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प्रयागराज माघ मेला में साधु-संतों व श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार अक्षम्य: अखिलेश यादव

प्रयागराज माघ मेला में साधु-संतों व श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार अक्षम्य: अखिलेश यादव

 

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज के माघमेला क्षेत्र में साधु-संतों, भक्तों और श्रद्धालुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य है। शाही स्नान की सदियों पुरानी सनातनी परंपरा में पिछले वर्ष भी इसी सरकार के कार्यकाल में अव्यवस्था के कारण व्यवधान उत्पन्न हुआ था और इस वर्ष भी वैसी ही स्थिति दोहराई गई है। 

'प्रशासन हर जगह ‘मुख्य' बनने की कोशिश करता है'

अखिलेश यादव ने कहा कि सवाल यह है कि ऐसे मामले भाजपा सरकार के दौरान ही बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या का शाही स्नान कोई नया आयोजन नहीं है, इसे हर वर्ष व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जाता रहा है। इसके बावजूद यदि आस्था के इस महापर्व में अव्यवस्था, दुर्व्यवहार और श्रद्धालुओं को अपमान झेलना पड़ रहा है, तो इसके लिए सरकार की नाकाम व्यवस्था और कुशासन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन-प्रशासन का रवैया लगातार अहंकारपूर्ण होता जा रहा है। प्रशासन हर जगह ‘मुख्य' बनने की कोशिश करता है, जबकि आस्था और परंपरा के आयोजनों में सहयोग, संवेदनशीलता और समन्वय सबसे जरूरी होता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब कहीं इस पूरे मामले का दोष भी‘एआई'पर डालने की कोशिश न की जाए।       

सपा प्रमुख ने लगाए ये आरोप 

अखिलेश यादव ने कहा कि यदि प्रदेश के गृह सचिव अपनी मनमानी कर रहे हैं, तो यह भी गंभीर विषय है और यदि वे किसी के निर्देश पर ऐसा कर रहे हैं तो यह और भी अधिक चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कारर्वाई सुनिश्चित हो। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लापरवाह और संवेदनहीन है तथा हर वर्ग का अपमान करना अपना अधिकार समझती है। सरकार को समझना चाहिए कि धार्मिक आयोजनों में अव्यवस्था फैलाना और श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार करना प्रदेश की छवि और सामाजिक सछ्वाव दोनों के लिए घातक है। 
 


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