Patna NEET Student Case: शंभू गर्ल्स हॉस्टल छात्रा मौत मामले में एंटी-डिप्रेशन टैबलेट से जुड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, बिहार की राजधानी पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत और उससे जुड़ी कथित दरिंदगी की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) दिन-रात जुटी हुई है। जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक ऐसा साइंटिफिक प्रूफ हाथ लगा है, जो छात्रा की मेंटल कंडिशन और घटनाक्रम की कई कड़ियों को जोड़ रहा है। SIT ने दवाओं के खाली स्ट्रिप्स के बैच नंबर के जरिए जहानाबाद के उस दुकान का पता लगा लिया है, जहां से छात्रा ने दवाएं खरीदी थीं। तफ्तीश में ये बात सामने आई है कि छात्रा गंभीर मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से गुजर रही थी और इसी के चलते वो भारी मात्रा में दवाएं ले रही थी।
जहानाबाद में खरीदी थी 6 पत्ता एंटी-डिप्रेशन की गोली
SIT की तफ्तीश में ये साफ हुआ है कि छात्रा 26 दिसंबर को अपने परिजनों के साथ पटना से जहानाबाद गई थी। वहां उसने एक स्थानीय दवा दुकान से एंटी-डिप्रेशन की छह पत्ता गोलियां खरीदी थीं। दुकानदार ने भी इस बात की पुष्टि की है। 5 जनवरी को जब वो वापस पटना लौटी, तो वो ये दवाएं अपने साथ लेकर आई थी। पुलिस अब उस डॉक्टर की तलाश कर रही है जिसने ये दवाएं लिखी थीं या ये पता लगा रही है कि क्या वो खुद से ये दवाएं ले रही थी?
अब परिजनों से पूछताछ की तैयारी में एसआईटी
सूत्रों के अनुसार, छात्रा के परिजन 26 दिसंबर को उसे लेने किराए की स्कॉर्पियो से पटना आए थे। जांच टीम अब परिजनों से भी इस संबंध में विस्तार से पूछताछ करने की तैयारी में है कि क्या उन्हें छात्रा की मानसिक स्थिति और इन दवाओं के सेवन के बारे में जानकारी थी? पुलिस ये समझना चाहती है कि छात्रा को डिप्रेशन किस वजह से था और क्या इसका घटना वाली रात से कोई सीधा संबंध है।
बैच नंबर से खुला राज और फिर बढ़ी तफ्तीश
हॉस्टल के कमरे से मिले खाली स्ट्रिप्स की फॉरेंसिक और बैच नंबर जांच SIT के लिए मील का पत्थर साबित हुई। इसी सुराग ने जांच का रुख पटना से जहानाबाद की ओर मोड़ा। वर्तमान में पुलिस ये भी देख रही है कि छात्रा ने हॉस्टल लौटने के बाद किन-किन लोगों से संपर्क किया था। SIT छात्रा के मोबाइल डेटा और हॉस्टल के अन्य साक्ष्यों के साथ इन मेडिकल रिपोर्टों का मिलान कर रही है ताकि मौत की असली वजह का पता चल सके।
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