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कबूतरों को दाना खिलाने पर क्यों लगता है जुर्माना? जानिए इसको लेकर क्या कहता है कानून? 

कबूतरों को दाना खिलाने पर क्यों लगता है जुर्माना? जानिए इसको लेकर क्या कहता है कानून? 

 

Pigeon Feeding Fine: हम अक्सर देखते हैं कि लोग पार्क, सड़क या अपने घर के पास कबूतर और अन्य पक्षियों को दाना डालते हैं। इसे एक अच्छी आदत माना जाता है, लेकिन हाल ही में नगर निकायों जैसे NDMC और MCD ने सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना खिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी बीच एक मामला काफी वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति का कबूतरों को दाना डालने पर चालान काट दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों के बीच इस नियम को लेकर चर्चा और भी बढ़ गई है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि आखिर कानून इस बारे में क्या कहता है?

ताजा मामला क्या है?

दरअसल, कानून सीधे तौर पर कबूतरों को दाना खिलाने पर रोक नहीं लगाता, लेकिन अगर यह काम सार्वजनिक जगहों पर किया जाता है और उससे गंदगी या बीमार करने वाली स्थिति पैदा होती है, साथ ही तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाता है। दिल्ली में Solid Waste Management Rules, 2016 और नगर निगम के नियमों के तहत सड़कें, फुटपाथ,पार्क, बाजारगार्डन,गोलचक्कर और भीड़भाड़ इलाकों में गंदगी फैलाना दंडनीय है। इसी वजह से कबूतरों को दाना डालने पर चालान किया जाता है, जो आमतौर पर 200 से 500 रुपये तक हो सकता है. हालांकि अलग-अलग शहरों में यह राशि अलग हो सकती है। 

कानून क्या कहता है?

इस तरह का कानून बनाने के पीछे सबसे बड़ा कारण कबूतरों से फैलने वाली बीमारियां हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कबूतरों की बीट में कई खतरनाक जीवाणु और फंगस पाए जाते हैं। जिससे  हिस्टोप्लाज्मोसिस, क्रिप्टोकोकोसिस और प्सिटाकोसिस जैसी बीमारियां फैल सकती हैं. जब सूखी बीट हवा में उड़ती है, तो उसके कण सांस के साथ शरीर में चले जाते हैं, जिससे फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा, इससे एलर्जी, अस्थमा और सांस से जुड़ी अन्य समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसी वजह से कुछ जगहों पर इसे नियमों का उल्लंघन माना जाता है और चालान काटा जा सकता है। 

NGT और बचाव के उपाय

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए National Green Tribunal ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है और नगर निकायों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ही दिल्ली में खुले में कबूतरों को दाना खिलाने के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। ऐसे में अगर आप पक्षियों को दाना खिलाना चाहते हैं तो बेहतर है कि इसे अपने घर की छत या किसी तय जगह पर करें, जहां इससे गंदगी न फैले। 


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