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Nirjala Ekadashi Vrat Rules: निर्जला एकादशी व्रत में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, जानें जरूरी नियम

Nirjala Ekadashi Vrat Rules: निर्जला एकादशी व्रत में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, जानें जरूरी नियम

 

Ekadashi Vrat Rules: 25 जून 2026, गुरुवार को निर्जला एकादशी व्रत रखा जाएगा। इसे साल का सबसे कठिन और बड़ा एकादशी व्रत माना जाता है। एकादशी व्रत में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत के पु्ण्य प्रभाव से व्यक्ति को सभी एकादशी व्रत के समान फल मिलता है। इस व्रत को करने से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। भगवान विष्णु की कृपा से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, एकादशी व्रत में कुछ कार्यों की मनाही होती है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी के दिन कुछ कामों को करने से अशुभ फल प्राप्त होते हैं। जानें इस दिन क्या करें और क्या नहीं करें।

निर्जला एकादशी के दिन भूलकर भी नहीं करें ये 5 काम-

1.चावल का सेवन:

निर्जला एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित है। मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होती है। इस दिन व्रती लोग जल का भी त्याग करते हैं।

2.गुस्सा और लड़ाई-झगड़ा:

निर्जला एकादशी के दिन वाद-विवाद और गुस्से से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। मान्यता है कि इस दिन कटु वचन बोलने और लड़ाई-झगड़ा करने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं और व्यक्ति को धन संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

3. तुलसी के पौधे को जल:

हिंदू धर्म में तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के लिए एकादशी व्रत करती हैं। इस दिन तुलसी के पौधे पर जल देने की मनाही होती है। कहा जाता है कि इससे मां लक्ष्मी का व्रत खंडित हो जाता है।

4. तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ें:

एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने की मनाही होती है। लेकिन एकादशी पूजन में तुलसी दल का प्रयोग अति उत्तम माना जाता है। इसलिए व्रत के एक दिन पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़ लेने चाहिए। अगर आप तुलसी के पत्ते तोड़ना भूल जाते हैं, तो जमीन पर गिरे हुए पत्तों को साफ पानी से धोकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

5. एकादशी व्रत में दिन में नहीं सोना चाहिए:

एकादशी व्रत में दिन में सोने की मनाही होती है। मान्यता है कि दिन में सोने से व्रत भंग हो जाता है। इस दिन भगवान विष्णु का अधिक से अधिक ध्यान लगाना चाहिए और विष्णु जी के मंत्रों का जाप करना चाहिए।

निर्जला एकादशी के दिन क्या करना चाहिए

-साल की सबसे बड़ी एकादशी में से एक निर्जला एकादशी के दिन उपवास करना और सामर्थ्यनुसार दान करना बहुत शुभ फलदायक होता है। इस दिन जल, छाता, मटका, अनाज, फल आदि का दान कर सकते हैं।

-इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी माला चढ़ाना और ठाकुरजी को एक बांसुरी चढ़ाना भी शुभ फल देता है।

-इस दिन विष्णु सहस्रनाम का जाप करना शुभ होता है। साथ ही ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप निरंतर करना चाहिए। मौन रहकर जप कर पायें तो सर्वोत्तम है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


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