होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
बिजनेस
मनोरंजन
सेहत
नॉलेज
फैशन/लाइफ स्टाइल
अध्यात्म

 

देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई की बदली तस्वीर, इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी,विकास को दिया नया आयाम

देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई की बदली तस्वीर, इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी,विकास को दिया नया आयाम

 

Mumbai News: पिछले एक दशक में मुंबई ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, हाउसिंग और पब्लिक सर्विसेज़ में रिकॉर्ड निवेश के कारण एक बड़ा बदलाव देखा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में “मुंबई ट्रांसफॉर्मेशन” विज़न का फोकस शहरी चुनौतियों को कम करने, ट्रैफिक जाम घटाने और मुंबई को एक आधुनिक व वैश्विक स्तर का शहर बनाने पर रहा, साथ ही भारत की वित्तीय राजधानी के रूप में इसकी केंद्रीय भूमिका को भी मजबूत किया गया। सबसे बड़ा बदलाव उन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से आया है, जिन्हें वर्षों तक रोका गया था और अब उन्हें तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। एक समन्वित मास्टर प्लान के तहत सड़कों, सी-लिंक, मेट्रो कॉरिडोर और एयरपोर्ट विस्तार को एक साथ आगे बढ़ाया गया, जिससे मुंबई की तात्कालिक शहरी समस्याओं का समाधान हुआ और एशिया में एक प्रमुख फाइनेंशियल व टेक्नोलॉजी हब के रूप में इसकी दीर्घकालिक महत्वाकांक्षाओं को साकार करने का रास्ता बना।

देवेंद्र फडणवीस के मुंबई मास्टर प्लान की रीढ़ ट्रांसपोर्ट सेक्टर

देवेंद्र फडणवीस के मुंबई मास्टर प्लान की रीढ़ ट्रांसपोर्ट सेक्टर रहा है। सरकार ने सड़कों, रेलवे, मेट्रो लाइनों और समुद्री मार्गों को जोड़ने वाले एकीकृत ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को प्राथमिकता दी। लंबे समय से अटकी परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई, पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया गया और सख्त समयसीमा के तहत उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया, ताकि जमीनी स्तर पर काम पूरा हो सके और यात्रियों को शीघ्र राहत मिले। मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, जिसे लोकप्रिय रूप से अटल सेतु कहा जाता है, इस दिशा में एक ऐतिहासिक परियोजना है। यह 21.8 किलोमीटर लंबा समुद्री पुल दक्षिण मुंबई को नवी मुंबई के पास न्हावा शेवा से जोड़ता है, जिससे पुणे और गोवा हाइवे तक तेज़ी से पहुंच संभव होती है। इस परियोजना ने मौजूदा सड़क मार्गों पर दबाव कम किया और औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा लॉजिस्टिक्स विकास के लिए नए रास्ते खोले हैं।

मेट्रो विस्तार और शहरी मोबिलिटी

मेट्रो विस्तार मुंबई के बदलाव का एक और अहम स्तंभ रहा है। वर्षों की धीमी प्रगति के बाद नए अनुमोदन और फंडिंग से मेट्रो परियोजनाओं में तेज़ी आई। मेट्रो लाइन-3 (कोलाबा–बांद्रा–SEEPZ) जैसे प्रमुख कॉरिडोर के साथ-साथ उपनगरों में मेट्रो लाइन-2A और 7 ने पूरे शहर में हाई-कैपेसिटी ट्रांजिट रूट तैयार किए। इनके शुरू होने से रोज़ाना यात्रियों की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी हुई, जिससे कई हिस्सों में उपनगरीय रेलवे नेटवर्क पर दबाव कम हुआ। मेट्रो स्टेशनों के आसपास बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी ने आवासीय और वाणिज्यिक विकास को बढ़ावा दिया, जो घनी आबादी वाले शहर में ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट के सिद्धांतों के अनुरूप है।

आर्थिक विज़न और वैश्विक महत्वाकांक्षाएं

ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ फडणवीस सरकार ने शहरी विकास को एक व्यापक आर्थिक रणनीति से जोड़ा। इसका उद्देश्य मुंबई को वैश्विक फाइनेंशियल और फिनटेक हब के रूप में सुदृढ़ करना था। नीतिगत उपायों में व्यापार विस्तार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करना और स्टार्टअप्स व मल्टीनेशनल कंपनियों को आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया गया। 

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट

इस विज़न के तहत नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में उभरा। एयर ट्रैफिक में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरे एयरपोर्ट की आवश्यकता थी। इस परियोजना ने नवी मुंबई और रायगढ़ क्षेत्र में विकास को गति दी, जहाँ नई टाउनशिप, ऑफिस स्पेस और लॉजिस्टिक्स हब के ज़रिये रोज़गार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी पार्क के लिए इंसेंटिव देकर बड़ी वैश्विक कंपनियों को आकर्षित किया गया, जिससे मुंबई की पहचान एक मजबूत फिनटेक और डिजिटल सर्विसेज हब के रूप में और सुदृढ़ हुई।

समावेशी विकास और शहरी नवीनीकरण


मुंबई मास्टर प्लान का एक प्रमुख उद्देश्य समावेशी विकास सुनिश्चित करना रहा। सरकार का लक्ष्य यह था कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुँचे, न कि केवल अमीर इलाकों तक। सुरक्षित आवास और बेहतर जीवन स्थितियाँ उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास, सार्वजनिक आवासों का उन्नयन और पुरानी चालों के पुनर्विकास की शुरुआत की गई। धारावी पुनर्विकास परियोजना को सबसे महत्वाकांक्षी शहरी नवीनीकरण प्रयासों में से एक माना जाता है, जिसके तहत दुनिया की सबसे बड़ी अनौपचारिक बस्तियों में से एक धारावी को कानूनी आवास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय उद्योगों के लिए बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फिर से डिज़ाइन किया जा रहा है। इसी तरह, बीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना मध्यम आय वर्ग के निवासियों के लिए सुरक्षित पुनर्वास पर केंद्रित है।
 


संबंधित समाचार