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8 साल बाद बाजार लगातार 9वें दिन हुआ पस्त

 

23 मई को लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने हैं और इससे पहले ही भारतीय शेयर बाजार का मूड लगातार खराब होता जा रहा है। सप्‍ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को एक बार फिर बाजार कारोबार के शुरुआत में ही 50 अंक से ज्‍यादा टूट गया और सेंसेक्‍स लुढ़क कर 37 हजार के करीब आ गया है।

इसी तरह निफ्टी भी मामूली बढ़त के साथ 11,150 के आंकड़े पर कारोबार करता नजर आया। सोमवार को 9 फीसदी की फिसलन के बाद आज सनफार्मा में 4 फीसदी से ज्‍यादा बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा वेदांता, आईटीसी और रिलायंस के शेयर भी 2 फीसदी के करीब तेजी के साथ कारोबार करते देखे गए। जबकि टाटा स्‍टील, एलएंडटी और एचसीएल के शेयर लाल निशान पर रहे।

इससे पहले सोमवार को सेंसेक्‍स 372 अंक यानी 0.99 फीसदी घटकर 37 हजार 90 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी कारोबार के अंत में 130 अंक यानी 1.16 फीसदी घटकर 11,148 अंक पर बंद हुआ। यह लगातार नौवां दिन था जब शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। करीब 8 साल बाद यह पहली बार है जब बाजार लगातार नौवें दिन पस्‍त हुआ है। इस 9 दिन में सेंसेक्‍स 1950 अंकों के करीब टूट गया है जबकि निफ्टी भी करीब 700 अंक लुढ़का है। शेयर बाजार के इस बुरे हालात के बीच निवेशकों के 8.56 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं।

दुनिया की दो बड़ी शक्तियां अमेरिका और चीन के बीच कारोबारी मोर्चे पर तनाव बढ़ता जा रहा है। इसका असर भारत समेत एशिया के सभी बाजारों पर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा भारत में राजनीतिक अस्थिरता की वजह से भी निवेशक सहमे हुए हैं। दरअसल, राजनीति के पंडितों को स्‍पष्‍ट बहुमत की सरकार बनती हुई नजर नहीं आ रही है। यही वजह है कि निवेशकों में डर का माहौल है। मंगलवार के कारोबार में खुदरा महंगाई दर के आंकड़ों का भी असर देखने को मिला।

बता दें कि देश में खाद्य पदार्थो और ईंधन की कीमतें बढ़ने के कारण अप्रैल में खुदरा महंगाई दर बढ़ी है. अप्रैल में खुदरा महंगाई दर 2.92 फीसदी दर्ज की गई, जबकि इससे पिछले महीने मार्च में खुदरा महंगाई दर 2.86 फीसदी दर्ज की गई थी। हालांकि सालाना आधार पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) अप्रैल 2019 में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले नीचे रहा। पिछले साल अप्रैल में खुदरा महंगाई दर 4.58 फीसदी दर्ज की गई थी।


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