Myanmar Airstrike: म्यांमार के रखाइन प्रांत में सेना ने बड़ा हवाई हमला किया है. अराकान आर्मी और बचाव कार्य से जुड़े एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि म्यांमार की सेना ने पश्चिमी रखाइन राज्य में एक भीड़-भाड़ वाले बाजार के पास हवाई हमला किया, जिसमें कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई, जबकि 58 लोग घायल हुए हैं. यह हमला एक ताकतवर जातीय सशस्त्र समूह के नियंत्रण वाले इलाके में हुआ है.
मरने वालों में विक्रेता-खरीदार समेत राहगीर शामिल
मारे गए लोगों में आम नागरिक शामिल हैं. जिनमें सामान बेचने वाले, खरीदार और पैदल चलने वाले लोग भी शामिल है. क्याउकटाव टाउनशिप में हुआ यह हमला म्यांमार में लंबे समय से चल रहे सशस्त्र संघर्ष के दौरान हुआ सबसे हालिया घातक हवाई हमला माना जा रहा है. बता दें कि राज्य में यह संघर्ष फरवरी 2021 में आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार से सेना द्वारा सत्ता हथियाने के बाद से और तेज हुआ है.
क्यौकटाव में बाजार के पार हवाई हमला
अराकान आर्मी के मुताबिक, सोमवार दोपहर के वक्त एक लड़ाकू विमान ने स्थानीय बाजार के पास दो बम गिराए. समूह ने बताया कि इस हमले में 49 लोगों की मौत हो गई और 58 अन्य घायल हो गए. घायलों में से 22 लोगों की हालत गंभीर बताई गई है. रखाइन में बचाव कार्य से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी, वाई हुन आंग ने भी 'द एसोसिएटेड प्रेस' को हताहतों की संख्या की पुष्टि की. उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद बचाव कर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर यह पुष्टि की.
क्यौकटाव बाजार इलाके का मुख्य थोक केंद्र
उन्होंने कहा कि यह बाजार इलाके का मुख्य थोक केंद्र है और यहां रखाइन राज्य के अलग-अलग हिस्सों से व्यापारी और खरीदार आते हैं. उन्होंने आगे कहा, "यह रखाइन में हुए सबसे भीषण हवाई हमलों में से एक है." क्यौकटाव, म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले से लगभग 340 किलोमीटर (210 मील) पश्चिम में स्थित है. इस इलाके पर अराकान आर्मी का नियंत्रण है, जो देश के सबसे शक्तिशाली जातीय सशस्त्र संगठनों में से एक बनकर उभरा है.
इमारतों को नुकसान, गाड़ियों में लगी आग
इस बीच सोशल मीडिया पर इस हमला से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं. जिसमें हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. तस्वीरों में जलती हुई इमारतें, क्षतिग्रस्त गाड़ियां और पास के एक पुल के कुछ हिस्सों को देखा जा सकता है. हालांकि, अभी तक इस हमले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है. म्यांमार की सेना ने इस घटना पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की. सेना का पहले से ही यह कहना रहा है कि उसके हवाई अभियान वैध सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हैं और उसने सशस्त्र विद्रोही समूहों पर आतंकवाद का आरोप लगाया है.