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दिवाली पर लक्ष्मी पूजन करते समय न करें ये गलतियां, इन बातों का रखें खास ध्यान

दिवाली पर लक्ष्मी पूजन करते समय न करें ये गलतियां, इन बातों का रखें खास ध्यान

 

Diwali Puja Rules: क्या आप भी दिवाली की रात माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए पूरी तैयारी करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि छोटी-सी लापरवाही भी सारा फल बेकार कर सकती है? रोशनी और खुशियों का पावन त्योहार दिवाली इस साल 8 नवंबर 2026, रविवार को पूरे देश में बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस खास रात को घरों में मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा के दौरान कुछ कड़े नियमों और सावधानियों का पालन करना बेहद जरूरी होता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा बरकत बनी रहे, तो पूजन से जुड़ी इन जरूरी गलतियों को समय रहते जान लेना चाहिए।

किन बातों का रखें ध्यान?

दिवाली की शाम जब आप मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए बैठते हैं, तो सबसे पहले अपने घर की और खुद की शुद्धता का पूरा ख्याल रखना चाहिए। कभी भी गंदे या फटे हुए कपड़ों को पहनकर पूजा में नहीं बैठना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि इससे देवी मां नाराज हो जाती हैं। इसके अलावा पूजा स्थल पर किसी भी प्रकार की गंदगी या जूठे बर्तन आसपास नहीं होने चाहिए, क्योंकि साफ जगह पर ही माता का वास माना जाता है। स्नान करने के बाद ही पूजा की थाली सजाएं और मन में किसी के प्रति भी कोई मैला विचार न रखें। जब आपका तन और मन दोनों पूरी तरह से पवित्र होते हैं, तभी आपकी अर्पित सामग्री भगवान तक पहुंचती है और उसका शुभ फल आपको प्राप्त होता है।

खंडित मूर्तियों और टूटे हुए दीपकों का इस्तेमाल

दीपावली के इस पावन अनुष्ठान में कभी भी खंडित मूर्तियों या टूटी हुई सामग्री का इस्तेमाल करने की भूल बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की ऐसी मूर्तियां, जिनका कोई भी हिस्सा टूटा या चटक चुका हो, उन्हें पूजा में रखने से अशुभ फल मिलने की मान्यता है। इसके अलावा पूजा के समय जो दीपक जलाए जाते हैं, वे भी कहीं से चटके या टूटे हुए नहीं होने चाहिए, क्योंकि मान्यता के अनुसार इससे घर में नकारात्मकता आ सकती है। हमेशा साफ-सुथरे और साबुत दीयों का ही चयन करें, ताकि रोशनी ठीक से फैल सके। इन छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने से घर की सुख-शांति प्रभावित हो सकती है, इसलिए हर सामान को बहुत सावधानी से जांच लेना चाहिए।

पूजन के समय सही दिशा और नियम

पूजा करते समय सही दिशा का ज्ञान होना बहुत जरूरी माना जाता है। मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपका मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर ही हो। दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके देवी की पूजा करने से बचने की मान्यता है, क्योंकि यह दिशा दूसरी शक्तियों से जुड़ी मानी जाती है। इसके साथ ही पूजन के बीच में से उठना या किसी से फालतू बात करना भी अशुभ माना जाता है। जब तक आरती और भोग की पूरी प्रक्रिया संपन्न न हो जाए, तब तक अपना पूरा ध्यान केवल ईश्वर की भक्ति में ही लगाना चाहिए, ताकि पूजा का पूर्ण प्रभाव आपके जीवन पर पड़े।

आरती के तुरंत बाद पूजा स्थल को सूना छोड़ने की भूल

कई बार लोग दिवाली की रात पूजा और आरती समाप्त होते ही तुरंत वहां से उठकर चले जाते हैं और दीयों को अकेला छोड़ देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से बचना चाहिए, क्योंकि पूजा स्थल पर कुछ समय तक शांति और ध्यान बनाए रखना जरूरी माना जाता है। इसके अलावा घर के मुख्य दरवाजे पर जलाए गए दीये को रात भर सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि रोशनी बुझ न पाए। पूजा के बाद प्रसाद का वितरण सभी पारिवारिक सदस्यों में आदर के साथ करें और उसे यूं ही बिखरा हुआ न छोड़ें। इन जरूरी नियमों का सही ढंग से पालन करने पर ही दिवाली की असली सफलता मानी जाती है और घर का हर सदस्य पूरे साल खुशहाल जीवन बिताने की कामना करता है।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। जनता टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए astropatri.com पर संपर्क करें।


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