Asaduddin Owaisi: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने छात्र एक्टिविस्ट उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबी कैद के लिए कांग्रेस पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया है। यह बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़ी साज़िश के मामले में उनकी ज़मानत याचिकाएं खारिज करने के बाद आया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार कर दिया और अपने आदेश में इसके कारण भी साफ-साफ बताए। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत लगाए गए आरोपों का हवाला दिया।
खालिद और इमाम की हालत के लिए कांग्रेस ज़िम्मेदार: ओवैसी
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा कि खालिद और इमाम की मौजूदा स्थिति के लिए कांग्रेस सीधे तौर पर ज़िम्मेदार है क्योंकि इसी पार्टी ने UAPA के कड़े प्रावधानों को मज़बूत किया था। उन्होंने कहा कि जब पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे, तब UAPA में संशोधन किए गए थे, जिसके कारण विचाराधीन कैदी लंबे समय तक, यहां तक कि सालों तक जेल में रहते हैं। ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों विचाराधीन आरोपियों को ज़मानत नहीं दी और इसका कारण भी बताया। UPA सरकार के दौरान UAPA में आतंकवाद की परिभाषा जोड़ी गई थी। उसी कानून के आधार पर इन युवाओं को साढ़े पांच साल से ज़मानत नहीं मिली है।
कांग्रेस के कानूनों का दुरुपयोग हो रहा है - ओवैसी
AIMIM प्रमुख ने लोकसभा में अपने पुराने भाषण का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 2007-2008 में ही यह बात कही थी कि UAPA के कुछ प्रावधान व्यक्तिपरक हैं। ओवैसी ने कहा कि कानून की धारा 15 में "किसी अन्य माध्यम से" जैसे वाक्यांशों का इस्तेमाल बहुत व्यापक और अस्पष्ट है, और इसका दुरुपयोग किसी के भी खिलाफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिन प्रावधानों पर उन्होंने सालों पहले सवाल उठाए थे, आज उन्हीं के आधार पर उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत नहीं मिल रही है।
ओवैसी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए पूछा कि आज़ादी के बाद से क्या कोई कांग्रेस नेता कभी एक, दो या साढ़े पांच साल के लिए जेल गया है? गौरतलब है कि इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद समेत 5 अन्य आरोपियों को ज़मानत दे दी है।