होती हैं। जब सोच बंध जाती है, सीमाओं में सड़ने लग जाती है तब हम अपने सामर्थ्य को भी पहचान नहीं पाते हैं। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है और हमारी गलत सोच के कारण है।

पीएम ने आगे कहा कि आप जानकर हैरान रह जाएंगे, हमने समुद्री तट पर, 99% हमारा समुद्री तट का पूरा हिस्सा ऐसी सोच के कारण 'नो-गो एरिया' घोषित कर रखा है। हमने ही समुद्र के अंदर जाकर अन्वेषण न करने का निर्णय कर लिया था। ये सोच का दायरा था। हमने फैसला किया कि ये नहीं चल सकता। हमने उस 99 प्रतिशत क्षेत्र को 'गो-अहेड एरिया' के रूप में खुला कर दिया है। हम समुद्र के भीतर भी नए-नए भंडार खोजने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

'पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाईयां ही नहीं भूभाग को भी वेपनाइज्ड किया जा रहा'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय था जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ एयरकंडीशनर चेंबर में बैठकर सोचने वाले लोग हमें बता रहे थे कि ग्लोबलाइजेशन का क्या होगा लेकिन पूरी दुनिया देख रही है कि पिछले 1 दशक में ऐसा लग रहा है कि लोगों ने ग्लोबलाइजेशन बोलना ही बंद कर दिया। जहां से ग्लोबलाइजेशन की आवाजें आती थीं, अब वो आवाजें सुनाई नहीं देती है... लेकिन दुर्भाग्य से इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने अपना रुतबा दिखाने के लिए संसाधनों को वेपनाइज्ड करने का खेल खेला है। दुनिया अपने पास जो कुछ भी है उसे वेपनाइज्ड करने में लगी है। संसाधनों का वेपनाइज्ड, पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाईयां, इतना ही नहीं भूभाग को भी वेपनाइज्ड किया जा रहा है। ऐसे समय अगर हम आत्मनिर्भर के मंत्र को लेकर 10 साल सही दिशा में न चले होते तो हम ऐसी चुनौतियों का मजबूती से सामना कैसे करते।

पीएम मोदी ने बताया कैसे पॉवर हाउस बन रहा भारत

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा मानना ​​है भारत को दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। हमें अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी होगी। इसीलिए, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। हर भारतीय 'मेक-इन-इंडिया', 'स्वदेशी' और 'वोकल फॉर लोकल' अभियानों से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्रई ने कहा कि पिछले 12 सालों में डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है। मॉडर्न रेलवे कोच का प्रोडक्शन 21 गुना बढ़ा है। इंटरनेट यूजर्स की संख्या चार गुना बढ़ी है। डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े हैं।

एनर्जी के बिना भी नई दुनिया को चलाना मुश्किल: पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत ने भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है, दृढ़ संकल्प के साथ देखा है, नई ऊंचाइयों को छूने के लिए देखा है। वो सपना है कि जब 1947 में आजादी के 100 साल होंगे, तो हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे। 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हमें हासिल करना है। अब एनर्जी के बिना भी नई दुनिया को चलाना मुश्किल है। इसलिए हमें चिप, AI और डेटा सेंटर के लिए बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत पड़ेगी।

'एनर्जी सिक्योरिटी समय की मांग'

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी हमारे समय की मांग है। इसलिए हमने पहले से ही उस दिशा में एक के बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं। एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर हमें वैकल्पिक स्रोतों की ओर भी पूरी शक्ति लगाना बहुत जरूरी है और इसलिए ऊर्जा का सही इस्तेमाल बढ़ाते हुए भारत इसी दिशा में आज तेजी से काम कर रहा है।


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