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Ghaziabad Three Sisters Death: 'बच्चियों को कूदते देखा', पुलिस की पूछताछ में पिता का बड़ा खुलासा

Ghaziabad Three Sisters Death: 'बच्चियों को कूदते देखा', पुलिस की पूछताछ में पिता का बड़ा खुलासा

 

Ghaziabad Three Sisters Death: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की सोसायटी की नौवीं मंजिल से कूदकर मौत मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। घटना के बाद से लगातार हर रोज नई बातें सामने आ रही हैं। मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए शुक्रवार को DCP कार्यालय में पुलिस ने बच्चियों के पिता समेत अन्य परिजनों से एक घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। इस दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इसमें पता चला है कि पिता ने दो बच्चियों को कूदते हुए देखा था। अब तक की जांच और पूछताछ में घटना के पीछे घर का खराब माहौल सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

हालांकि, गाजियाबाद पुलिस की जांच अभी जारी है। ऐसे में और कई खुलासे हो सकते हैं। पुलिस पूछताछ में पिता ने बताया कि जब पहली बेटी छत से गिरी तो उसकी नींद खुल गई। इसके बाद उसने बेडरूम से दो अन्य बच्चियों को कूदते हुए देखा। पिता ने बताया कि दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। घटना के वक्त घर में तीनों पत्नियां मौजूद थीं।

3 बेटियां पढ़ाई में कमजोर, कितना सच

तीनों बहनें पास के ही एक स्कूल में पढ़ती थीं। हैरान करने वाली बात है कि तीनों बेटियां एक साथ पढ़ाई में कैसे कमजोर हो सकती हैं। लोगों का कहना है कि बच्चियों को सरकारी या किसी कम फीस वाले स्कूल में भेजा जा सकता था। ऐसे में पढ़ाई छुड़वाने की थ्योरी समझ से बाहर की बात लग रही है।

इन सवालों से कठघरे में परिजन

  1. घटना के वक्त क्या सभी ने गेट तोड़ने का प्रयास किया या फिर सिर्फ दिखावा था या पुलिस के आने का इंतजार किया गया।
  2. बच्चियों को कोरियन कल्चर में जाने के लिए मजबूर किसने किया था।
  3. घर की माली हालत की वजह से बच्चियों की पढ़ाई छुड़वाई या कोई और वजह है।
  4. क्या घर में बेटियों को अलग-थलग तो नहीं कर दिया था।
  5. बेटियों की मौत के बाद पिता मॉर्चरी तक नहीं गया था। ऐसे में लोगों का कहना है कि हालात कैसे भी हों, लेकिन अंतिम वक्त में पिता का नहीं जाना सवाल खड़े करता है।
  6. मीडिया के सामने मास्क लगाकर आने पर भी कई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
  7. घटना के बाद लोगों से परिवार के लोगों का व्यवहार भी बदला दिख रहा है।
  8. मामले को लेकर पुलिस से किसी प्रकार का सवाल-जवाब न करना और सीधे तीनों बहनों के शवों का अंतिम संस्कार कर देना, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।

अभी तक साफ नहीं हुए खून के धब्बे

सोसायटी में जहां पर तीनों बच्चियां गिरी थीं, उस घटनास्थल पर खून के धब्बे अभी भी मौजूद है। एसीपी ने जल्द साफ करवाने की बात कही है। वही, अब एओए का कहना है कि इस पूरी घटना से सोसायटी का माहौल खराब हुआ है। इसलिए जल्द ही फ्लैट खाली करवाया जाएगा। टावर बी-1 और सी-2 में पिता ने किराए पर मकान ले रखा है। एओए अध्यक्ष जयप्रकाश ठाकुर ने बताया कि दोनों ही फ्लैट के ओनर और रेजिडेंट्स ने उनपर दबाव बनाया हुआ है कि वह जल्द से जल्द फ्लैट खाली करवाएं।

जयप्रकाश ठाकुर ने कहा कि फिलहाल परिवार गमगीन है, इसलिए वह अपनी तरफ से पूरा सहयोग कर रहे हैं। एओए ने जब अपने स्तर पर जांच की तो पाया कि परिवार ऑक्सीहोम से आया था और इससे पहले राजेंद्र नगर सेक्टर-2 के शुभधाम अपार्टमेंट में रहता था। जिस फ्लैट में यह घटना हुई, वहां NBT टीम पहुंची। बच्चियों के पिता से पूछा कि क्या उन्हें पता है कि महिला आयोग की अध्यक्ष उनसे मिलने आ रही है, तो उन्होंने मना कर दिया।

वहीँ, एसीपी, शालीमार गार्डन अतुल कुमार ने कहा कि हमारी जांच चल रही है। हर सवाल का जवाब मिलेगा। कई तार जुड़े हुए है। फिलहाल हमें अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। रही बात खून के धब्बों की तो उसे जल्द साफ करवाया जाएगा।

बालकनी से गिरकर हुई थी मौसी की मौत

बच्चियों के नाना दिल्ली के सीलमपुर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी 11 बेटियां और तीन बेटे थे। 6-7 साल पहले उनकी 16 साल की बेटी बच्चियों के घर में जन्मदिन मनाने गई थी। वहां बालकनी से गिरने से उसकी मौत हो गई थी। उस समय पूरा परिवार दूसरी जगह रहता था। बच्चियों का पिता फाइनांस का काम भी करता था, लेकिन बाद में कर्ज अधिक होने से आना-जाना बंद कर दिया।

तीन शादियां, एक के साथ लिव-इन

तीन बच्चियों की मौत वाले परिवार में सबकुछ ठीक नहीं था। पिता ने तीन शादियां की थी। एक महिला के साथ लिव-इन में रहा। पुलिस ने पिता की तीनों पत्नियों से भी बारी-बारी से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि पिता ने 2 सगी बहनों से शादी की थीं, जबकि एक अन्य महिला के साथ करीब 4 साल तक लिव-इन में भी रहा था। 2018 में महिला ने तीसरी मंजिल से कूदकर खुदकुशी की थी। इसके बाद तीसरी शादी रिलेशनशिप में रहने वाली महिला के रिश्तेदार से की थी।

ऐसे में घर का माहौल खराब हो चुका था। बच्चियां भी इसको भांप रही थीं। तीनों पत्नियों ने बताया कि पिता बच्चियों की सभी डिमांड पूरी करते थे। उनको बिगाड़ने में पिता और मां का हाथ है। एक मां का कहना है कि उनकी गलती है कि बच्चियों को वह समय रहते नहीं रोक सकीं, जिसकी सजा बेटियों की जान देकर चुकानी पड़ी है।

डीसीपी ट्रांस हिडन निमिष पाटील ने मामले में कहा कि पूछताछ में पिता की तीन शादियों की बात सामने आई है, जबकि एक अन्य महिला के साथ वह चार साल तक रहे। पत्नियों से पूछताछ में पता चला कि पिता ने बच्चियों को बिगाड़ रखा था। घटना वाली रात शोर सुनकर पिता उठे और जब तक वह कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बच्चियां कूद चुकी थी। इसके बाद वह लिफ्ट से सीधे नीचे आ गए।

बबिता चौहान ने की मुलाकात

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने शनिवार को परिजनों से करीब पंद्रह मिनट बात की। बाद में NBT से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक 5वीं तक के बच्चों को मोबाइल से दूर नहीं किया जाएगा, ऐसी हरकतों पर रोक लगाना संभव नहीं। वह मोबाइल पर होमवर्क भेजने पर रोक लगवाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत से यह लग रहा कि परिवार के बिगड़े माहौल का असर बच्चियों पर था। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्षता से जांच करने के निर्देश दिए है।

सांसद अतुल गर्ग भी पहुंचे

सांसद अतुल गर्ग भी शनिवार को परिवार से मिलने पहुंचे। हालांकि, परिजन नहीं मिले तो उन्होंने आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात कर संवेदना जताई। सांसद ने जिलाधिकारी से बात कर निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने को कहा।


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