Morning Headache: सुबह उठते ही सिरदर्द होना, बिना किसी खास वजह के चिड़चिड़ापन महसूस करना या काम पर ध्यान लगाने में परेशानी होना कई बार खराब नींद का संकेत हो सकता है। अगर ऐसा कभी-कभार हो तो ज्यादा चिंता की बात नहीं है, लेकिन यह समस्या लगातार बनी रहे तो अपनी नींद की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है।
आजकल देर रात तक मोबाइल चलाना, काम के कारण देर से सोना, रात में बार-बार जागना और रोज अलग-अलग समय पर सोने की आदत आम हो गई है। बड़े हों या बच्चे, कई लोग देर रात तक मोबाइल या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते रहते हैं। इसका असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।
अगले दिन दिख सकता है असर
खराब नींद की वजह से शरीर और दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। इसका असर अगले दिन साफ दिखाई दे सकता है। व्यक्ति सुबह उठने के बाद भी थका हुआ महसूस कर सकता है, किसी काम में मन नहीं लगता और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा या चिड़चिड़ापन आने लगता है। लगातार नींद पूरी न होने पर याददाश्त और एकाग्रता भी प्रभावित हो सकती है।
सुबह होने वाला सिरदर्द भी खास तौर पर ध्यान देने वाला लक्षण है। अगर इसके साथ रात में तेज खर्राटे आते हैं, नींद के दौरान सांस लेने में परेशानी होती है, बार-बार नींद खुलती है या सुबह उठने के बाद भी बहुत ज्यादा थकान रहती है, तो इसकी वजह नींद से जुड़ी किसी समस्या से भी हो सकती है। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या ज्यादा घंटे सोना ही अच्छी नींद है?
अच्छी नींद का मतलब केवल ज्यादा घंटे सोना नहीं है। नींद पर्याप्त होने के साथ-साथ लगातार और आरामदायक भी होनी चाहिए। सोते समय शरीर और दिमाग दिनभर की थकान से उबरते हैं और कई जरूरी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलती हैं।
इसी वजह से लगातार खराब नींद का असर सिर्फ अगले दिन की थकान तक सीमित नहीं रहता। लंबे समय तक नींद की गुणवत्ता खराब रहने पर याददाश्त, मूड और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
नींद बेहतर करने के लिए अपनाएं ये आदतें
नींद को बेहतर बनाने के लिए रोजाना लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। सोने से पहले मोबाइल और दूसरे स्क्रीन वाले उपकरणों का इस्तेमाल कम करें। रात में चाय-कॉफी का सेवन भी सीमित रखना बेहतर है।
अगर पर्याप्त समय सोने के बावजूद सुबह सिरदर्द, दिनभर नींद आना या ध्यान लगाने में परेशानी लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर खर्राटे, नींद में सांस रुकने या घुटन जैसी समस्या होने पर विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें दी गई जानकारी केवल जागरूकता और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसे किसी भी तरह की चिकित्सकीय सलाह, जांच या इलाज का विकल्प न समझें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या लक्षण के लगातार बने रहने पर योग्य डॉक्टर से सलाह लें। Janta TV इस जानकारी के आधार पर किए गए किसी भी व्यक्तिगत उपचार या निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है।