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शिखर से फर्श तक Paytm! कभी मार्केट पर राज, अब संकट गहराया 

शिखर से फर्श तक Paytm! कभी मार्केट पर राज, अब संकट गहराया 

 

Paytm payments bank: किसी दौर में आॉनलाइन पेमेंट के लिए देश में छाई रहने वाली कंपनी पेटीएम, इन दिनों बुरे दौर से गुजर रही है। हाल ही में आरबीआई ने उसे पेटीएम पेमेंट्स बैंक के लाइसेंस को कैंसिल कर दिया, जिसके चलते कंपनी के शेयर भी एक दिन के भीतर में 8 फीसदी तक डाउन हो गए। ये तो अभी-अभी यानी 24 अप्रैल 2026 की घटना है। मगर कंपनी का बुरा समय करीब एक दशक पहले से ही शुरू हो गया है. ऐसा हम क्यों कह रहे हैं इसको समझने के लिए आपको पूरी खबर पढ़नी होगी। 

आज से करीब 16 साल पहले पहले साल 2010 में इस कहानी की शुरुआत होती है. एक मिडिल क्लास फैमिली से आने वाले, स्कूल मास्टर के लड़के विजय शेयर वर्मा ने कुछ ऐसा कारनामा किया, जिसने डिजिटल पेमेंट सेक्टर में क्रांति ला दी। साल 2010 में विजय ने पेटीएम की शुरुआत की। पहले तो इसमें सिर्फ और सिर्फ ऑनलाइन मोबाइल रिचार्ज की सुविधा मौजूद थी इसके बाद पेटीएम वॉलेट सर्विस शुरू हुई। फिर देश में साल 2016 में नोटबंदी का ऐलान हो गया, जिसके बाद से ही कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ाने की बात फिर जोर पकड़ने लगी। पेटीएम की वॉलेट सर्विस नोटबंदी के बाद काफी पॉपुलर हुई। असल में देखें तो नोटबंदी ने ही पूरी तरीके से ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम को एक नया शेप दिया और एकाएक पेटीएम डिजिटल पेमेंट का पूरे देश में विकल्प बन कर सामने आया। 

कहां से शुरू हुआ डाउनफॉल

नोटबंदी तक तो सब ठीक था. कंपनी की ग्रोथ भी अच्छी हो रही थी और मार्केट में पकड़ भी मजबूत बनी हुई थी। तभी सरकार ने एक फैसला लिया। साल 2016 के आखिरी समय में सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई BHIM ऐप की शुरुआत कर दी, जिसके चलते पेटीएम की साख में थोड़ा गिरावट देखने को मिली। इसके बाद कंपनी में लगातार उठापटक देखने को मिली, जिसे टाइमलाइन के रूप में इस तरह समझा जा सकता है। 

  • 2017- पेटीएम ने वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस में उतरने और डिजिटल बैंक बनाने की योजना बनाई। मई में पेटीएम पेमेंट्स बैंक की शुरुआत हुई, जबकि जून में पेटीएम मनी लॉन्च किया गया। 
  • 2018- वन97 कम्युनिकेशंस में वॉरेन बफेट की कंपनी बर्कले हाथवे ने करीब 30 करोड़ डॉलर का निवेश किया। इसी दौरान बिजनेस तेजी से बढ़ा, लेकिन अलीबाबा ग्रुप के निवेश को लेकर चिंताएं भी उभरने लगीं। जून में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नए अकाउंट खोलने पर रोक लगा दी, जिसे दिसंबर में हटाया गया। 
  • 2019- मार्च में RBI के बैंकिंग लोकपाल ने KYC नियमों के उल्लंघन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया। हालांकि मामला ज्यादा नहीं बिगड़ा। 
  • 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिला और पेटीएम को इसका फायदा हुआ। वहीं, गलवान वैली घटना के बाद चीन से निवेश को लेकर बहस तेज हुई। 
  • 2021 जुलाई में RBI ने गलत जानकारी देने के मामले में फिर नोटिस जारी किया। अक्टूबर में नियमों के उल्लंघन पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा. इसी महीने पेटीएम का IPO आया, जिसमें Ant Group ने हिस्सेदारी घटाई। नवंबर में लिस्टिंग के दिन शेयर 27% गिरकर 1560 रुपये पर खुला, जबकि इश्यू प्राइस 2150 रुपये था। 
  • 2022 मार्च में IT ऑडिट को लेकर RBI और पेटीएम के बीच तनाव बढ़ा। अक्टूबर में नए कस्टमर जोड़ने पर रोक लगा दी गई. नवंबर में पेमेंट एग्रीगेटर बनने की एप्लीकेशन रिजेक्ट हो गई। 
  • 2023 अक्टूबर में RBI ने रेग्युलेटरी नियमों के उल्लंघन पर 5.93 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। 
  • 2024 जनवरी में RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक की अधिकांश सेवाओं को बंद कर दिया और ग्राहकों को 29 फरवरी तक का समय दिया। 
  • इसके बाद 24 अप्रैल 2026 को RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया, जिससे बैंकिंग ऑपरेशन पर पूरी तरह विराम लग गया। 

कंपनी के शेयरों में आई भारी गिरावट

आरबीआई की ओर से कंपनी के पेमेंट्स बैंक के लाइसेंस को रद्द करने का असर 27 अप्रैल 2026 के मार्केट पर साफ देखने को मिला। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बाजार खुलते ही पेटीएम की पैरेंट्स कंपनी के शेयर धड़ाम हो गए। कारोबार के समय तक करीब 8 प्रतिशत तक कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। 
 


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