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विश्व योगासन चैंपियनशिप में 78 देशों के 500 से अधिक खिलाड़ी जुटे

विश्व योगासन चैंपियनशिप में 78 देशों के 500 से अधिक खिलाड़ी जुटे

 

अहमदाबाद: भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक खेल पहचान दिलाने की दिशा में अहमदाबाद में पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। 4 से 8 जून तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 78 से अधिक देशों के 500 से ज्यादा एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। भारत, अमेरिका, जापान, नीदरलैंड, ओमान, मॉरीशस, युगांडा, जाम्बिया, श्रीलंका, नेपाल और केन्या सहित दुनिया के कई देशों के खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

अहमदाबाद के EKA एरीना में आयोजित इस चैंपियनशिप में जूनियर, यूथ और सीनियर वर्गों के मुकाबले हो रहे हैं। प्रतियोगिता में पारंपरिक योगासन, आर्टिस्टिक योगासन, रिदमिक पेयर्स और टीम स्पर्धाओं को शामिल किया गया है। खिलाड़ियों का मूल्यांकन लचीलेपन, संतुलन, सहनशक्ति, स्थिरता और नियंत्रण जैसे मानकों पर किया जाता है। पारंपरिक योगासन में आसनों की शुद्धता और स्थिरता पर जोर दिया जाता है, जबकि आर्टिस्टिक योगासन में पूर्व निर्धारित प्रस्तुति और तकनीकी कौशल का आकलन किया जाता है।

भारत का 122 सदस्यीय दल भी इस विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहा है। योगासन को बढ़ावा देने के लिए इसे पहले खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 और बाद में नेशनल गेम्स 2025 में शामिल किया गया था। अब इसे अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजनों में भी जगह दिलाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। 2030 राष्ट्रमंडल खेलों में योगासन को प्रदर्शनी खेल के रूप में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।

विश्व योगासन चैंपियनशिप के दौरान जनता टीवी से विशेष बातचीत में योगासन भारत के अध्यक्ष उदित शेठ ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक दिन की नहीं, बल्कि छह वर्षों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि योगासन को खेल के रूप में स्थापित करने के लिए देशभर में कोच, तकनीकी अधिकारियों और खिलाड़ियों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि पहले केवल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, लेकिन अब योगासन विश्व मंच पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।

उदित शेठ ने कहा कि उनका लक्ष्य योगासन को केवल डेमो स्पोर्ट तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में राष्ट्रमंडल खेलों समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसे मेडल स्पोर्ट के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि योगासन भारत द्वारा तैयार किया गया पारदर्शी स्कोरिंग सिस्टम इस खेल को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने गुजरात सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और आयुष मंत्रालय के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सभी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप का सफल आयोजन संभव हो पाया है। उनका मानना है कि यह आयोजन योगासन को वैश्विक खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।


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