Lalit Modi: IPL के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने कहा है कि 2009 के इंडियन प्रीमियर लीग साउथ अफ्रीका फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) मामले में अपीलेट ट्रिब्यूनल से बड़ी राहत मिलने के बाद वे 16 साल बाद भारत लौटने का प्लान बना रहे हैं।
2010 से भारत से बाहर रह रहे मोदी ने कहा कि ट्रिब्यूनल के फैसले ने 16 साल से चल रही कानूनी लड़ाई को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे इस साल के आखिर तक या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट आएंगे।
पक्ष में फैसला सुनाया
ललित ने कहा, "कल आए फैसले से मैं सच में बहुत खुश हूं। यह वाकई एक बहुत अच्छा दिन रहा है। मैंने सोलह साल तक लड़ाई लड़ी और मीडिया और बाकी सभी लोगों से जो कुछ भी कहा, आखिरकार वही सच साबित हुआ। मुझे बहुत खुशी है कि ट्रिब्यूनल ने मेरे पक्ष में फैसला सुनाया है। मुझे सिर्फ IPL की भलाई की चिंता थी और किसी चीज की नहीं। वह मेरे लिए सबसे ज़्यादा मायने रखता है। अब वह अध्याय पीछे छूट चुका है, मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ूंगा और भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।"
अक्टूबर में आ सकते हैं भारत
ललित मोदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल के आखिर में अपने नाती के जन्म के बाद वे वापस लौटेंगे। उन्होंने कहा, "मैं शायद इस साल के आखिर में या अगले साल की शुरुआत में वापस आऊंगा। अक्टूबर में मेरी बेटी को बेटा होने वाला है, उम्मीद है सब ठीक रहेगा और मैं भारत वापस आ जाऊंगा।"
दक्षिण अफ्रीका में 2009 के IPL सीजन से जुड़ी मुख्य कार्यवाही में 'स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (संपत्ति की जब्ती) एक्ट' (SAFEMA) के तहत अपीलीय ट्रिब्यूनल ने मोदी और अन्य अपीलकर्ताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ज्यादातर निष्कर्षों और जुर्माने को रद्द कर दिया।
ठोस सबूत नहीं था
ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया कि मुख्य कार्यवाही में कथित FEMA उल्लंघनों के लिए मोदी को जिम्मेदार ठहराने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं था। यह फैसला 16 जुलाई को सुनाया गया था। मामला 2009 का है, जब चुनावों के कारण IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका में कराया गया था। प्रवर्तन निदेशालय ने विदेश में टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए किए गए विदेशी मुद्रा लेनदेन को लेकर कार्यवाही शुरू की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक से पहले मंजूरी की जरूरत थी।
मोदी ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के मामले की बुनियाद को ही खारिज कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने उस मुख्य आधार को खारिज कर दिया है जिस पर मेरे खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) का मामला बनाया गया था। ट्रिब्यूनल ने माना कि दक्षिण अफ्रीका में IPL 2009 के आयोजन से जुड़ी मुख्य विदेशी रकम का लेन-देन 'करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन' था, न कि 'कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन'। इस तरह ट्रिब्यूनल ने पहले की जांच के नतीजों के आधार को ही पलट दिया।
यह फैसला मोदी के लिए बड़ी राहत की बात है, जो IPL के सूत्रधार थे और इसके पहले चेयरमैन और कमिश्नर भी रहे थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED), भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और आयकर विभाग की कई जांचों का सामना करने के बाद वे 2010 में भारत छोड़कर चले गए थे।